HBSE Class 7 Social Science Half Yearly Question Paper 2026 Answer Key

Haryana Board (HBSE) Class 7 Social Science Half Yearly Question Paper 2026 Answer Key

निर्देश :
• सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
• प्रश्न संख्या 1 से 20 प्रत्येक 1 अंक का है।
• प्रश्न संख्या 21 से 28 प्रत्येक 2 अंक का है।
• प्रश्न संख्या 29 से 36 प्रत्येक 3 अंक का है।
• प्रश्न संख्या 37 से 40 प्रत्येक 5 अंक का है।

1. सोना, पेट्रोलियम एवं कोयला किसके उदाहरण हैं?
(A) शैल
(B) खनिज
(C) जीवाश्म
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (B) खनिज

2. इंडिज शब्द भारत की ………….. नदी से लिया गया है।
(A) गंगा
(B) यमुना
(C) सिंधु
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (C) सिंधु

3. इनमें से कौन-सा प्राकृतिक पारितंत्र नहीं है?
(A) मरुस्थल
(B) ताल
(C) वन
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (B) ताल (तालाब)

4. इनमें से शासन का कौन-सा स्तर है?
(A) स्थानीय स्तर
(B) राज्य स्तर
(C) केन्द्रीय स्तर
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर – (D) उपरोक्त सभी

5. राज्य का प्रमुख क्या कहलाता है?
(A) प्रधानमंत्री
(B) राज्यपाल
(C) मुख्यमंत्री
(D) राष्ट्रपति
उत्तर – (B) राज्यपाल

6. घर के कार्य तथा देखभाल की जिम्मेदारी किसकी मानी जाती है?
(A) पुरुष
(B) स्त्री
(C) बच्चे
(D) बुजुर्ग
उत्तर – (B) स्त्री

7. भारत में कितने वर्ष में जनगणना होती है?
(A) दस
(B) नौ
(C) आठ
(D) पांच
उत्तर – (A) दस

8. असमानता का आधार क्या है?
(A) जाति
(B) धर्म
(C) आर्थिक स्थिति
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (D) उपर्युक्त सभी

9. आम तौर पर स्वास्थ्य को माना जाता है :
(A) चोटों से मुक्त रहने की क्षमता
(B) बीमारियों से मुक्त रहने की क्षमता
(C) A और B दोनों
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर – (C) A और B दोनों

10. बंगाल का कौन-सा शासक हर्षवर्धन का समकालीन था?
(A) शशांक
(B) पुलकेशिन-I
(C) भास्कर वर्मा
(D) ध्रुव सेन
उत्तर – (A) शशांक

11. पृथ्वी की सतह की सबसे ऊपरी परत को क्या कहते हैं?
उत्तर – भूपर्पटी (क्रस्ट)

12. महान कवि भारवी, पल्लव वंश के राजा सिंहविष्णु के दरबारी कवि थे। (सही / गलत)
उत्तर – सही

13. भूकंपीय तरंगे …………… प्रकार की होती हैं।
उत्तर – तीन (P, S और L तरंगें)

14. प्रधानमंत्री ने …………. को ‘स्वच्छ भारत मिशन’ का शुभारंभ किया।
उत्तर – 2 अक्टूबर 2014

15. भूकंप की तीव्रता किस यन्त्र पर मापी जाती है?
उत्तर – रिक्टर स्केल (सीस्मोग्राफ)

16. उत्तरी रेलवे की ………….. पहली महिला इंजन चालक हैं।
उत्तर – लक्ष्मी लाकड़ा

17. ………….. ई. में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू हुआ।
उत्तर – 2015 ई.

18. राजा हर्षवर्धन के दरबारी कवि कौन थे?
उत्तर – बाण भट्ट

19. कांची के कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
उत्तर – पल्लव

20. विधानसभा के सदस्य को ………….. कहा जाता है।
उत्तर – विधायक या MLA

21. किसी नगर के अतीत को किन-किन स्रोतों से जाना जा सकता है?
उत्तर – किसी नगर के अतीत को मुख्य रूप से पुरातात्विक स्रोतों (पुराने भवन, किले, सिक्के) और साहित्यिक स्रोतों (पांडुलिपियाँ, शिलालेख, पुरानी किताबें) से जाना जाता है।

22. चूना पत्थर संगमरमर में कैसे बदलता है?
उत्तर – जब चूना पत्थर पर लंबे समय तक अधिक ताप और दबाव पड़ता है तो उसकी संरचना बदल जाती है और वह रूपांतरित शैल संगमरमर में बदल जाता है।

23. वैदिक साहित्य में कितने वेद ग्रन्थ है?
उत्तर – वैदिक साहित्य में चार वेद ग्रन्थ हैं: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।

24. जैवमंडल क्या है?
उत्तर – पृथ्वी का वह भाग जहाँ जीव-जंतु, पौधे और सूक्ष्म जीव रहते हैं, जैवमंडल कहलाता है। इसमें स्थल, जल और वायुमंडल का वह क्षेत्र शामिल होता है जहाँ जीवन संभव है।

25. तीन प्रकार की शैलों के नाम लिखें।
उत्तर – (i) आग्नेय शैल
(ii) अवसादी शैल
(iii) रूपांतरित शैल

26. गठबंधन सरकार से आप क्या समझते हैं?
उत्तर – जब किसी चुनाव में किसी एक राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता, तब वह दो या दो से अधिक दलों की साझेदारी के माध्यम से बहुमत प्राप्त करता है। इस प्रकार बनी सरकार, गठबंधन सरकार कहलाती हैं।

27. शैलों के क्या उपयोग है?
उत्तर – शैलों का उपयोग भवन निर्माण, सड़कों, पुलों, मूर्तियों और औद्योगिक सामग्री बनाने में किया जाता है। कुछ शैलें खनिजों और धातुओं का भी स्रोत होती हैं।

28. पल्लव काल में निर्मित मंदिरों की क्या विशेषताएं थी?
उत्तर – पल्लव काल में मंदिर पत्थरों को काटकर बनाए जाते थे, जिन्हें रथ मंदिर कहा जाता था। इन मंदिरों में सुंदर मूर्तिकला और नक्काशी की गई थी तथा इनमें द्रविड़ स्थापत्य शैली का प्रयोग किया गया था। महाबलीपुरम के पंच रथ और कैलाशनाथ मंदिर इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

29. हमें सरकार को कर क्यों देना चाहिए?
उत्तर – हमें सरकार को कर इसलिए देना चाहिए क्योंकि सरकार उसी धन से देश के विकास के कार्य करती है। कर से प्राप्त धन से सरकार सड़कें, स्कूल, अस्पताल, पुल और अन्य जनसुविधाएँ बनाती है। इसके साथ ही यह धन सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबों की सहायता जैसे कार्यों में भी उपयोग किया जाता है। इसलिए हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह ईमानदारी से कर दे, ताकि देश तरक्की कर सके।

30. मध्याहन भोजन कार्यक्रम के तीन लाभ बताइए।
उत्तर – मध्याहन भोजन (Mid day meal) कार्यक्रम से विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन मिलता है जिससे उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इससे विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ती है और गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलती है। इसके अतिरिक्त बच्चों में समानता और आपसी सहयोग की भावना भी बढ़ती है।

31. भारतीय लोकतंत्र में समानता का क्या अर्थ है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर – भारतीय लोकतंत्र में समानता का अर्थ है कि सभी नागरिकों को कानून के सामने समान अधिकार और अवसर प्राप्त हैं। जाति, धर्म, लिंग या भाषा के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। सभी नागरिकों को शिक्षा, रोजगार और मतदान का समान अधिकार प्राप्त है। इसी सिद्धांत के कारण भारत को एक लोकतांत्रिक और समानतापूर्ण राष्ट्र माना जाता है।

32. पुलकेशिन द्वितीय की तीन उपलब्धियों का वर्णन करें?
उत्तर – पुलकेशिन द्वितीय चालुक्य वंश का महान शासक था। उसने अपने राज्य की सीमाओं का विस्तार किया और अनेक युद्धों में विजय प्राप्त की। उसने उत्तर भारत के शक्तिशाली शासक हर्षवर्धन को भी युद्ध में पराजित किया। उसके शासनकाल में राज्य की शक्ति और समृद्धि में काफी वृद्धि हुई।

33. मिहिरभोज के बारे में बताइए।
उत्तर – मिहिरभोज गुर्जर-प्रतिहार वंश का एक शक्तिशाली शासक था। उसने लगभग 836 ई. से 885 ई. तक शासन किया। उसकी राजधानी कन्नौज थी। उसके शासनकाल में प्रतिहार साम्राज्य बहुत शक्तिशाली बना और उसने अनेक युद्धों में विजय प्राप्त की। उसे आदिवराह की उपाधि भी प्राप्त थी और उसने अपने राज्य में शांति और समृद्धि स्थापित की।

34. लोकतंत्र में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर – लोकतंत्र में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार महत्वपूर्ण है क्योंकि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के वोट देने का अधिकार मिलता है। इससे सभी नागरिक चुनावों में भाग लेकर अपनी पसंद की सरकार चुन सकते हैं। यह सरकार को जनता के प्रति उत्तरदायी बनाता है और लोकतंत्र में जनता की भागीदारी, गरिमा एवं महत्त्व को सुनिश्चित करता है।

35. पाल, प्रतिहार एवं राष्ट्रकूट वंश के लिए कन्नौज क्यों महत्वपूर्ण था? संक्षेप में व्याख्या करें।
उत्तर – पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट वंशों के लिए कन्नौज अत्यंत महत्वपूर्ण था क्योंकि यह प्राचीन भारत का एक राजनीतिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्र था। हर्षवर्धन ने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाकर इसे गौरवपूर्ण स्थान दिया था। यह नगर गंगा के किनारे स्थित था, इसलिए इसका क्षेत्र बहुत उपजाऊ और समृद्ध था तथा व्यापार के लिए भी उपयुक्त था। उस समय यह माना जाता था कि जो राजा कन्नौज पर अधिकार करेगा, वही पूरा उत्तर भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली शासक माना जाएगा। इसी कारण पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट वंशों ने कन्नौज पर अधिकार के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष किया, जिससे यह नगर राजनीतिक दृष्टि से और भी अधिक महत्वपूर्ण बन गया।

36. “पाल वंश का शिक्षा एवं साहित्य में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है” कथन की व्याख्या करें।
उत्तर – पाल वंश के शासकों ने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अनेक प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों और बौद्ध मठों को संरक्षण प्रदान किया। नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय पाल शासकों के संरक्षण में बहुत विकसित हुए, जहाँ दूर-दूर से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने आते थे। इन विश्वविद्यालयों में बौद्ध धर्म, दर्शन, व्याकरण, चिकित्सा और तर्कशास्त्र जैसे विषय पढ़ाए जाते थे। इस काल में बौद्ध धर्म के अनेक ग्रंथों की रचना और अध्ययन को भी बढ़ावा मिला। इस प्रकार पाल वंश ने शिक्षा और साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

37. भारतीय संस्कृति के प्रसार में किन-किन की भूमिका रही है? व्याख्या करें।
उत्तर – भारतीय संस्कृति के प्रसार में व्यापारियों, यात्रियों, विद्वानों और धर्म प्रचारकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापारी समुद्री और स्थल मार्गों से अन्य देशों में व्यापार करते हुए भारतीय रीति-रिवाज, भाषा और परंपराएँ भी वहाँ तक ले गए। बौद्ध और जैन भिक्षुओं ने भी विभिन्न देशों में जाकर भारतीय धर्म और संस्कृति का प्रचार किया। इसके अलावा भारतीय विद्वान और यात्री भी विदेशों में जाकर ज्ञान और संस्कृति का प्रसार करते थे। समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक संपर्क के कारण भारतीय कला, धर्म, भाषा और स्थापत्य कला का प्रभाव दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में दिखाई देता है।

38. विधायक और मंत्री में क्या भेद है?
उत्तर : विधायक – विधायक (MLA) एक राज्य विधानसभा का सदस्य होता है। उसका मुख्य कार्य अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और मुद्दों को विधानसभा में उठाना होता है। विधायक राज्य सरकार की नीतियों और विधेयकों पर चर्चा और मतदान में भाग लेते हैं।
• मंत्री – मंत्री (Minister) एक सरकार के सदस्य होते हैं जो विशेष विभाग या मंत्रालय के प्रभारी होते हैं। मंत्रियों का चयन आमतौर पर मुख्यमंत्री द्वारा किया जाता है, और उनका कार्य संबंधित विभाग की नीतियों और कार्यों का प्रबंधन करना होता है। मंत्रियों की नियुक्ति सरकार के कार्यकाल के दौरान होती है और वे आमतौर पर विधायक भी होते हैं, लेकिन सभी विधायक मंत्री नहीं होते।

39. अपक्षय और अपरदन में अंतर स्पष्ट करो।
उत्तर –

अपक्षयअपरदन
1. अपक्षय वह प्रक्रिया है जिसमें चट्टानें अपने स्थान पर ही तापमान, वर्षा, हवा और जैविक क्रियाओं के प्रभाव से टूट-फूट जाती हैं।1. अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें जल, पवन, हिमनद या समुद्री लहरें इन टूटे हुए कणों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर भूमि को काटती और घिसती हैं।
2. अपक्षय स्थानीय प्रक्रिया है, जो चट्टानों को उनके स्थान पर ही प्रभावित करती है।2. अपरदन गतिशील प्रक्रिया है, जो पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है।
3. अपक्षय मुख्य रूप से तापमान में परिवर्तन, वर्षा, पादप-मूल, जीव-जंतु आदि के कारण होती है।3. अपरदन नदियों, हवाओं, हिमनदों और समुद्री लहरों के द्वारा होता है।
4. अपक्षय से चट्टानें टूटकर रेत, मिट्टी या छोटे टुकड़ों में बदल जाती हैं।4. अपरदन से पृथ्वी की सतह पर नए स्थलरूप जैसे घाटियाँ, नदी तट, बालू के टीले और पर्वतीय कटाव बनते हैं।

 

40. पवन किसे कहते हैं? इसे कितने प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है?
उत्तर – जब वायु एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर वायुदाब के अंतर के कारण चलती है, तो उसे पवन कहा जाता है। पवन पृथ्वी के वायुमंडल का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो तापमान, नमी और जलवायु को संतुलित रखती है।
पवन को तीन मुख्य प्रकारों में विभाजित किया गया है :
(i) स्थायी पवनें – ये पवनें पूरे वर्ष लगभग एक ही दिशा में समान रूप से चलती हैं और पृथ्वी पर बनने वाले स्थायी दाब क्षेत्रों पर निर्भर करती हैं। प्रमुख स्थायी पवनें हैं: व्यापारिक पवनें, पश्चिमी पवनें और ध्रुवीय पवनें, जो पृथ्वी के विभिन्न भागों में ऊष्मा और नमी का संतुलन बनाए रखती हैं।
(ii) मौसमी पवनें – ये पवनें ऋतु परिवर्तन के साथ अपनी दिशा बदलती हैं। इसका प्रमुख उदाहरण भारतीय मानसून है, जो ग्रीष्म ऋतु में दक्षिण-पश्चिम दिशा से वर्षा लाता है और शीत ऋतु में उत्तर-पूर्व दिशा से बहता है। ये पवनें कृषि और वर्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
(iii) स्थानीय पवनें – ये किसी विशेष क्षेत्र में स्थानीय तापमान, स्थलाकृति और वायुदाब के अंतर के कारण चलती हैं। उदाहरणस्वरूप: लू, फोहन, चिनूक, समुद्री पवन और स्थलीय पवन, जो अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम को प्रभावित करती हैं।