Haryana Board (HBSE) Class 10 Hindi Question Paper 2026 Answer Key
खण्ड – क
1. ‘व्याकरण’ पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर उत्तर-पुस्तिका में लिखिए : (1 × 7 = 7 अंक)
(क) निम्नलिखित में से ‘यण स्वर संधि’ के संबंध में सही विकल्प चुनिए :
1. इवर्ण (इ, ई) के बाद भिन्न जाति का स्वर आने पर ‘य’ बन जाए।
2. अवर्ण (अ, आ) के बाद इवर्ण (इ, ई) के आने पर ‘ए’ बन जाए।
3. उवर्ण (उ, ऊ) के बाद भिन्न जाति का स्वर आने पर ‘व’ बन जाए।
4. अवर्ण (अ, आ) के बाद ऋ आने पर ‘अर्’ बन जाए।
(i) केवल 2,3
(ii) केवल 1,3
(iii) केवल 1, 2 और 3
(iv) केवल 2, 3 और 4
उत्तर – (ii) केवल 1,3
(ख) निम्नलिखित में से किस शब्द में ‘उपसर्ग’ नहीं है?
(i) पराजय
(ii) अपवाद
(iii) ओढ़ना
(iv) प्रभाव
उत्तर – (iii) ओढ़ना
(ग) ‘अनेक लोग उस विनाशकारी प्रलय का शिकार हुए।’ इस वाक्य में प्रयुक्त ‘प्रलय’ शब्द का विलोम …………… है।
रिक्त स्थान के लिए उपयुक्त विलोम शब्द छाँटिए :
(i) विलय
(ii) प्रकोप
(iii) संसार
(iv) सृष्टि
उत्तर – (iv) सृष्टि
(घ) निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द ‘प्रकाश’ का पर्यायवाची नहीं है?
(i) प्रभा
(ii) ज्योति
(iii) दीप्ति
(iv) नन्दिनी
उत्तर – (iv) नन्दिनी
(ङ) निम्नलिखित में से ‘अविकारी’ शब्द के उदाहरणों को छाँटकर लिखिए :
योग, कम, रमणीय, खूब, अतएव, यथा, अंत
उत्तर – कम, खूब, अतएव, यथा
(च) ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ में सर्वनाम का कौन-सा भेद है?
(i) निश्चयवाचक
(ii) अनिश्चयवाचक
(iii) प्रश्नवाचक
(iv) संबंधवाचक
उत्तर – (iv) संबंधवाचक
(छ) ‘स्वार्थी व्यक्ति की मित्रता अल्पकालिक होती है।’ इस वाक्य के अर्थ के लिए निम्न में से लोकोक्ति है :
(i) एक ही लाठी से सबको हाँकना।
(ii) एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा।
(iii) ओछे की प्रीत बालू की भीत।
(iv) घर का जोगी जोगना आन गाँव का सिद्ध।
उत्तर – (iii) ओछे की प्रीत बालू की भीत।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के यथानिर्दिष्ट उत्तर दीजिए:
(क) ‘द्वंद्व समास’ को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए। (2 अंक)
उत्तर – जिस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं तथा उनके बीच ‘और’, ‘तथा’, ‘एवं’ आदि का लोप हो जाता है, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
उदाहरण –
माता-पिता = माता और पिता
दिन-रात = दिन और रात
(ख) ‘यमक अलंकार’ की परिभाषा सोदाहरण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर – जहाँ एक ही शब्द का एक से अधिक बार प्रयोग हो, लेकिन प्रत्येक बार उसका अर्थ भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।
उदाहरण – “कनक-कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।”
यहाँ पहले ‘कनक’ का अर्थ सोना और दूसरे ‘कनक’ का अर्थ धतूरा है।
(ग) ‘दोहा छंद’ को सोदाहरण स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)
उत्तर – दोहा एक अर्धसम मात्रिक छंद है, जिसमें चार चरण होते हैं। इसके प्रथम और तृतीय चरण में 13-13 मात्राएँ तथा द्वितीय और चतुर्थ चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।
उदाहरण –
“बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।
पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर॥”
(घ) ‘अनेकार्थक शब्द’ किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)
उत्तर – जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें अनेकार्थक शब्द कहते हैं।
उदाहरण –
कर – हाथ, टैक्स
पत्र – पत्ता, चिट्ठी
3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए : (5 अंक)
(क) भारतीय सेना की शौर्य गाथा ‘ऑपरेशन सिन्दूर’
(ख) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) : वरदान या अभिशाप
(ग) त्योहारों का व्यापारीकरण
(घ) किसान की दशा
(ङ) आदर्श विद्यार्थी समाज की अनिवार्यता
उत्तर – विवेकानुसार स्वयं लिखें।
4. विद्यालय में भाषा प्रयोगशाला स्थापित करवाने के लिए प्रधानाचार्य को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए। (2 अंक)
उत्तर –
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बाढ़ड़ा
विषय : विद्यालय में भाषा प्रयोगशाला स्थापित करवाने हेतु प्रार्थना-पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का अभाव है। इसके कारण विद्यार्थियों को हिंदी एवं अंग्रेजी भाषाओं के उच्चारण, श्रवण तथा संवाद-कौशल के विकास में कठिनाई होती है। यदि विद्यालय में भाषा प्रयोगशाला स्थापित कर दी जाए तो विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता में अत्यधिक वृद्धि होगी।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि विद्यालय में शीघ्र भाषा प्रयोगशाला स्थापित करवाने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
आपका आज्ञाकारी छात्र
नाम : रोहित
कक्षा : 10वी
दिनांक :
अथवा
साइबर अपराध की अवैध गतिविधियों से सावधान करते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखिए।
उत्तर –
परीक्षा भवन,
दिनांक :
प्रिय मित्र विवेक,
सप्रेम नमस्कार।
आशा है कि तुम सकुशल हो। आजकल साइबर अपराध बहुत बढ़ गए हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करना, अपना पासवर्ड या ओटीपी किसी को न बताना तथा सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचना। ऑनलाइन लेन-देन करते समय हमेशा सावधानी बरतना।
आशा है कि तुम इन बातों का ध्यान रखोगे और स्वयं भी सुरक्षित रहोगे।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
रोहित
खण्ड – ख
5. ‘क्षितिज भाग-2’ नामक पाठ्य पुस्तक के काव्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर उत्तर-पुस्तिका में लिखिए : (1 × 6 = 6 अंक)
(क) ‘सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।’ कविता में ये शब्द किसने और किसे कहे हैं?
(i) राम ने लक्ष्मण को
(ii) परशुराम ने लक्ष्मण को
(iii) लक्ष्मण ने परशुराम को
(iv) राम ने परशुराम को
उत्तर – (iii) लक्ष्मण ने परशुराम को
(ख) सूरदास के पदों में गोपियों की किस विशेषता का पता चलता है?
(i) एकनिष्ठ कृष्ण-भक्ति
(ii) वाक्चातुर्य
(iii) विरह-पीड़िता
(iv) उपरोक्त सभी
उत्तर – (iv) उपरोक्त सभी
(ग) ‘फसल’ कविता में निम्नलिखित विकल्पों में से फसल के संबंध में सही विकल्प छाँटकर लिखिए :
1. फसल हजारों हाथों के स्पर्श की गरिमा है।
2. फसल ढेर सारी नदियों के पानी का जादू है।
3. फसल भूरी-लाल-दोमट मिट्टी का गुण धर्म है।
4. फसल संकोच है हवा की थिरकन का।
विकल्प :
(i) केवल 1 और 2 सही हैं।
(ii) केवल 2 और 4 सही हैं।
(iii) केवल 3 और 4 सही हैं।
(iv) केवल 2, 3 और 4 सही हैं।
उत्तर – (i) केवल 1 और 2 सही हैं।
(घ) ‘अट नहीं रही है’ कविता की पंक्ति – ‘कहीं पड़ी है उर में’, इस पंक्ति में ‘उर’ में क्या पड़ा है?
(i) सौन्दर्य की माला
(ii) हरे और लाल पत्ते
(iii) हल्की खुशबू वाले फूल
(iv) आकाश के बादल
उत्तर – (i) सौन्दर्य की माला
(ङ) ‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता की पंक्ति – ‘उँगलियाँ माँ की कराती रही हैं मधुपर्क’, इस पंक्ति में आए शब्द ‘मधुपर्क’ में क्या शामिल नहीं होता है?
(i) घी
(ii) शहद
(iii) दही
(iv) तेल
उत्तर – (iv) तेल
(च) ‘संगतकार’ द्वारा अपनी आवाज़ को दबाए रखने के प्रयास को कवि ने ‘मनुष्यता’ मानने के लिए क्यों कहा है?
(i) क्योंकि गायन-कला पूर्णतः सीखकर भी ऊँचा न गाना मनुष्यता होती है।
(ii) क्योंकि दूसरों को सफल बनाने के लिए त्याग करना मनुष्यता होती है।
(iii) क्योंकि अपने काम को अधिक शोर न मचाते हुए करना मनुष्यता होती है।
(iv) क्योंकि असफलता मिलने पर भी कर्त्तव्य पालन का प्रयास करना मनुष्यता होती है।
उत्तर – (ii) क्योंकि दूसरों को सफल बनाने के लिए त्याग करना मनुष्यता होती है।
6. ‘क्षितिज भाग-2’ नामक पाठ्य पुस्तक के निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।
सीवन को उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कंथा की?
छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ?
क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता में मौन रहूँ?
सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्म-कथा?
अभी समय भी नहीं, थकी सोई है मेरी मौन व्यथा।
प्रश्न : (1 × 5 = 5 अंक)
(i) प्रस्तुत काव्यांश के कवि एवं कविता का नाम लिखिए।
उत्तर – कवि : जयशंकर प्रसाद, कविता : आत्मकथ्य
(ii) ‘आत्मकथ्य’ कविता में थके हुए पथिक का सहारा क्या बना हुआ है?
उत्तर – स्मृतियाँ (यादें) थके हुए पथिक का सहारा बनी हुई हैं।
(iii) कवि के लिए किसकी स्मृति पाथेय बनी हुई है?
उत्तर – कवि के लिए उसकी प्रेयसी (पत्नी) या प्रिय के प्रेम और मधुर स्मृतियों की स्मृति पाथेय बनी हुई है।
(iv) ‘सीवन को उधेड़ कर देखोगे क्यों मेरी कंथा की?’ – पंक्ति में आए ‘कंथा’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर – ‘कंथा’ शब्द का शाब्दिक अर्थ गुदड़ी है, लेकिन यहाँ इसका लाक्षणिक अर्थ कवि के अंतर्मन, निजी जीवन की परतों या पुरानी यादों से है।
(v) कवि ने आत्मकथा न लिखने का क्या कारण बताया है?
उत्तर – कवि का जीवन दुखों और अभावों से भरा है। उनके पास बताने के लिए कोई बड़ी उपलब्धि या सुखद प्रसंग नहीं है। उनका मानना है कि उनका जीवन अत्यंत सामान्य है और वे अपनी दुर्बलताओं को दुनिया के सामने उजागर नहीं करना चाहते।
7. ‘क्षितिज भाग-2’ नामक पाठ्य पुस्तक के निम्नलिखित काव्यांश में निहित भाव एवं शिल्प-सौन्दर्य को स्पष्ट कीजिए : (3 अंक)
नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।।
आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।।
सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई।।
सुनुह राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।।
उत्तर – भाव-सौन्दर्य : प्रस्तुत काव्यांश में भगवान राम की विनम्रता, शालीनता एवं भक्त-वत्सल रूप का चित्रण हुआ है। राम अत्यंत विनीत भाव से परशुराम को समझाते हैं कि शिवधनुष तोड़ने वाला आपका कोई सेवक ही होगा। दूसरी ओर, परशुराम के क्रोधी एवं अहंकारी स्वभाव का भी चित्रण हुआ है।
शिल्प-सौन्दर्य :
भाषा – साहित्यिक अवधी भाषा
छंद – चौपाई
अलंकार – ‘सहसबाहु सम’ में उपमा अलंकार तथा ‘करि करिअ’ और ‘रिसाइ बोले’ में अनुप्रास अलंकार है।
शैली – संवादात्मक एवं नाटकीय शैली
8. ‘क्षितिज भाग-2’ नामक पाठ्य पुस्तक के काव्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (3 + 3 = 6 अंक)
(i) पठित पदों के आधार पर गोपियों का योग साधना के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – प्रस्तुत पदों के आधार पर गोपियों का योग-साधना के प्रति दृष्टिकोण पूर्णतः नकारात्मक और अस्वीकार्य है। वे इसे प्रेम-मार्ग में बाधक मानती हैं। उन्होंने योग-संदेश को ‘कड़वी ककड़ी’ तथा योग को एक असाध्य रोग बताया है। उनके अनुसार योग-साधना चंचल मन वालों के लिए है, जबकि उनका मन श्रीकृष्ण के प्रेम में पूर्णतः एकाग्र है। इसलिए वे योग की अपेक्षा अनन्य कृष्ण-भक्ति और प्रेम-मार्ग को ही श्रेष्ठ मानती हैं।
(ii) ‘उत्साह’ कविता का मूलभाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ‘उत्साह’ कविता एक आह्वान गीत है। इसमें कवि ने बादलों को नवजीवन और परिवर्तन का प्रतीक मानकर उनका आह्वान किया है। कवि चाहता है कि बादल अपनी गर्जना और वर्षा से निराश तथा पीड़ित जन-जीवन में नई ऊर्जा और स्फूर्ति का संचार करें। कविता का मूल भाव समाज में नवजागरण, क्रांति-भावना और सृजनशीलता को प्रेरित करना है।
खण्ड – ग
9. ‘क्षितिज भाग-2’ नामक पाठ्य पुस्तक के गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर उत्तर-पुस्तिका में लिखिए : (1 × 6 = 6 अंक)
(क) संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता टूट जाएगा तो वह ………… होकर ही रहेगी।
(i) विनाशकारी
(ii) असभ्यता
(iii) पतित
(iv) असंस्कृति
उत्तर – (iv) असंस्कृति
(ख) ‘लखनवी अंदाज’ कहानी में लेखक ने खीरा खाने से मना क्यों किया?
(i) लेखक को खीरे खाने से अपच की समस्या हो जाती है।
(ii) लेखक को लगा कि नवाब साहब केवल औपचारिक तौर पर खीरा खाने को कह रहे थे।
(iii) खीरे देखने में अच्छे नहीं दिख रहे थे।
(iv) खीरों पर नमक बहुत ज्यादा लगा दिया था।
उत्तर – (ii) लेखक को लगा कि नवाब साहब केवल औपचारिक तौर पर खीरा खाने को कह रहे थे।
(ग) ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ के आधार पर हालदार साहब को किस बात की जिज्ञासा थी?
(i) कैप्टन के नाम की कहानी जानने की
(ii) पान वाले की मज़ेदार बातें सुनने की
(iii) संदूकची में रखे सामान देखने की
(iv) कैप्टन की दुकान देखने की
उत्तर – (i) कैप्टन के नाम की कहानी जानने की।
(घ) ‘बालगोबिन भगत’ पाठ के अनुसार संन्यासी बनने के लिए कौन-सी बात महत्त्वपूर्ण है?
(i) गृहस्थी का त्याग करना
(ii) वेश बदलना
(iii) मानवीय गुणों का पालन करना
(iv) समाज के नियमों का पालन न करना
उत्तर – (iii) मानवीय गुणों का पालन करना।
(ङ) बिस्मिल्ला खाँ के काशी को स्वर्ग कहने का क्या कारण था?
(i) काशी की भाषा और स्वच्छता के कारण
(ii) काशी की सुन्दरता के कारण
(iii) ज्ञानदान, कला और परंपराओं के कारण
(iv) मंदिरों की पवित्रता के कारण
उत्तर – (iii) ज्ञानदान, कला और परंपराओं के कारण।
(च) ‘एक कहानी यह भी’ आत्मकथ्य में निम्न कथनों में से लेखिका के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?
(i) लेखिका महानगरों में संस्कृति की कमी अनुभव करती थी।
(ii) लेखिका ने दसवीं की परीक्षा 1945 में पास की।
(iii) लेखिका का जन्म गाँव मानपुरा में हुआ।
(iv) लेखिका ने इंटर तक की शिक्षा अजमेर में पूरी की।
उत्तर – (iii) लेखिका का जन्म गाँव मानपुरा में हुआ।
(लेखिका का जन्म गाँव भानपुरा में हुआ था)
10. ‘क्षितिज भाग-2’ नामक पाठ्य पुस्तक के निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
इस बार लौटे तो तबीयत कुछ सुस्त थी। खाने-पीने के बाद भी तबीयत नहीं सुधरी, थोड़ा बुखार आने लगा। किन्तु नेम-व्रत तो छोड़ने वाले नहीं थे। वही दोनों जून गीत, स्नानध्यान, खेतीबारी देखना। दिन-दिन छीजने लगे। लोगों ने नहाने-थोने से मना किया, आराम करने को कहा। किन्तु हँसकर टाल देते रहे। उस दिन भी संध्या में गीत गाए, किंतु मालूम होता जैसे तागा टूट गया हो, माला का एक-एक दाना बिखरा हुआ।
प्रश्न : (1 × 5 = 5 अंक)
(i) प्रस्तुत गद्यांश के लेखक एवं पाठ का नाम लिखिए।
उत्तर – लेखक : रामवृक्ष बेनीपुरी, पाठ : बालगोबिन भगत
(ii) लोगों ने गद्यांश नायक को क्या न करने की सलाह दी?
उत्तर – लोगों ने उन्हें नहाने-धोने से मना किया और आराम करने की सलाह दी।
(iii) तबीयत खराब होने के बाद भी नायक ने क्या-क्या करना नहीं छोड़ा?
उत्तर – उन्होंने गीत गाना, स्नान-ध्यान करना और खेती-बाड़ी देखना नहीं छोड़ा।
(iv) गद्यांश में लोगों की बात को हँसकर कौन टाल देते थे?
उत्तर – बालगोबिन भगत लोगों की बात को हँसकर टाल देते थे।
(v) ‘जैसे तागा टूट गया हो, माला का एक-एक दाना बिखरा हुआ।’ पंक्ति में लेखक का क्या आशय है?
उत्तर – लेखक का आशय है कि बालगोबिन भगत का स्वर अत्यंत कमजोर और बिखरा हुआ हो गया था तथा उनका जीवन अंत की ओर बढ़ रहा था।
11. यशपाल अथवा मन्नू भंडारी का जीवन परिचय देते हुए उनकी साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए। (5 अंक)
उत्तर –
यशपाल
• जन्म – यशपाल का जन्म सन् 1903 में पंजाब के फीरोज़पुर छावनी में हुआ।
• शिक्षा – प्रारंभिक शिक्षा काँगड़ा में ग्रहण करने के बाद लाहौर के नेशनल कॉलेज से उन्होंने बी.ए. किया। वहाँ उनका परिचय भगत सिंह और सुखदेव से हुआ। स्वाधीनता संग्राम की क्रांतिकारी धारा से जुड़ाव के कारण वे जेल भी गए।
• रचनाएं – यशपाल की रचनाओं में आम आदमी के सरोकारों की उपस्थिति है। सामाजिक विषमता, राजनैतिक पाखंड और रूढ़ियों के खिलाफ़ उनकी रचनाएँ मुखर हैं। उनके कहानी संग्रहों में ज्ञानदान, तर्क का तूफ़ान, पिंजरे की उड़ान, वा दुलिया, फूलो का कुर्ता उल्लेखनीय हैं। उनका ‘झूठा सच’ उपन्यास भारत विभाजन की त्रासदी का मार्मिक दस्तावेज़ है। अमिता, दिव्या, पार्टी कामरेड, दादा कामरेड, मेरी तेरी उसकी बात, उनके अन्य प्रमुख उपन्यास हैं।
• साहित्यिक विशेषताएँ – यशपाल प्रगतिशील एवं यथार्थवादी साहित्यकार थे। उनकी रचनाओं में आम आदमी के जीवन, सामाजिक विषमता, राजनीतिक पाखंड और रूढ़ियों के विरुद्ध सशक्त स्वर मिलता है। उनकी रचनाएँ सामाजिक चेतना, मानवतावादी दृष्टिकोण तथा यथार्थ के सजीव चित्रण के लिए प्रसिद्ध हैं।
• भाषा शैली – भाषा की स्वाभाविकता और सजीवता उनकी रचनागत विशेषता है। वे यथार्थवादी शैली के विशिष्ट रचनाकार हैं।
• मृत्यु – उनका निधन सन् 1976 ई. में हुआ।
अथवा
मन्नू भंडारी
• जन्म – मन्नू भंडारी का जन्म सन् 1931 में गाँव भानपुरा, जिला मंदसौर (मध्य प्रदेश) में हुआ।
• शिक्षा – उनकी इंटर तक की शिक्षा-दीक्षा हुई राजस्थान के अजमेर शहर में। उन्होंने हिंदी में एम.ए. किया। दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलिज में अध्यापन कार्य से अवकाश प्राप्ति के बाद दिल्ली में ही रहकर स्वतंत्र लेखन कर रही थी।
• रचनाएं – मन्नू भंडारी की प्रमुख रचनाएँ हैं- एक प्लेट सैलाब, मैं हार गई, यही सच है, त्रिशंकु (कहानी-संग्रह); आपका बंटी, महाभोज (उपन्यास)। इसके अलावा उन्होंने फ़िल्म एवं टेलीविज़न धारावाहिकों के लिए पटकथाएँ भी लिखी हैं। हाल ही में ‘एक कहानी यह भी’ नाम से आत्मकथ्य का प्रकाशन किया।
• साहित्यिक विशेषताएं – उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए हिंदी अकादमी के शिखर सम्मान सहित उन्हें अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं जिनमें भारतीय भाषा परिषद्, कोलकाता, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के पुरस्कार शामिल हैं।
• भाषा शैली – मन्नू भंडारी की कहानियाँ हों या उपन्यास, उनमें भाषा और शिल्प की सादगी तथा प्रामाणिक अनुभूति मिलती है। उनकी रचनाओं में स्त्री-मन से जुड़ी अनुभूतियों की अभिव्यक्ति भी देखी जा सकती है।
• मृत्यु – मन्नू भंडारी की मृत्यु 15 नवंबर 2021 को 90 वर्ष की आयु में गुड़गांव, हरियाणा में हुई थी।
12. ‘क्षितिज भाग-2’ नामक पाठ्य पुस्तक के गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (2 + 2 = 4 अंक)
(क) बिस्मिल्ला खाँ को शहनाई की मंगलध्वनि का नायक क्यों कहा गया है?
उत्तर – शहनाई एक मंगलध्वनि का वाद्य है, जिसे मांगलिक अवसरों पर बजाया जाता है। उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ ने अपने अद्वितीय शहनाई वादन से उसे भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर में प्रसिद्धि दिलाई। वे सुरों के सच्चे साधक थे और शहनाई वादन के क्षेत्र में उनका स्थान सर्वोच्च है। उनके सुरों में ऐसा जादू था कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते थे। इसलिए उन्हें शहनाई की मंगलध्वनि का नायक कहा जाता है।
(ख) ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ का मूलभाव देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और देश के गुमनाम देशभक्तों के योगदान को उजागर करना है। यह पाठ बताता है कि सच्ची देशभक्ति केवल बड़े कार्यों में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे कार्यों और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना में भी निहित होती है। यह कहानी नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की प्रेरणा जगाती है।
खण्ड – घ
13. ‘कृतिका भाग-2’ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ – पाठ का मूलभाव स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
उत्तर – इस पाठ के माध्यम से लेखक ने बताया है कि लेखन कार्य वास्तव में अनुभूति से उत्पन्न भावनाओं की व्याकुलता से होता है। कभी-कभी बाहरी दबावों के कारण भी लेखन कार्य करना पड़ता है। किंतु जो लेखन कार्य आंतरिक अनुभूति की प्रेरणा से लिखा जाता है वह ही वास्तविक कृति होती है। लेखक ने इस बात को हिरोशिमा की घटना से सिद्ध किया है कि जब उसने एक पत्थर पर मनुष्य की आकृति देखी जो विस्फोट के समय भाप बनकर उड़ गया था तब लेखक ने उस भयानक दृश्य को अनुभव किया और उसके बाद ही ‘हिरोशिमा’ नामक कविता लिखी।
अथवा
‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के आधार पर हिरोशिमा की घटना को भयानकतम दुरुपयोग क्यों कहा जाता है?
उत्तर – ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के अनुसार हिरोशिमा की घटना को भयानकतम दुरुपयोग इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें विज्ञान और मानव बुद्धि का उपयोग मानवता की रक्षा के बजाय उसके विनाश के लिए किया गया। परमाणु बम के विस्फोट से एक ही क्षण में असंख्य निर्दोष लोग मारे गए और भयानक पीड़ा फैली। जले हुए पत्थर पर भाप बनकर उड़ गए व्यक्ति की छाया ने लेखक को विज्ञान के इस अमानवीय और विध्वंसक रूप का अनुभव कराया।
(ख) ‘माता का अँचल’ पाठ के संदर्भ में साँप से घबराए बच्चे को शांत करने के लिए माँ ने क्या-क्या यत्न किए? (2 अंक)
उत्तर – साँप के डर से घबराए भोलानाथ को माँ ने अपनी गोद में बिठाकर आँचल में छिपा लिया और प्यार से सहलाकर उसका भय दूर करने का प्रयास किया। उसने उसके मुँह, हाथ और पैरों की चोट पर हल्दी का लेप लगाया तथा उसे पुचकारकर और ढाढ़स बँधाकर शांत किया।
(ग) ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ में लेखिका के अनुसार प्रकृति जल संचय की कैसी व्यवस्था करती है? (2 अंक)
उत्तर – लेखिका के अनुसार प्रकृति ने जल-संचय की अद्भुत व्यवस्था की है। वह सर्दियों में जल को बर्फ के रूप में संचित कर लेती है और गर्मियों में यही बर्फ पिघलकर नदियों को जल प्रदान करती है। नदियाँ जल-संसाधन और सिंचाई का माध्यम बनती हैं तथा अंत में सागर में मिलकर पुनः जल-चक्र की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती हैं।
खण्ड – ङ
14. ‘आदर्श जीवन मूल्य (मध्यमा)’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (2 × 4 = 8 अंक)
(i) मनुष्य की श्रेष्ठता कैसे आंकी जा सकती है?
उत्तर – मनुष्य की श्रेष्ठता उसके नैतिक गुणों, सदाचार, चरित्र तथा समाज के प्रति उसके निःस्वार्थ योगदान से आँकी जाती है। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने वाला व्यक्ति ही दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
(ii) सफलता प्राप्त करने के लिए किसकी आवश्यकता होती है?
उत्तर – सफलता प्राप्त करने के लिए कठोर परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति, धैर्य, आत्मविश्वास और अटूट लगन की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति निरंतर प्रयास करता है और कठिनाइयों से घबराए बिना अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहता है, वही अंततः सफलता प्राप्त करता है।
(iii) भगिनी निवेदिता की भारतीय महिलाओं के संदर्भ में क्या मान्यताएँ थी?
उत्तर – भगिनी निवेदिता का मानना था कि भारतीय नारी त्याग, सेवा, सहनशीलता और समर्पण की प्रतिमूर्ति है। उनके अनुसार, नारी-शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए स्वयं को समर्पित करना है।
(iv) अपने से बलवान के साथ सन्धि करने के बाद भी उससे सावधान क्यों रहना चाहिए?
उत्तर – अपने से बलवान व्यक्ति के साथ सन्धि करने के बाद भी उससे सावधान रहना चाहिए, क्योंकि वह अवसर मिलने पर अपने बल और स्वार्थ का दुरुपयोग कर सकता है तथा विश्वासघात करके हानि पहुँचा सकता है। इसलिए उससे सदैव सतर्क रहना आवश्यक है।