Haryana Board (HBSE) Class 9 Hindi Question Paper 2025 with a fully solved answer key. Students can use this HBSE Class 9 Hindi Solved Paper to match their responses and understand the question pattern. This BSEH Hindi Answer Key 2025 is based on the latest syllabus and exam format to support accurate preparation and revision for the board exams.
HBSE Class 9 Hindi Question Paper 2025 Answer Key
खण्ड – क
1. व्याकरण पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए :
(क) ‘चरण-कमल बन्दौ हरि राई’ में …………. अलंकार है।
(i) श्लेष
(ii) उपमा
(iii) अनुप्रास
(iv) रूपक
उत्तर – (iv) रूपक
(ख) ‘बहाव’ शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय कौन-सा है?
(i) बह
(ii) हाव
(iii) आव
(iv) ब
उत्तर – (iii) आव
(ग) निम्नलिखित में से तद्भव शब्द छाँटकर लिखिए :
(i) काठ
(ii) दंत
(iii) भिक्षा
(iv) अक्षर
उत्तर – (i) काठ
(घ) ‘सारंग’ शब्द का पर्यायवाची शब्द है :
(i) सारथी
(ii) मोर
(iii) खरगोश
(iv) दर्प
उत्तर – (ii) मोर
(ङ) ‘मौन’ शब्द का विलोम शब्द बताइए :
(i) चुप
(ii) मुखर
(iii) मौखिक
(iv) मयंक
उत्तर – (ii) मुखर
(च) दो या दो से अधिक शब्दों के सार्थक समूह को ………….. कहते हैं।
(i) वर्ण
(ii) अर्थ
(iii) शब्द
(iv) वाक्य
उत्तर – (iv) वाक्य
(छ) निम्न में से किस शब्द में द्वित्व व्यंजन है?
(i) उत्साह
(ii) उल्लास
(iii) उत्खनन
(iv) क्षितिज
उत्तर – (ii) उल्लास
2. निम्नलिखित प्रश्नों के यथानिर्दिष्ट उत्तर दीजिए :
(क) विकारी और अविकारी शब्द में अंतर बताइए।
उत्तर – विकारी शब्द : वे शब्द होते हैं जिनके रूप में लिंग, वचन, कारक, काल या पक्ष के कारण परिवर्तन हो जाता है।
• अविकारी शब्द : वे शब्द होते हैं जिनके मूल रूप में किसी भी कारण से परिवर्तन नहीं होता।
(ख) बहुव्रीहि समास किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर – जिस समास में प्रथम पद व द्वितीय पद की प्रधानता न हो बल्कि कोई तीसरा पद प्रधान हो, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं। जैसे- नीलकंठ : नीला है कंठ जिसका (शिव)
(ग) निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए :
(i) अपनी खिचड़ी अलग पकाना
उत्तर – सबसे अलग रहना।
वह हमेशा अपनी खिचड़ी अलग पकाता है, इसलिए किसी के साथ घुलता-मिलता नहीं।
(ii) पानी-पानी होना
उत्तर – बहुत लज्जित होना।
गलती पकड़ी जाने पर वह सबके सामने पानी-पानी हो गया।
(घ) भाषा किसे कहते हैं?
उत्तर – भाषा वह साधन है जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचारों को बोलकर या लिखकर दूसरों के सामने प्रकट करता है तथा दूसरों के विचारों को स्पष्ट रूप से समझता है।
3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए :
(क) कम्प्यूटर वर्तमान युग की आवश्यकता
(ख) जन-जन की भाषा हिन्दी
(ग) समाचार-पत्रों का महत्त्व
(घ) जलवायु परिवर्तन का पर्यावरण पर प्रभाव
(ङ) आधुनिक समाज में तनाव के कारण और प्रभाव
(च) मेरा प्यारा भारतवर्ष
उत्तर – विवेकानुसार स्वयं करें।
4. चरित्र प्रमाण-पत्र लेने हेतु अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।
उत्तर –
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय
ए.बी.सी. विद्यालय
चरखी दादरी
विषय : चरित्र प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा 9 का छात्र हूँ। मैं विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहता हूँ और मन लगाकर पढ़ाई करता हूँ। मैं कक्षा का कार्य तथा गृहकार्य समय पर पूरा करता हूँ और शिक्षकों के निर्देशों का पालन करता हूँ। मुझे आगे की कक्षा में प्रवेश के लिए चरित्र प्रमाण-पत्र की आवश्यकता है। इसलिए यह प्रमाण-पत्र मेरे लिए अत्यंत आवश्यक है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मुझे मेरा चरित्र प्रमाण-पत्र प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
भवदीय
आपका विद्यार्थी
नाम : अमित कुमार
कक्षा : 9
दिनांक : 15 मार्च 20XX
अथवा
प्रातःकालीन भ्रमण का महत्त्व बताते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखिए।
उत्तर –
प्रिय मित्र रोहित,
सप्रेम नमस्ते।
आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मैं यह पत्र तुम्हें प्रातःकालीन भ्रमण के महत्त्व के बारे में बताने के लिए लिख रहा हूँ।
सुबह का समय दिन का सबसे शुद्ध और शांत समय होता है। इस समय किया गया भ्रमण शरीर को स्वस्थ रखता है और मन को प्रसन्न बनाता है। ताजी हवा से फेफड़े मजबूत होते हैं तथा दिन भर काम करने की स्फूर्ति और ऊर्जा मिलती है। इससे पढ़ाई में मन लगता है और ध्यान भी अच्छी तरह केंद्रित रहता है।
मेरे अनुभव के अनुसार जो लोग रोज सुबह टहलने जाते हैं, वे कम बीमार पड़ते हैं और उनका जीवन अधिक अनुशासित रहता है। इसलिए तुम भी प्रतिदिन कुछ समय निकालकर प्रातःकालीन भ्रमण अवश्य किया करो।
शेष कुशल।
तुम्हारे उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी।
तुम्हारा मित्र
राहुल
खण्ड – ख
5. क्षितिज भाग-1 (काव्य-खण्ड) के आधार पर निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए :
(क) किसी भी व्यक्ति की पहचान किससे होती है?
(i) कर्म
(ii) कुल
(iii) वस्त्र
(iv) जीवन शैली
उत्तर – (i) कर्म
(ख) ‘घर जाने की चाह है घेरे’ – पंक्ति में ललद्द्यद किसके घर जाने की कामना करती है?
(i) पति के
(ii) पिता के
(iii) परमात्मा के
(iv) संत के
उत्तर – (iii) परमात्मा के
(ग) गोपी सिर पर क्या धारण करना चाहती है?
(i) पगड़ी
(ii) मोर पंख
(iii) टोपी
(iv) चुनरी
उत्तर – (ii) मोर पंख
(घ) कवि पेट पर जुआ लगाकर क्या खींचता है?
(i) मोट
(ii) चर्रक चूँ
(ⅲ) कोल्हू
(iv) लोह-श्रृंखला
उत्तर – (i) मोट
(ङ) ‘ग्राम श्री’ कविता में कौन रोमांचित-सा लगता है?
(i) आकाश
(ii) मगरौठी
(iii) वसुधा
(iv) झरबेरी
उत्तर – (iii) वसुधा
(च) ‘बच्चे काम पर जा रहे हैं’ – कविता के कवि कौन हैं?
(i) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
(ii) राजेश जोशी
(iii) सुमित्रानंदन पंत
(iv) माखनलाल चतुर्वेदी
उत्तर – (ii) राजेश जोशी
6. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
क्षितिज-अटारी गहराई दामिनी दमकी,
‘क्षमा करो गाँठ खुल गई अब भरम की’,
बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ठरके
मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।
(क) प्रस्तुत काव्याँश के कवि कौन हैं?
उत्तर – सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
(ख) बादल कहाँ तक फैल गए हैं?
उत्तर – क्षितिज तक
(ग) क्षमा माँगने पर किसके सब्र का बाँध टूट जाता है?
उत्तर – बादल के
(घ) ‘दामिनी’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर – आकाशीय बिजली
(ङ) क्या भ्रम था, जो अब दूर हो गया है?
उत्तर – बादल के बरसने का
7. मनुष्य ईश्वर को कहाँ-कहाँ ढूँढता फिरता है?
उत्तर – मनुष्य ईश्वर को अलग-अलग स्थानों पर ढूँढता फिरता है। कोई उसे मंदिर और मस्जिद में खोजता है, कोई काबा में तो कोई कैलाश पर्वत पर ढूँढता है। कोई व्यक्ति क्रिया-कर्म के द्वारा ईश्वर को पाना चाहता है, तो कोई योग और साधनाओं के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति करना चाहता है।
अथवा
हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है?
उत्तर – देशभक्त हथकड़ियों को अपमान नहीं, बल्कि सम्मान का प्रतीक मानते थे। देश को स्वतंत्र कराने के लिए संघर्ष करते समय जब उन्हें हथकड़ियाँ पहननी पड़ती थीं, तो वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते थे। इसलिए स्वतंत्रता सेनानी हथकड़ियों को गहना समझते थे।
8. निम्नलिखित काव्यांश का काव्य-सौन्दर्य लिखिए :
तिनकों के हरे हरे तन पर
हिल हरित रुधिर है रहा झलक,
श्यामल भू तल पर झुका हुआ
नभ का चिर निर्मल नील फलक।
उत्तर – भाव सौंदर्य : कवि ने हरे-भरे खेतों का सजीव चित्रण किया है। नीले आकाश और हरी फसलों के माध्यम से अद्भुत रंग-योजना प्रस्तुत की गई है। प्रकृति का मनोहारी और आकर्षक चित्रण किया गया है।
• शिल्प सौंदर्य : तत्सम एवं तद्भव शब्दावली से युक्त साहित्यिक हिंदी भाषा का प्रयोग किया गया है। मानवीकरण, उपमा एवं अनुप्रास अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है। वर्णनात्मक शैली का प्रयोग किया गया है।
9. रसखान का ब्रज के वन, बाग और तालाब को निहारने के पीछे क्या कारण हैं?
उत्तर – ये सब ब्रज क्षेत्र में स्थित हैं और यहीं पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी तरह-तरह की लीलाएँ रची थीं। कवि अपने आराध्य श्रीकृष्ण की समीपता का अनुपम सुख पाने के लिए बार-बार ब्रज के वन, बाग और तालाब को अपनी आँखों से देखना चाहता है।
खण्ड – ग
10. क्षितिज भाग-1 (गद्य-खण्ड) के आधार पर निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए :
(क) लेखक के अनुसार गधे में किनके गुण पराकाष्ठा को पहुँच गए हैं?
(i) जानवर के
(ii) नेताओं के
(iii) ऋषि-मुनियों के
(iv) व्यापारियों के
उत्तर – (iii) ऋषि-मुनियों के
(ख) किस भिक्षु से विदाई लेकर लेखक चल पड़ा?
(i) नम्से
(ii) मंगोल
(iii) सुमति
(iv) दोन्क्विस्तो
उत्तर – (i) नम्से
(ग) उपभोक्तावाद की संस्कृति के कारण हम कैसी दासता स्वीकार कर रहे हैं?
(i) विदेशी
(ii) आर्थिक
(iii) बौद्धिक
(iv) सांस्कृतिक
उत्तर – (iii) बौद्धिक
(घ) साइलेंट वैली कहाँ स्थित है?
(i) हरियाणा
(ii) कर्नाटक
(iii) गुजरात
(iv) केरल
उत्तर – (iv) केरल
(ङ) प्रेमचंद के कौन-से पैर का जूता ठीक था?
(i) दाएँ
(ii) बाएँ
(iii) उपर्युक्त दोनों
(iv) दोनों खराब
उत्तर – (i) दाएँ
(च) सुभद्रा के छात्रावास छोड़कर जाने के बाद लेखिका के कमरे में कौन आकर रही?
(i) मोहसिना
(ii) जेबुन्निसा
(iii) बेगम साहिबा
(iv) सुहाना बेगम
उत्तर – (ii) जेबुन्निसा
11. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
तुम समझौता कर नहीं सके। क्या तुम्हारी भी वही कमजोरी थी, जो होरी को ले डूबी, वही ‘नेम-धरम’ वाली कमजोरी? ‘नेम-धरम’ उसकी भी जंजीर थी। मगर तुम जिस तरह मुस्करा रहे हो, उससे लगता है कि शायद ‘नेम-धरम’ तुम्हारा बंधन नहीं था, तुम्हारी मुक्ति थी।
(क) प्रस्तुत गद्यांश के पाठ व लेखक का नाम बताइए।
उत्तर – पाठ : प्रेमचंद के फटे जूते, लेखक : हरिशंकर परसाई
(ख) लेखक ने यहाँ किस जंजीर का उल्लेख किया है?
उत्तर – ‘नेमधरम’ की जंजीर का
(ग) होरी को कौन-सी कमजोरी ले डूबी?
उत्तर – ‘नेम धरम’ की कमजोरी
(घ) यहाँ कौन समझौता नहीं कर सका?
उत्तर – प्रेमचंद समझौता नहीं कर सके।
(ङ) होरी प्रेमचंद के किस उपन्यास का पात्र है?
उत्तर – होरी ‘गोदान’ उपन्यास का प्रमुख पात्र है।
12. प्रेमचंद अथवा श्यामचरण दुबे का जीवन परिचय देते हुए, उनकी रचनाओं, साहित्यिक विशेषताओं एवं भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए।
उत्तर –
प्रेमचंद
• जन्म – मुंशी प्रेमचंद का जन्म सन् 1880 ई० में बनारस (वर्तमान वाराणसी) के निकट लमही गाँव में हुआ था। उनका वास्तविक नाम धनपत राय था। उनका बचपन आर्थिक अभावों में बीता।
• शिक्षा – प्रेमचंद की शिक्षा बी.ए. तक ही हो सकी। उन्होंने शिक्षा विभाग में नौकरी की, किंतु असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और पूर्ण रूप से साहित्य-साधना में लग गए।
• रचनाएँ – प्रेमचंद की कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं। सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, कायाकल्प, निर्मला, गबन, कर्मभूमि और गोदान उनके प्रमुख उपन्यास हैं। उन्होंने हंस, जागरण और माधुरी जैसी पत्रिकाओं का संपादन भी किया।
• साहित्यिक विशेषताएँ – प्रेमचंद केवल कथाकार ही नहीं, बल्कि समाज के यथार्थ चित्रकार भी हैं। उन्होंने साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम माना। किसान-मजदूरों की दुर्दशा, दलितों का शोषण, नारी की पीड़ा, ग्रामीण जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन उनकी रचनाओं के प्रमुख विषय हैं।
• भाषा शैली – प्रेमचंद की भाषा सरल, सजीव और प्रभावशाली है। वे बड़ी से बड़ी बात को सहज और स्पष्ट शब्दों में कहने में सिद्धहस्त हैं। उनकी शैली यथार्थवादी है तथा मुहावरों और लोकप्रचलित शब्दों का सुंदर प्रयोग मिलता है।
• देहांत – सन् 1936 ई० में इस महान कथाकार का निधन हो गया।
अथवा
श्यामचरण दुबे
• जन्म – श्यामचरण दुबे का जन्म सन् 1922 में मध्य प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में हुआ था। वे एक प्रसिद्ध समाजशास्त्री, विचारक एवं निबंधकार थे।
• शिक्षा एवं कार्यक्षेत्र – श्यामचरण दुबे ने समाजशास्त्र के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अध्यापन, शोध तथा लेखन के माध्यम से भारतीय समाज और संस्कृति का गहन अध्ययन किया।
• रचनाएँ – मानव और संस्कृति, परम्परा और इतिहास बोध, संस्कृति तथा शिक्षा, समाज और भविष्य, भारतीय ग्राम तथा समय और संस्कृति उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।
• साहित्यिक विशेषताएँ – श्यामचरण दुबे के निबंध जीवन, समाज और संस्कृति के ज्वलंत विषयों पर आधारित हैं। उन्होंने भारतीय समाज की संरचना, परंपराओं, आधुनिकता की चुनौतियों तथा जनजातीय और ग्रामीण समुदायों के जीवन पर विशेष ध्यान दिया है। उनके लेखन में विश्लेषणात्मक एवं विचारात्मक दृष्टि स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
• भाषा शैली – उनकी भाषा संस्कृतनिष्ठ साहित्यिक हिंदी है, किंतु वह सहज, सरल और प्रवाहमय है। उनकी शैली विवेचनात्मक एवं चिंतनपरक है, जिससे विषय स्पष्ट और प्रभावशाली बन जाता है।
• देहांत – श्यामचरण दुबे का निधन सन् 1996 में हुआ।
13. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) अपनी यात्रा के दौरान लेखक को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
उत्तर – लेखक को भिखारी बनकर वहाँ जाना पड़ा और दुर्गम पहाड़ी मार्गों की कठिन चढ़ाई चढ़नी पड़ी। डाकुओं और लुटेरों से बचने के लिए उसे भीख माँगने का सहारा लेना पड़ा। यात्रा के दौरान लेखक अपने साथियों से बिछड़ गया और अपना सारा सामान पीठ पर लादकर पहाड़ी रास्तों पर चलना पड़ा।
(ख) ‘साँवले सपनों की याद’ पाठ का मूलभाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – इस पाठ में लेखक ने प्रसिद्ध पक्षी-वैज्ञानिक सालिम अली की मृत्यु पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। ‘साँवले सपने’ उनकी मनमोहक इच्छाओं और सपनों के प्रतीक हैं, जिन्हें सालिम अली ने देखा था। लेखक को लगता है कि वे अभी भी पक्षियों की खोज में निकल गए हैं और शीघ्र ही गले में दूरबीन लटकाए हुए कुछ महत्त्वपूर्ण नतीजों के साथ लौट आएँगे।
(ग) महादेवी वर्मा ने अपनी माँ की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?
उत्तर – लेखिका की माँ को हिंदी भाषा का अच्छा ज्ञान था और वे धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। वे प्रातःकाल उठकर मीरा के पद गाया करती थीं तथा गीता पढ़ने में उनकी विशेष रुचि थी। उन्होंने ही लेखिका को पंचतंत्र पढ़ना सिखाया।
खण्ड – घ
14. कृतिका (भाग-1) के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी का क्या उद्देश्य है?
उत्तर – ‘रीढ़ की हड्डी’ एक उद्देश्यपूर्ण एकांकी है। इसमें बताया गया है कि लड़के और लड़की में भेद भाव करना उचित नहीं है। लड़की की उच्च शिक्षा के साथ-साथ सम्मान की अधिकारिणी है। विवाह के नाम पर उससे तरह-तरह के प्रश्न पूछकर उसे अपमानित करना उचित नहीं है। उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए। लेखक ने गोपाल प्रसाद जैसे व्यक्तियों पर भी करारा व्यंग्य किया है, जो नारी जाति को उनके अधिकारों से वंचित रखना चाहते हैं।
अथवा
शंकर की चारित्रिक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर – शंकर एक दुबला-पतला तथा झुकी कमर वाला नवयुवक है। उसकी आवाज पतली तथा खिसियाहट भरी है। उसका चरित्र कुछ ठीक नहीं है। वह लड़कियों के हॉस्टल के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते हुए पकड़ा जा चुका है। वह एक दब्बू किस्म का लड़का है, जो अपनी बात को स्पष्ट ढंग से कहने में असमर्थ है।
(ख) ‘मृत्यु का तरल दूत’ किसे कहा गया है और क्यों?
उत्तर – बाढ़ के उफनते हुए पानी को ‘मृत्यु’ का तरल दूत कहा गया है। बाढ़ का पानी जिस किसी क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, वहाँ वह अपनी गति और तेजी से सब कुछ डुबोता जा रहा था।
(ग) लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं फिर भी उनके व्यक्तित्व से वे क्यों प्रभावित थीं?
उत्तर – लेखिका ने अपनी नानी के व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था। उसकी नानी भले ही परम्पराओं में जकड़ी हुई थी, अनपढ़ और पर्दे में रहने वाली औरत थी, लेकिन उसने विलायती ढंग से जीने वाले अपने बैरिस्टर पति के साथ बिना किसी शिकवे शिकायत के जीवन व्यतीत किया था। उन्होंने अपने पति के मित्र स्वतंत्रता सेनानी प्यारेलाल शर्मा से यह वचन लिया कि वे उनकी बेटी का विवाह किसी स्वतंत्रता सेनानी से करेंगे।
खण्ड – ङ
15. ‘आदर्श जीवन मूल्य माध्यमा’ के आधार पर निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) ‘आर्जवम्’ के रूप में गीता के कृष्ण वास्तव में क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर – ‘आर्जवम्’ शब्द का अर्थ है स्वभाव की सरलता, सहजता और सीधापन। श्रीकृष्ण वास्तव में यह कहना चाहते हैं कि हमारे मन में किसी भी प्रकार का छल-कपट नहीं होना चाहिए। हमें दिखावे के लिए सीधा-सादा या भोला बनने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
(ख) श्रीमद्भगवद्गीता की महत्त्वपूर्ण विशेषता क्या है?
उत्तर – श्रीमद्भगवद्गीता की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें दृष्टांतों (उदाहरणों) के माध्यम से सिद्धान्तों को स्पष्ट किया गया है। जहाँ-जहाँ विषय को समझने में कठिनाई होती है, वहाँ उपदेशक श्रीकृष्ण ने उसे सरल, सहज, व्यापक और प्रेरणादायक बनाने के लिए व्यावहारिक दृष्टांतों का सहारा लिया है। इससे गीता का उपदेश सामान्य जन के लिए भी सुगम हो जाता है।
(ग) दुर्योधन आचार्य द्रोण और भीष्म के पास क्यों गया?
उत्तर – दुर्योधन आचार्य द्रोण और भीष्म के पास विनम्रता के साथ नहीं, बल्कि अहंकार और राजमद के साथ गया। वह शिष्य के रूप में कुछ सीखने या समझने के लिए नहीं गया था, बल्कि उन्हें पाण्डवों के विरुद्ध उकसाने और अपने पक्ष में अनुचित बातें समझाने के उद्देश्य से उनके पास गया था।
(घ) औरंगजेब की कैद से मुक्त होने के लिए शिवाजी ने क्या उपाय किया?
उत्तर – औरंगजेब ने योजना बनाकर शिवाजी को आगरा बुलाया। वहाँ पहुँचने पर उसने शिवाजी और उनके पुत्र को बंदी बना लिया। कुछ दिनों बाद शिवाजी ने चतुराई से उपाय किया और अपने पुत्र के साथ मिठाई के टोकरे में छिपकर वहाँ से बच निकलने में सफल हो गए।
(ङ) महात्मा बुद्ध की शिक्षाएँ आज भी प्रासंगिक कैसे हैं?
उत्तर – आज का मानव हिंसा, शत्रुता, द्वेष और लोभ जैसी कुप्रवृत्तियों के कारण दुःखी और हताश है। महात्मा बुद्ध ने सिखाया कि दुःख दूर करने के लिए हमें यथासंभव दूसरों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अवैर से ही वैर को शांत किया जा सकता है। इसलिए महात्मा बुद्ध की शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।