HBSE Class 9 Physical Education Question Paper 2025 Answer Key

Haryana Board (HBSE) Class 9 Physical Education Question Paper 2025 Answer Key

SECTION – A (1 Mark)

1. विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(A) न्यूयॉर्क में
(B) पेरिस में
(C) जेनेवा में
(D) लंदन में
उत्तर – (C) जेनेवा में

2. व्यक्ति के जीवन की अनमोल वस्तु कौन-सी है?
(A) आराम
(B) पैसा
(C) स्वास्थ्य
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (C) स्वास्थ्य

3. “मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है” यह कथन है :
(A) अरस्तू का
(B) सुकरात का
(C) प्लेटो का
(D) गिडिंग्स का
उत्तर – (A) अरस्तू का

4. किस प्रकार के टूर्नामेंट में सभी टीमों को एकसमान माना जाता है?
(A) लैडर टूर्नामेंट में
(B) नॉक-आउट टूर्नामेंट में
(C) लीग टूर्नामेंट में
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (C) लीग टूर्नामेंट में

5. सिगरेट के धुएँ में कौन-सा जहरीला पदार्थ पाया जाता है?
(A) निकोटिन
(B) ईथर
(C) एथेनॉल
(D) एस्टर
उत्तर – (A) निकोटिन

6. चौराहे पर किस रंग की बत्ती होने पर वाहन रोकना चाहिए?
(A) पीले रंग की
(B) हरे रंग की
(C) लाल रंग की
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (C) लाल रंग की

7. यदि फुटपाथ न हो, तो पैदल यात्री सड़क के ……………. ओर चलेंगे।
उत्तर – दाईं (Right Side)

8. रोमांचक खेल को ………….. खेल भी कहा जाता है।
उत्तर – साहसिक

9. अगर किसी खेल प्रतियोगिता में टीमों की संख्या अधिक हो, तो …………. टूर्नामेंट अधिक उत्तम रहता है।
उत्तर – नॉक आउट टूर्नामेंट

10. साहसिक खेलों का कोई एक उद्देश्य बताइए।
उत्तर – आत्म मूल्यांकन, संज्ञानात्मक, संरचनात्मक एवं मोटर कौशल का विकास

11. प्राचीनकाल में स्वास्थ्य शिक्षा का संबंध किससे था?
उत्तर – स्वास्थ्य अनुदेशन

12. हमारे शरीर का सामान्य तापमान कितना होता है?
उत्तर – 98.6F या 37°C

13. अभिकथन (A) : पौष्टिक एवं संतुलित भोजन में सभी आवश्यक तत्त्व पर्याप्त मात्रा में विद्यमान होते हैं।
कारण (R) : भोजन से मानव शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है।
(A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(B) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(C) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(D) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर – (B) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

14. अभिकथन (A) : मत्स्यासन में शरीर का आकार मछली की तरह हो जाता है।
कारण (R) : मत्स्यासन खड़े होकर किया जाता है।
(A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(B) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(C) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(D) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर – (C) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।

15. अभिकथन (A) : ‘एक्स्ट्राम्यूरल’ शब्द दो लैटिन शब्दों ‘एक्स्ट्रा’ और ‘म्यूलिस’ से बना है।
कारण (R) : ‘एक्स्ट्राम्यूरल’ शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द से हुई है जिसका अर्थ है- चारदीवारी से बाहर।
(A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(B) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(C) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(D) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर – (A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

SECTION – B (2 Marks)

16. शारीरिक शिक्षा नेतृत्व का विकास कैसे करती है?
उत्तर – शारीरिक शिक्षा खिलाड़ियों में संचार कौशल, निर्णय लेने की क्षमता, सहयोग की भावना तथा आत्मविश्वास जैसे गुणों का विकास करती है। इन गुणों के माध्यम से उनमें नेतृत्व की क्षमता विकसित होती है और उन्हें विभिन्न परिस्थितियों में नेतृत्व करने के अवसर प्राप्त होते हैं।

17. विटामिन को रक्षक तत्त्व क्यों कहा जाता है?
उत्तर – विटामिन को रक्षक तत्त्व इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और हमें विभिन्न रोगों से बचाते हैं। विटामिन हमारे शरीर की उचित वृद्धि एवं विकास के लिए आवश्यक महत्त्वपूर्ण तत्त्व हैं, जो शरीर के कार्यों को सही रूप से संचालित रखने में सहायता करते हैं।

18. प्रत्याहार क्या है?
उत्तर – प्रत्याहार का अर्थ ज्ञानेन्द्रियों को बाहरी विषयों से हटाकर अपने नियंत्रण में रखना है। यह योग के आठ अंगों में से एक है, जिसके द्वारा साधक मन तथा इन्द्रियों पर संयम स्थापित करता है और ध्यान की अवस्था के लिए स्वयं को तैयार करता है।

19. खेल प्रतियोगिताओं से व्यक्ति में किन मुख्य चार गुणों का विकास होता है?
उत्तर – (i) प्रतिस्पर्धा की भावना
(ii) अनुशासन व आत्मविश्वास
(iii) सहयोग की भावना
(iv) धैर्य व सहनशीलता

20. डोपिंग किसे कहते हैं?
उत्तर – खेलों में अपनी क्षमता से अधिक प्रदर्शन दिखाने के लिए जानबूझकर मादक दवाओं या अन्य प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करना डोपिंग कहलाता है। यह न केवल खेल भावना और नियमों के विरुद्ध है, बल्कि खिलाड़ी के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत हानिकारक होता है।

अथवा

नशे से ग्रस्त खिलाड़ी खेल के मैदान में कैसा व्यवहार करता है?
उत्तर – नशे से ग्रस्त खिलाड़ी खेल के मैदान में प्रायः अत्यधिक उत्तेजित और असंयमित व्यवहार करता है। वह अंपायरों एवं रेफरियों से अनावश्यक झगड़ा करता है तथा बिना सोचे-समझे खेलता है, जिससे उसका प्रदर्शन और खेल की मर्यादा दोनों प्रभावित होते हैं।

21. प्राथमिक सहायता/चिकित्सा के कोई दो उद्देश्य बताइए।
उत्तर – (i) घायल व्यक्ति की जान बचाना
(ii) घायल की स्थिति को नियंत्रित करना

अथवा

सुरक्षा पेटी क्यों लगाई जाती है?
उत्तर – सुरक्षा पेटी (सीटबेल्ट) इसलिए लगाई जाती है ताकि वाहन में अचानक ब्रेक लगने या दुर्घटना होने पर हमारे शरीर को नियंत्रित रखा जा सके। यह शरीर और सिर को वाहन के अंदर टकराने से बचाती है तथा गंभीर चोटों की संभावना को कम करती है।

SECTION – C (3 Marks)

22. नाखूनों की सफाई करते समय किन-किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए?
उत्तर – नाखूनों की सफाई करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि नाखूनों को समय-समय पर काटा जाए और उन्हें काटने के लिए नेल कटर का ही प्रयोग किया जाए। भोजन करने के बाद हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए ताकि नाखूनों में गंदगी न जमे। यदि नाखून कठोर, खुरदरे, पीले, काले हो जाएँ या उन पर सफेद धब्बे दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

23. संतुलित आहार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – संतुलित आहार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं :
(i) जलवायु – अलग-अलग जलवायु में शरीर की ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकता बदल जाती है, इसलिए आहार भी उसी अनुसार होना चाहिए।
(ii) आयु – आयु के अनुसार शरीर की जरूरतें बदलती हैं; बच्चों, युवाओं और वृद्धों के लिए संतुलित आहार की मात्रा व प्रकार अलग-अलग होते हैं।
(iii) वातावरण – रहने का वातावरण, सामाजिक परिस्थितियाँ और भोजन की उपलब्धता आहार के चयन को प्रभावित करती हैं।
(iv) व्यवसाय – व्यक्ति के कार्य की प्रकृति, जैसे शारीरिक श्रम या बैठकर किया जाने वाला कार्य, आहार की ऊर्जा और पोषक तत्वों की मात्रा को प्रभावित करती है।

24. मादक पदार्थों का खिलाड़ियों के खेल पर क्या-क्या दुष्प्रभाव पड़ता है?
उत्तर – (i) शारीरिक प्रदर्शन में कमी
(ii) मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव
(iii) चोट लगने का खतरा बढ़ना
(iv) खेल नियमों का उल्लंघन
(v) खेल करियर पर प्रतिकूल प्रभाव

25. सड़क पर चलते समय किन-किन आवश्यक बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
उत्तर – (i) यातायात संकेतों का पालन करें
(ii) स्पीड लिमिट का पालन व लेन में चलें
(iii) हेलमेट व सीटबेल्ट पहनें
(iv) मोबाइल का प्रयोग न करें

26. पर्वतारोहण पर संक्षिप्त नोट लिखिए।
उत्तर – पर्वतारोहण एक रोमांचक एवं साहसिक गतिविधि है, जिसमें ऊँचे पर्वतों की चोटियों पर चढ़ना शामिल होता है। इसमें शारीरिक शक्ति, सहनशक्ति तथा मानसिक संतुलन की आवश्यकता होती है। पर्वतारोहण से व्यक्ति में साहस, आत्मविश्वास और धैर्य जैसे गुणों का विकास होता है। इसके साथ-साथ यह अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाता है तथा व्यक्ति को प्रकृति के निकट लाकर पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाता है।

अथवा

साहसिक खेलों या गतिविधियों के दौरान क्या करना चाहिए?
उत्तर – साहसिक खेलों या गतिविधियों को हमेशा कुशल एवं अनुभवी मार्गदर्शक की देख-रेख में करना चाहिए। इसके साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाले सुरक्षा उपकरणों और यंत्रों का सही ढंग से प्रयोग करना आवश्यक है। सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पूरी सावधानी के साथ गतिविधियाँ करनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

27. लीग टूर्नामेंट के गुणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – लीग टूर्नामेंट में सभी टीमों को समान समझा जाता है और प्रत्येक टीम को बराबर अवसर प्रदान किया जाता है। इस प्रकार की प्रतियोगिता में हर टीम को कई मैच खेलने का अवसर मिलता है, जिससे वे अपना उच्च खेल प्रदर्शन बार-बार दिखा सकती हैं। इससे टीमों की वास्तविक क्षमता स्पष्ट रूप से सामने आती है और अंत में सर्वश्रेष्ठ टीम का चयन निष्पक्ष एवं सही तरीके से किया जा सकता है।

अथवा

विद्यार्थी के जीवन में खेल प्रतियोगिता के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर – विद्यार्थी के जीवन में खेल प्रतियोगिताओं का विशेष महत्त्व है। खेल प्रतियोगिताओं से विद्यार्थी को खेलों के नियमों एवं अनुशासन की सही जानकारी मिलती है। इनके माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक तथा नैतिक गुणों, जैसे सहयोग, सहनशीलता और खेल भावना का विकास होता है। साथ ही खेल प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

SECTION – D (5 Marks)

28. व्यक्तिगत स्वास्थ्य की अवधारणा से आप क्या समझते हैं? इसके आवश्यक नियमों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – व्यक्तिगत स्वास्थ्य की अवधारणा से तात्पर्य व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ रहने से है। यह केवल रोगों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि संतुलित और अनुशासित जीवन-शैली का परिणाम होता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य का सीधा संबंध व्यक्ति की स्वच्छता, खान-पान, व्यायाम तथा दैनिक आदतों से होता है, जो व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
• व्यक्तिगत स्वास्थ्य के आवश्यक नियम निम्नलिखित हैं :
(i) शरीर तथा उसके अंगों की नियमित स्वच्छता बनाए रखना, जैसे स्नान करना, दाँत और नाखून साफ रखना।
(ii) संतुलित, पौष्टिक एवं समय पर भोजन करना तथा स्वच्छ जल का सेवन करना।
(iii) नियमित व्यायाम, योग एवं शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करना।
(iv) पर्याप्त नींद और विश्राम लेना ताकि शारीरिक एवं मानसिक थकान दूर हो सके।
(v) नशे से दूर रहना, तनाव से बचना और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करना।

अथवा

स्वास्थ्य शिक्षा से क्या अभिप्राय है? इसकी महत्ता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर – स्वास्थ्य शिक्षा से अभिप्राय उस शिक्षा से है जो मनुष्य को स्वास्थ्य से संबंधित नियमों, आदतों और सही जीवन-शैली की जानकारी प्रदान करती है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की रक्षा करना, रोगों से बचाव करना तथा स्वस्थ जीवन जीना सीखता है।
• स्वास्थ्य शिक्षा की महत्ता निम्नलिखित है :
(i) यह मानवीय संबंधों को सुधारने में सहायक होती है और व्यक्ति को सामाजिक रूप से जागरूक बनाती है।
(ii) स्वास्थ्य शिक्षा बीमारियों से बचाव एवं उनकी रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(iii) यह शारीरिक विकृतियों एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय पर पहचानने में सहायक होती है।
(iv) इसके द्वारा स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान का विकास होता है और व्यक्ति में अनुशासन, सहयोग जैसे सामाजिक गुण विकसित होते हैं।
(v) स्वास्थ्य शिक्षा व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।

29. शारीरिक शिक्षा से क्या अभिप्राय है? इसके उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – शारीरिक शिक्षा से अभिप्राय उस शिक्षा से है जिसके माध्यम से शारीरिक गतिविधियों, खेलों एवं व्यायाम के द्वारा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा दिया जाता है। शारीरिक शिक्षा व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है तथा उसे अनुशासित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए तैयार करती है।
• शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं :
(i) शरीर को स्वस्थ, मजबूत और कार्यक्षम बनाना।
(ii) मानसिक विकास करना तथा एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना।
(iii) आत्मविश्वास, धैर्य और भावनात्मक संतुलन का विकास करना।
(iv) अनुशासन, सहयोग, नेतृत्व और खेल भावना जैसे सामाजिक गुणों का विकास करना।
(v) व्यक्ति को सक्रिय, स्वस्थ और संतुलित जीवन-शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना।

अथवा

व्यक्ति और समाज के विकास में शारीरिक शिक्षा क्या भूमिका निभाती है?
उत्तर – व्यक्ति और समाज के विकास में शारीरिक शिक्षा की भूमिका निम्न प्रकार से स्पष्ट की जा सकती है :
(i) अनुशासन की भावना का विकास – शारीरिक शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति नियमों का पालन करना, समय का महत्व समझना और अनुशासित जीवन जीना सीखता है।
(ii) अच्छे नागरिक की भावना – शारीरिक शिक्षा व्यक्ति में कर्तव्यबोध, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती है, जिससे वह अच्छा नागरिक बनता है।
(iii) व्यक्तित्व का विकास – खेलों और शारीरिक गतिविधियों से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास होता है, जिससे उसका व्यक्तित्व निखरता है।
(iv) सहयोग की भावना – टीम खेलों के माध्यम से व्यक्ति मिल-जुलकर कार्य करना, दूसरों की सहायता करना और सामूहिक सफलता का महत्व समझता है।
(v) सहनशीलता – शारीरिक शिक्षा से व्यक्ति जीत-हार को समान रूप से स्वीकार करना और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना सीखता है।
(vi) खाली समय का सदुपयोग – शारीरिक शिक्षा व्यक्ति को अपने खाली समय का सही उपयोग करना सिखाती है, जिससे वह नकारात्मक आदतों से दूर रहता है और समाज के विकास में योगदान देता है।

30. महर्षि पंतजलि ने अष्टांग योग के कौन-कौन से आठ अंग बताए हैं? विस्तारपूर्वक लिखिए।
उत्तर – महर्षि पतंजलि ने अपने योग-सूत्र में योग के आठ अंग बताए हैं, जिन्हें अष्टांग योग कहा जाता है। ये अंग मनुष्य के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक हैं। उनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है :
(i) यम – यम नैतिक और सामाजिक नियम हैं, जैसे अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, जो व्यक्ति को संयमित जीवन जीना सिखाते हैं।
(ii) नियम – नियम व्यक्तिगत शुद्धता और आत्मअनुशासन से संबंधित हैं, जैसे शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर-प्रणिधान।
(iii) आसन – आसन शरीर को स्वस्थ, स्थिर और सुदृढ़ बनाते हैं तथा ध्यान के लिए तैयार करते हैं।
(iv) प्राणायाम – प्राणायाम श्वास-प्रश्वास के नियंत्रण की प्रक्रिया है, जिससे प्राणशक्ति बढ़ती है और मन शांत होता है।
(v) प्रत्याहार – प्रत्याहार में इंद्रियों को बाहरी विषयों से हटाकर मन को अपने वश में किया जाता है।
(vi) धारणा – धारणा का अर्थ मन को किसी एक विषय पर स्थिर करना है, जिससे एकाग्रता विकसित होती है।
(vii) ध्यान – ध्यान में मन निरंतर एक ही विषय पर केंद्रित रहता है, जिससे मानसिक शांति और आत्मचिंतन संभव होता है।
(viii) समाधि – समाधि योग की अंतिम अवस्था है, जिसमें साधक आत्मज्ञान प्राप्त करता है और परम सत्य से एकाकार हो जाता है।

अथवा

सुरक्षा शिक्षा से क्या अभिप्राय है? खेलों में लगने वाली चोटों के कारण बताइए।
उत्तर – सुरक्षा शिक्षा का अभिप्राय उस शिक्षा से है, जिसके माध्यम से व्यक्ति यह सीखता है कि अपने जीवन तथा दूसरों के जीवन की सुरक्षा कैसे की जाए। सुरक्षा शिक्षा व्यक्ति को दुर्घटनाओं से बचने, जोखिम को कम करने तथा आपात स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए जागरूक और सक्षम बनाती है। खेलों के क्षेत्र में सुरक्षा शिक्षा का विशेष महत्व है, क्योंकि इससे चोटों की संभावना कम होती है।
• खेलों में लगने वाली चोटों के कारण निम्नलिखित हैं :
(i) खेल का मैदान समतल न होना, जिससे फिसलने या गिरने का खतरा रहता है।
(ii) घटिया या खराब गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों का प्रयोग करना।
(iii) अकुशल एवं अपरिपक्व खिलाड़ियों का बिना उचित प्रशिक्षण के खेलों में भाग लेना।
(iv) खेल से पहले सही ढंग से वार्म-अप न करना।
(v) खिलाड़ियों की लापरवाही, जल्दबाजी या नियमों की अनदेखी करना।