Haryana Board (HBSE) Class 11 Economics Question Paper 2024 Answer Key
1. प्रतिदर्श आँकड़े की विश्वसनीयता निर्भर करती है : (1 Mark)
(a) प्रतिदर्श के आकार पर
(b) प्रतिदर्श की विधि पर
(c) प्रगणकों के प्रशिक्षण पर
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर – (d) उपरोक्त सभी
2. प्राथमिक आँकड़ों को एकत्रित करने के मुख्य स्रोत हैं : (1 Mark)
(a) प्रकाशित स्रोत
(b) अप्रकाशित स्रोत
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (c) (a) और (b) दोनों
3. मध्य मूल्य ज्ञात करने का सूत्र है : (1 Mark)
(a) L2 – L1
(b) L2 + L1
(c) (L1 + L2) / 2
(d) (L1 – L2) / 2
उत्तर – (c) (L1 + L2) / 2
4. सहसम्बन्ध गुणांक सदैव किसके मध्य होता है? (1 Mark)
(a) 0 तथा +1
(b) –1 तथा 0
(c) –1 तथा +1
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (c) –1 तथा +1
5. पाई आरेख का दूसरा नाम है : (1 Mark)
(a) वृत्तीय आरेख
(b) दण्ड आरेख
(c) आयत चित्र
(d) बहुभुज
उत्तर – (a) वृत्तीय आरेख
6. शीर्षक में जहाँ तक सम्भव हो …………… का प्रयोग किया जाना चाहिए। (एकवचन / बहुवचन) (1 Mark)
उत्तर – एकवचन
7. किसी वर्ग की उच्च तथा निम्न सीमा के अन्तर को …………… कहते हैं। (मध्यमूल्य / वर्गविस्तार) (1 Mark)
उत्तर – वर्गविस्तार
8. माध्यिका किसी श्रृंखला का वह मूल्य है, जो श्रृंखला को दो …………… भागों में बाँटता है। (समान / असमान) (1 Mark)
उत्तर – समान
9. निम्नलिखित प्रश्न में दो कथन हैं : (1 Mark)
अभिकथन (A) : लैस्पेरे सूचकांक में आधार वर्ष की मात्रा ली जाती है।
तर्क (R) : पाशे सूचकांक में चालू वर्ष की मात्रा ली जाती है।
(a) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) अभिकथन (A) सत्य है, परन्तु तर्क (R) असत्य है।
(d) अभिकथन (A) असत्य है, परन्तु तर्क (R) सत्य है।
उत्तर – (b) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
10. निम्नलिखित प्रश्न में दो कथन हैं : (1 Mark)
अभिकथन (A) : सामान्य वक्र में माध्य = माध्यिका = बहुलक होते हैं।
तर्क (R) : सामान्य वक्र असीमित होते हैं।
(a) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) अभिकथन (A) सत्य है, परन्तु तर्क (R) असत्य है।
(d) अभिकथन (A) असत्य है, परन्तु तर्क (R) सत्य है।
उत्तर – (a) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
11. प्राथमिक आँकड़ों व द्वितीयक आँकड़ों में अन्तर स्पष्ट करें। (3 Marks)
उत्तर – प्राथमिक आँकड़े वे होते हैं जो किसी विशेष उद्देश्य से स्वयं द्वारा पहली बार एकत्र किए जाते हैं।
• द्वितीयक आँकड़े वे होते हैं जो पहले से किसी और द्वारा एकत्र किए गए होते हैं और हम उनका उपयोग करते हैं।
12. 10 विद्यार्थियों का जेब खर्च (रु० में) निम्नलिखित है। प्रत्यक्ष विधि द्वारा समान्तर माध्य (Mean) ज्ञात कीजिए : (3 Marks)
15, 20, 30, 22, 25, 18, 40, 50, 55, 65
उत्तर : समान्तर माध्य = कुल जोड़ / कुल संख्या = (15 + 20 + 30 + 22 + 25 + 18 + 40 + 50 + 55 + 65) / 10 = 340 / 10 = 34
अतः समान्तर माध्य = ₹ 34
अथवा
निम्न आँकड़ों की सहायता से कल्पित विधि द्वारा माध्य (Mean) ज्ञात करें :
70, 10, 500, 75, 13, 250, 8, 42
उत्तर – कुल अवलोकन (N) = 8
कल्पित माध्य (A) = 70 (सुविधा के लिए लिया गया)
| x | d = x – A |
| 70 | 70 – 70 = 0 |
| 10 | 10 – 70 = – 60 |
| 500 | 500 – 70 = 430 |
| 75 | 75 – 70 = 5 |
| 13 | 13 – 70 = – 57 |
| 250 | 250 – 70 = 180 |
| 8 | 8 – 70 = – 62 |
| 42 | 42 – 70 = – 28 |
| ∑d = 408 |
माध्य (Mean) = A + ∑d / N = 70 + 408 / 8 = 70 + 51 = 121
अतः माध्य = ₹ 121
13. निम्न आँकड़ों की सहायता से कोटि सह-सम्बन्ध गुणांक (Coefficient) ज्ञात करें : (4 Marks)
| X | 21 | 22 | 28 | 32 | 35 | 36 |
| Y | 28 | 20 | 25 | 38 | 34 | 32 |
उत्तर – माध्य (X) = (21 + 22 + 28 + 32 + 35 + 36) / 6 = 29
माध्य (Y) = (28 + 20 + 25 + 38 + 34 + 32) / 6 = 29.5
| X | Y | x = X – 29 | y = Y – 29.5 | x2 | y2 | xy |
| 21 | 28 | –8 | –1.5 | 64 | 2.25 | 12 |
| 22 | 20 | –7 | –9.5 | 49 | 90.25 | 66.5 |
| 28 | 25 | –1 | –4.5 | 1 | 20.25 | 4.5 |
| 32 | 38 | 3 | 8.5 | 9 | 72.25 | 25.5 |
| 35 | 34 | 6 | 4.5 | 36 | 20.25 | 27 |
| 36 | 32 | 7 | 2.5 | 49 | 6.25 | 17.5 |
| ∑x2 = 208 | ∑y2 = 211.5 | ∑xy = 153 |
गुणांक (r) = ∑xy / √(∑x2.∑y2) = 153 / √(208 × 211.5) = 153 / √43992 = 153 / 209.74 = 0.78
कोटि सह-संबंध गुणांक (r) = 0.78 (लगभग)
14. अपवर्जी श्रृंखला से क्या अभिप्राय है? एक उदाहरण से स्पष्ट करें। (4 Marks)
उत्तर – अपवर्जी श्रृंखला (Exclusive Series) वह श्रृंखला है जिसमें एक वर्ग की ऊपरी सीमा दूसरे वर्ग की निचली सीमा होती। है तथा प्रत्येक वर्गान्तर की ऊपरी सीमा के मूल्य स्तर वाला मद उस वर्ग में सम्मिलित न होकर अगले वर्गान्तर की निचली सीमा में सम्मिलित होता है।
अथवा
दण्ड आरेख से क्या अभिप्राय है? इसकी क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर – दण्ड आरेख (Bar Chart) एक प्रकार का आरेख है जिसमें डेटा को आयताकार बारों के रूप में दर्शाया जाता है। प्रत्येक बार की लंबाई या ऊंचाई डेटा के मान के समानुपाती होती है, जिससे विभिन्न श्रेणियों के डेटा की तुलना करना आसान हो जाता है।
15. सांख्यिकी की मुख्य सीमाओं का वर्णन करें। (4 Marks)
उत्तर – सांख्यिकी की मुख्य सीमाएं :
• गुणात्मक पहलुओं की अनदेखी
• व्यक्तिगत डेटा से संबंधित नहीं
• औसत सत्य
• केवल मात्रात्मक डेटा
• गलत व्याख्या की संभावना
16. आँकड़े एकत्रित करने की जनगणना विधि क्या है? इसके गुण व अवगुण लिखें। (6 Marks)
उत्तर – जब आँकड़े एकत्र करते समय सम्पूर्ण जनसंख्या या सभी इकाइयों से जानकारी प्राप्त की जाती है, तो उसे जनगणना विधि कहते हैं। इस विधि में प्रत्येक व्यक्ति, वस्तु या घटना की पूरी जानकारी ली जाती है।
जनगणना विधि के गुण :
• गहन अध्ययन
• अधिक विश्वसनीयता
• पक्षपात की कम संभावना
• विभिन्न प्रकार की जानकारी
• नीति निर्माण में सहायक
• शोध कार्य में उपयोगी
जनगणना विधि के अवगुण :
• अधिक समय और लागत
• विशाल क्षेत्र के लिए उपयुक्त नहीं
• गोपनीयता की चिंता
• सीमित सटीकता
• लचीलेपन की कमी
अथवा
वर्गीकरण से आपका क्या अभिप्राय है? इसके विभिन्न उद्देश्यों का वर्णन करें।
उत्तर – वर्गीकरण (Classification) का अर्थ है, डेटा को उसकी विशेषताओं के आधार पर विभिन्न समूहों, वर्गों या उप-वर्गों में व्यवस्थित करना।
वर्गीकरण के विभिन्न उद्देश्य :
• डेटा को सरल और संक्षिप्त बनाना – वर्गीकरण डेटा को छोटे, प्रबंधनीय समूहों में विभाजित करता है, जिससे जटिल डेटा को समझना आसान हो जाता है।
• तुलना में सहायता करना – विभिन्न समूहों की तुलना करके, हम डेटा के विभिन्न पहलुओं के बीच समानताएं और अंतरों को आसानी से समझ सकते हैं।
• विशेषताओं को उजागर करना– वर्गीकरण डेटा में छिपी हुई विशेषताओं और रुझानों को उजागर करने में मदद करता है, जो अन्यथा अनदेखी हो सकती हैं।
• विश्लेषण को आसान बनाना – वर्गीकरण डेटा को व्यवस्थित करता है, जिससे सांख्यिकीय विश्लेषण और व्याख्या करना आसान हो जाता है।
• भविष्यवाणी में मदद करना – वर्गीकृत डेटा का उपयोग भविष्य की घटनाओं की भविष्यवाणी करने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि किसी विशेष उत्पाद की मांग का अनुमान लगाना।
• वैज्ञानिक अनुसंधान में मदद करना – वर्गीकरण का उपयोग जीवों, खनिजों और अन्य वस्तुओं को व्यवस्थित करने और उनके बीच संबंधों का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।
17. माध्यिका और बहुलक ज्ञात करें : (6 Marks)
| मध्य बिन्दु | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| बारम्बारता | 3 | 10 | 12 | 20 | 12 | 10 | 3 |
उत्तर – कुल बारंबारता (N) = 3 + 10 + 12 + 20 + 12 + 10 + 3 = 70
माध्यिका स्थान = (N + 1) / 2 = (70 + 1) / 2 = 71 / 2 = 35.5th
| मध्य बिन्दु (x) | बारम्बारता (f) | संचित बारम्बारता (cf) |
| 1 | 3 | 3 |
| 2 | 10 | 13 |
| 3 | 12 | 25 |
| 4 | 20 | 45 |
| 5 | 12 | 57 |
| 6 | 10 | 67 |
| 7 | 3 | 70 |
यहां पर 35.5वीं वस्तु 4 के समूह में आती है, क्योंकि 25 < 35.5 ≤ 45
अतः माध्यिका = 4
बहुलक = 4
अथवा
निम्न आँकड़ों से माध्य (Mean), माध्यिका (Median) और बहुलक (Mode) ज्ञात करें :
| वर्गान्तर | 0-10 | 10-20 | 20-30 | 30-40 | 40-50 |
| बारम्बारता | 2 | 4 | 6 | 4 | 2 |
उत्तर –
माध्य (Mean) :
कल्पित माध्य (A) = 20 (सुविधा के लिए लिया गया)
| वर्गान्तर | बारम्बारता (f) | मध्य बिन्दु (x) | d = x – A | f × d |
| 0-10 | 2 | 5 | –15 | –30 |
| 10-20 | 4 | 15 | –5 | –20 |
| 20-30 | 6 | 25 | 5 | 30 |
| 30-40 | 4 | 35 | 15 | 60 |
| 40-50 | 2 | 45 | 25 | 50 |
| ∑f = 18 | ∑fd = 90 |
कल्पित माध्य (A) = 20-30 का मध्य बिन्दु = 25
माध्य (Mean) = A + ∑fd / ∑f = 25 + 90 / 18 = 25 + 5 = 30
अतः माध्य = 30
माध्यिका (Median) :
कुल बारंबारता (N) = ∑f = 18
माध्यिका स्थान = N / 2 = 18 / 2 = 9th
| वर्गान्तर | बारम्बारता (f) | संचित बारम्बारता (cf) |
| 0-10 | 2 | 2 |
| 10-20 | 4 | 2+4 = 6 |
| 20-30 | 6 | 6+6 = 12 |
| 30-40 | 4 | 12+4 = 16 |
| 40-50 | 2 | 16+2 = 18 |
माध्यिका वर्ग = 20-30
l = 20, h = 10, f = 6, cf = 6
माध्यिका (Median) = l + (N/2 – cf)/f × h= 20 + (9 – 6)/6 × 10 = 20 + 5 = 25
अतः माध्यिका = 25
बहुलक (Mode) :
सबसे अधिक बारम्बारता = 6 जो 20-30 वर्ग में है
f1 = 6 (modal)
f0 = 4 (previous class)
f2 = 4 (next class)
l = 20 (lower limit)
h = 10 (height)
बहुलक (Mode) = l + [(f1 – f0)/(2f1 – f0 – f2)] × h
= 20 + [(6 – 4)/(2 × 6 – 4 – 4)] × 10
= 20 + [2/(12 – 8)] × 10
= 20 + (1/2) × 10
= 20 + 5 = 25
अतः बहुलक = 25
18. औपनिवेशिक शासन के दौरान, भारत की जनांकिकीय रूपरेखा दर्शाता है : (1 Mark)
(a) उच्च जन्म दर
(b) उच्च मृत्यु दर
(c) उच्च शिशु मृत्यु दर
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर – (d) उपरोक्त सभी
19. योजना आयोग की स्थापना कब हुई थी? (1 Mark)
(a) 1947 में
(b) 1948 में
(c) 1950 में
(d) 1951 में
उत्तर – (c) 1950 में
20. भारत में हरित क्रांति की विशेषता रही है : (1 Mark)
(a) फसल उत्पादकता में वृद्धि
(b) क्षेत्रफल में पर्याप्त वृद्धि
(c) खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर – (d) उपरोक्त सभी
21. नाबार्ड की स्थापना किस वर्ष हुई थी? (1 Mark)
(a) 1969 में
(b) 1982 में
(c) 1981 में
(d) 1991 में
उत्तर – (b) 1982 में
22. बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या = श्रम बल – …….। (1 Mark)
(a) श्रम आपूर्ति
(b) कार्य बल
(c) कुल जनसंख्या
(d) सहभागिता दर
उत्तर – (b) कार्य बल
23. नीति (NITI) आयोग की स्थापना …………. वर्ष में हुई थी। (2015 / 2016) (1 Mark)
उत्तर – 2015
24. ………….. विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है। (चीन / भारत) (1 Mark)
उत्तर – चीन
25. भारत में पहली पंचवर्षीय योजना ………….. में प्रारम्भ हुई। (1950 / 1951) (1 Mark)
उत्तर – 1951
26. निम्नलिखित प्रश्न में दो कथन हैं : (1 Mark)
अभिकथन (A) : प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भारत की तुलना में चीन में अधिक है।
तर्क (R) : चीन का ढाँचा निवेश अनुकूलित है।
(a) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) अभिकथन (A) सत्य है, परन्तु तर्क (R) असत्य है।
(d) अभिकथन (A) असत्य है, परन्तु तर्क (R) सत्य है।
उत्तर – (a) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
27. निम्नलिखित प्रश्न में दो कथन हैं : (1 Mark)
अभिकथन (A) : कृषि में अदृश्य बेरोजगारी पाई जाती है।
तर्क (R) : संयुक्त परिवार प्रणाली के कारण आवश्यकता से अधिक श्रमिक कृषि में लिप्त हैं।
(a) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) अभिकथन (A) सत्य है, परन्तु तर्क (R) असत्य है।
(d) अभिकथन (A) असत्य है, परन्तु तर्क (R) सत्य है।
उत्तर – (a) अभिकथन (A) तथा तर्क (R) दोनों सत्य हैं तथा तर्क (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
28. भारत में मानव पूँजी निर्माण की कोई तीन समस्याएं लिखें। (3 Marks)
उत्तर – भारत में मानव पूंजी निर्माण की तीन मुख्य समस्याएं हैं :
(i) बढ़ती जनसंख्या
(ii) शिक्षा की कमी
(iii) स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव
अथवा
मानव को मानवीय पूँजी में कैसे बदला जा सकता है?
उत्तर – मानव को मानवीय पूँजी में बदलने के लिए, शिक्षा, स्वास्थ्य, और कौशल विकास पर निवेश करना आवश्यक है। इसके साथ ही, उन्हें काम के बेहतर अवसर प्रदान करना और एक अनुकूल कार्य वातावरण बनाना भी महत्वपूर्ण है।
29. भारत में जैविक खेती के महत्त्व को बताइए। (3 Marks)
उत्तर – भारत में जैविक खेती का बहुत महत्व है, क्योंकि यह पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और किसानों की आय के लिए फायदेमंद है। जैविक खेती से प्रदूषण कम होता है, मिट्टी और पानी के संसाधनों का संरक्षण होता है, और स्वस्थ, पौष्टिक भोजन मिलता है। इसके अतिरिक्त, यह किसानों को अधिक टिकाऊ और लाभदायक कृषि पद्धतियों को अपनाने में मदद करता है।
30. स्वतन्त्रता के समय भारतीय अर्थव्यवस्था के पिछड़ेपन के प्रमुख कारणों की व्याख्या करें। (4 Marks)
उत्तर – स्वतंत्रता के समय, भारतीय अर्थव्यवस्था कई कारणों से पिछड़ी हुई थी। मुख्य कारण थे औपनिवेशिक शासन, संसाधनों का शोषण, कृषि पर अत्यधिक निर्भरता, औद्योगिकीकरण की कमी, और निम्न प्रति व्यक्ति आय।
अथवा
स्वतन्त्रता के समय भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ संक्षेप में बताइए।
उत्तर – स्वतंत्रता के समय, भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित थी, जिसमें अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती थी और कृषि में लगी हुई थी। औद्योगिक क्षेत्र बहुत कम विकसित था, और देश में गरीबी, बेरोजगारी और निम्न जीवन स्तर व्यापक थे। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे का भी अभाव था, और ब्रिटिश शासन के कारण अर्थव्यवस्था में ठहराव और गतिरोध था।
31. धारणीय विकास की विशेषताओं का वर्णन करें। (4 Marks)
उत्तर – धारणीय विकास वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों से समझौता किए बिना। यह पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर देता है।
32. भारत और पाकिस्तान की सामान्य सफलताओं का वर्णन करें। (4 Marks)
उत्तर – भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही अपने-अपने देशों में कई क्षेत्रों में सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन उनके बीच कुछ सामान्य सफलताएं भी हैं। इनमें से कुछ हैं: प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, गरीबी में कमी, और खाद्य सुरक्षा में सुधार।
33. भारत में आर्थिक नियोजन की उपलब्धियों का वर्णन करें। (6 Marks)
उत्तर – भारत में आर्थिक नियोजन की शुरुआत 1951 में प्रथम पंचवर्षीय योजना से हुई थी। नियोजन का उद्देश्य था आर्थिक विकास, गरीबी हटाना, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता। स्वतंत्रता के बाद से अब तक भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
भारत में आर्थिक नियोजन की प्रमुख उपलब्धियाँ :
(i) कृषि में आत्मनिर्भरता
(ii) औद्योगीकरण का विकास
(iii) आधारभूत ढाँचे का विस्तार
(iv) शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
(v) गरीबी हटाने के प्रयास
(vi) निजी क्षेत्र और उदारीकरण को बढ़ावा
(vii) विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष में प्रगति
अथवा
भारत में आर्थिक नियोजन की असफलताओं का वर्णन करें।
उत्तर – भारत में 1951 से आर्थिक नियोजन की शुरुआत हुई थी। यद्यपि इससे कई क्षेत्रों में प्रगति हुई, फिर भी कई लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। कुछ क्षेत्रों में आर्थिक नियोजन अपेक्षित सफलता नहीं दिला सका।
भारत में आर्थिक नियोजन की प्रमुख असफलताएँ :
(i) गरीबी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो सकी
(ii) बेरोजगारी बनी रही
(iii) क्षेत्रीय असमानता
(iv) सार्वजनिक क्षेत्र की अक्षमता
(v) जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण नहीं
(vi) पूंजी निर्माण में कमी
(vii) नियोजन में लचीलापन नहीं था
34. आर्थिक सुधार से क्या अभिप्राय है? आर्थिक सुधार की आवश्यकता का वर्णन करें। (6 Marks)
उत्तर – आर्थिक सुधार, नीतियों में बदलाव को संदर्भित करते हैं जिनका उद्देश्य किसी देश की आर्थिक दक्षता में सुधार करना है। ये परिवर्तन अर्थव्यवस्था में सरकारी हस्तक्षेप को कम करने और निजी क्षेत्र की भूमिका को बढ़ाने पर केंद्रित होते हैं। 1991 में भारत में शुरू किए गए आर्थिक सुधारों का उद्देश्य, अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी और बाजार-उन्मुख बनाना था, जिसके लिए उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (एलपीजी) नीतियों को अपनाया गया।
आर्थिक सुधारों की आवश्यकता :
• धीमी आर्थिक विकास – 1991 से पहले, भारतीय अर्थव्यवस्था धीमी गति से विकास कर रही थी। आर्थिक सुधारों का उद्देश्य विकास दर को बढ़ाना था।
• भुगतान संतुलन का संकट – 1991 में, भारत को भुगतान संतुलन के संकट का सामना करना पड़ा, जिससे आर्थिक सुधारों की आवश्यकता और बढ़ गई।
• सरकारी हस्तक्षेप – अत्यधिक सरकारी हस्तक्षेप और विनियमन के कारण, भारतीय अर्थव्यवस्था अक्षम हो गई थी। आर्थिक सुधारों ने सरकारी हस्तक्षेप को कम करने और निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने का काम किया।
• वैश्वीकरण का युग – 1990 के दशक में, वैश्वीकरण का युग शुरू हो गया था, और भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धी बनने के लिए आर्थिक सुधारों की आवश्यकता थी।
• निजी क्षेत्र की भूमिका – आर्थिक सुधारों ने निजी क्षेत्र की भूमिका को बढ़ाया, जिससे निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिला।
• दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि – आर्थिक सुधारों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि करना था, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
अथवा
अर्थव्यवस्था में उदारीकरण से क्या अभिप्राय है? इसके मुख्य उपायों का वर्णन करें।
उत्तर – अर्थव्यवस्था में उदारीकरण का मतलब है, सरकार द्वारा लगाए गए विभिन्न आर्थिक प्रतिबंधों, जैसे कि लाइसेंस, कोटा, और व्यापार बाधाओं को कम करना या हटाना, जिससे निजी क्षेत्र और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिले। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना और अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।
उदारीकरण के मुख्य उपाय :
• औद्योगिक लाइसेंसिंग में ढील – सरकार द्वारा नियंत्रित उद्योगों की संख्या को कम करना और निजी क्षेत्र के लिए अधिक क्षेत्रों को खोलना।
• विदेशी व्यापार का उदारीकरण – आयात और निर्यात पर लगने वाले प्रतिबंधों को कम करना, जिससे विदेशी व्यापार को बढ़ावा मिले।
• विदेशी निवेश को प्रोत्साहन – विदेशी कंपनियों को देश में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना, जिससे पूंजी और प्रौद्योगिकी का प्रवाह बढ़े।
• वित्तीय क्षेत्र में सुधार – बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अधिक स्वायत्तता देना और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना।
• कर प्रणाली में सुधार – करों की दरों को कम करना और कर प्रणाली को सरल बनाना, जिससे निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
• सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण – कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपना, जिससे दक्षता और प्रतिस्पर्धा में सुधार हो।