Haryana Board (HBSE) Class 7 Hindi SAT-2 Question Paper 2024 Answer Key
Instructions :
• All questions are compulsory.
• Questions (1-5) carry 1 mark each.
• Question (6) carry 2 marks.
• Question (7) carry 3 marks.
• Question (8) carry 5 marks.
1. एक तिनका कविता के कवि का क्या नाम है?
(क) रामधारी सिंह दिनकर
(ख) अयोध्या सिंह उपाध्याय
(ग) सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
(घ) भवानी प्रसाद मिश्र
उत्तर – (ख) अयोध्या सिंह उपाध्याय
2. एक दिन कवि घमंड करता हुआ कहां खड़ा था?
(क) दरवाजे पर
(ख) बरामदे में
(ग) मुंडेर पर
(घ) छत पर
उत्तर – (ग) मुंडेर पर
3. मथुरा की कौन-सी मिठाई प्रसिद्ध है?
(क) हलवा
(ख) रसगुल्ला
(ग) जलेबी
(घ) पेड़ा
उत्तर – (घ) पेड़ा
4. कौन-सी संस्कृति पूरे देश में फैल चुकी है?
(क) ढाबा
(ख) पूजन
(ग) ढोकला
(घ) सभी
उत्तर – (क) ढाबा
5. नीलकंठ और राधा की सबसे प्रिय ऋतु कौन-सी थी?
(क) बसंत ऋतु
(ख) ग्रीष्म ऋतु
(ग) वर्षा ऋतु
(घ) शीत ऋतु
उत्तर – (ग) वर्षा ऋतु
6. मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा था?
उत्तर – मीरा श्री कृष्ण की अनन्य भक्त है। सावन के आगमन पर काले बादलों को देखकर मीरा को श्री कृष्ण के आगमन का आभास होने लगता है इसी कारण मीरा को सावन मनभावन लगने लगा।
7. वीर कुंवर सिंह के व्यक्तित्व की कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?
उत्तर – वीर कुंवर सिंह के व्यक्तित्व की अनेक विशेषताओं ने मुझे प्रभावित किया। वे साहसी एवं वीर स्वतंत्रता सेनानी थे। वे स्वाभिमानी थे। वे अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण थे। उनकी दूरदर्शिता व चतुराई का परिचय तब मिलता है जब वे झूठी अफवाह फैलाकर गंगा पार कर जाते हैं।
8. लेखिका को नीलकंठ की कौन सी चेष्टाएं बहुत भाती थी?
उत्तर – जब वर्षा होती तो काले घिरे बादलों को देखकर नीलकंठ नृत्य के लिए उत्सुक हो जाता। वह अपने इंद्रधनुषी सघन पंखों को गोल आकृति में फैला कर थिरकने लगता। लेखिका उसके नृत्य में एक विशेष लय-ताल व गति देखकर अत्यंत प्रभावित होती थी। नीलकंठ कभी आगे-पीछे, दाएं-बाएं किसी अलक्ष्य सम पर ठहर जाता था। नीलकंठ की ये सभी क्रियाएँ लेखिका को मुग्ध कर देती थी।
अथवा
खान-पान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का क्या मतलब है?
उत्तर – खानपान की मिश्रित संस्कृति से अभिप्राय उस भोजन संस्कृति से है जिसमें स्थानीय भोजन के साथ देश के विभिन्न राज्यों व विदेश में बनने वाला भोजन भी उपलब्ध होता है। खान-पान की इस मिश्रित संस्कृति का ही परिणाम है कि हमारे घरों में रोटी-सब्जी, दाल आदि के साथ-साथ आज सांभर, डोसा, इडली, बर्गर पिज़्ज़ा आदि भी बनने लगे हैं।