HBSE Class 12 Hindi Question Paper 2024 Answer Key

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HBSE Class 12 Hindi Question Paper 2024 Answer Key

1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
जल जीवन का आधार है। मनुष्य बिना भोजन के कुछ दिन, बिना जल के कुछ घंटे तथा बिना वायु के कुछ मिनटों तक ही जीवित रह सकता है। मनुष्य के जीवन में जल का विशेष महत्त्व है। जल की उपयोगिता अनेक हैं – घरेलू कामों, सिंचाई और औद्योगिक कामों में इसकी विशेष भूमिका रहती है। जल प्रदूषित न हो इसके प्रति हम सभी को कठोरता से सचेत और जागरुक रहना चाहिए। प्रदूषित जल में अनेक प्रकार के स्वास्थ्यरोधक जीवाणु होते हैं जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से शारीरिक रोग के कारण बनते हैं। जल का कभी भी अपव्यय नहीं होना चाहिए। जल अपने में स्वयं एक पोषक पदार्थ है। साथ ही यह अनेक पोषक तत्त्वों का वाहक भी है। जल की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए, उसकी साफ-सफाई तथा उसके दुरुपयोग को रोकना हम सभी का नैतिक कर्त्तव्य हो जाता है।
(क) किसके बिना मनुष्य कुछ मिनट ही जीवित रह सकता है?
(i) भोजन
(ii) जल
(iii) वायु
(iv) समाज
उत्तर – (iii) वायु

(ख) जल की उपयोगिता कहाँ-कहाँ होती है?
(i) गृहकार्य में
(ii) खेती-बाड़े में
(iii) उद्योग धन्धों में
(iv) उपर्युक्त सभी में
उत्तर – (iv) उपर्युक्त सभी में

(ग) यहाँ ‘अपव्यय’ का क्या अर्थ है?
(i) खर्च करना
(ii) बचाना
(iii) आवश्यकता से अधिक खर्च करना
(iv) खरीदना
उत्तर – (iii) आवश्यकता से अधिक खर्च करना

(घ) जल की उपयोगिता के लिए क्या करें?
(i) दुरुपयोग रोकें
(ii) सदुपयोग रोकें
(iii) अपव्यय करें
(iv) प्रयोग न करें
उत्तर – (i) दुरुपयोग रोकें

(ङ) जल अपने आप में एक पोषक पदार्थ है :
(i) सत्य है
(ii) असत्य है
(iii) अर्द्ध सत्य है
(iv) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (i) सत्य है

2. निम्नलिखित अपठित काव्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
धारण करना धैर्य विपद में, अरु उन्नति में क्षमा प्रदान।
और सभा में वाक्-चातुरी, समरांगण में शौर्य महान।।
गुरु-पद-नति शिर की शोभा है, और हाथ की शोभा दान।
सत्य वचन मुख की शोभा है, भुज दण्डों की शौर्य महान।।
उर की शोभा स्वच्छ वृत्ति है, शास्त्र श्रवण कानों की दिव्य।
सुजनों के ऐश्वर्य बिना भी हैं ये प्रिय ! आभूषण भव्य।।
(क) विपत्ति में क्या करना चाहिए?
(i) धैर्य धारण करना
(ii) मुकाबला
(iii) भागना
(iv) चिंतन
उत्तर – (i) धैर्य धारण करना

(ख) वाक्-चातुर्य की कहाँ आवश्यकता है?
(i) युद्ध में
(ii) शास्त्रों में
(iii) सभा में
(iv) महापुरुषों में
उत्तर – (iii) सभा में

(ग) शीश की शोभा किसमें है?
(i) समर्पण में
(ii) ऊँचा उठाने में
(iii) गुरु के चरणों में झुकने में
(iv) मुकुट धारण करने में
उत्तर – (iii) गुरु के चरणों में झुकने में

(घ) हृदय की शोभा किसमें है?
(i) शास्त्र श्रवण में
(ii) स्वच्छ वृत्ति में
(iii) महान शौर्य में
(iv) भव्य आभूषणों में
उत्तर – (ii) स्वच्छ वृत्ति में

(ङ) दान देना किसकी शोभा है?
(i) राजा की
(ii) दानी की
(iii) हृदय की
(iv) हस्त की
उत्तर – (iv) हस्त की

अथवा

जागो फिर एक बार !
समर अमर कर प्राण,
गान गाए महासिंधु-से
सिन्धु-नद तीरवासी !
सैन्धव तुरंगों पर
चतुरंग चमू संगः
“सवा-सवा लाख पर
एक को चढ़ाऊँगा
गोविन्द सिंह निज
नाम जब कहाऊँगा”
किसने सुनाया यह
वीर जन मोहन अति
दुर्जय संग्राम-राग
फाग का खेला रण
बारहों महीनों में ?
शेरों की माँद में
आया है आज स्यार।
(क) किसको जाग्रत किया है?
(i) अंग्रेजों को
(ii) भारतवासियों को
(iii) शेरों को
(iv) वीरों को
उत्तर – (ii) भारतवासियों को

(ख) ‘सिंधु-नद तीरवासी’ किसे कहा गया है?
(i) भारतीयों को
(ii) कश्मीरवासियों को
(iii) बंगलादेशवासियों को
(iv) वीरों को
उत्तर – (i) भारतीयों को

(ग) ‘चतुरंग चमू’ का अर्थ है :
(i) चार रंग का
(ii) चतुर व्यक्ति
(iii) चतुरंगिनी सेना
(iv) चार घोड़े
उत्तर – (iii) चतुरंगिनी सेना

(घ) ‘सैंधव तुरंगों’ का अर्थ है :
(i) सेंध्या नमक
(ii) सिंधु की लहर
(iii) सिंधु देश के घोड़े
(iv) सिंधु नदी का सौंदर्य
उत्तर – (iii) सिंधु देश के घोड़े

(ङ) ‘स्यार’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(i) स्याह
(ii) विदेशी आक्रमणकारी
(iii) भारतीय जवान
(iv) सिंधु देश के वीर
उत्तर – (ii) विदेशी आक्रमणकारी

3. काव्य-खण्ड पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) थका पंथी क्या सोचकर जल्दी-जल्दी चलता है?
(i) बच्चे प्रतीक्षा कर रहे हैं
(ii) मंजिल दूर नहीं है
(iii) भूख लगी है
(iv) थका हुआ है
उत्तर – (ii) मंजिल दूर नहीं है

(ख) ‘पतंग’ कविता में लाल सवेरा को कैसा कहा गया है?
(i) खरगोश की आँखों जैसा
(ii) उजाला
(iii) कपास जैसा
(iv) चमकीला
उत्तर – (i) खरगोश की आँखों जैसा

(ग) परदे पर कीमती चीज क्या है?
(i) चित्र
(ii) अभिनय
(iii) शिक्षा
(iv) वक्त
उत्तर – (iv) वक्त

(घ) उषा का जादू किससे टूटने की बात कही गई है?
(i) लाल केशर से
(ii) भोर के नभ से
(iii) सूर्योदय से
(iv) उपर्युक्त सभी से
उत्तर – (iii) सूर्योदय से

(ङ) ‘बादल राग’ कविता में ‘आतंक-अंक’ पर कौन काँप रहे हैं?
(i) पौधे
(ii) किसान
(iii) धनी
(iv) बादल
उत्तर – (iii) धनी

4. गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) लछमिन (भक्तिन) का विवाह किस गाँव में हुआ?
(i) झूँसी
(ii) हँडिया
(iii) श्योपुर
(iv) महिषादल
उत्तर – (ii) हँडिया

(ख) ‘बाजार दर्शन’ पाठ में फिजूल सामान को फिजूल समझने वाले लोगों को क्या कहा है?
(i) मूर्ख
(ii) संयमी
(iii) बुद्धिमान
(iv) मितव्ययी
उत्तर – (ii) संयमी

(ग) ‘काले मेघा पानी दे’ पाठ के लेखक में बचपन से ही कैसे संस्कार थे?
(i) जैनी
(ii) सनातनी
(iii) आर्यसमाजी
(iv) नास्तिक
उत्तर – (iii) आर्यसमाजी

(घ) ‘पहलवान की ढोलक’ पाठ में परिस्थिति को ताड़ने की एक विशेष बुद्धि किसमें बताई है?
(i) कुत्तों में
(ii) सेवकों में
(iii) पहलवान में
(iv) ढोलक में
उत्तर – (i) कुत्तों में

(ङ) पुराने कवि किसके पेड़ में दोलाओं को लगा देखना चाहते थे?
(i) शिरीष
(ii) आम
(iii) अशोक
(iv) बकुल
उत्तर – (iv) बकुल

5. ‘वितान (भाग-2)’ पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) ‘यशोधर खुश होते हुए झेंपे और झेंपते हुए खुश हुए’ – यह अदा उन्होंने किससे सीखी?
(i) पत्नी से
(ii) किशनदा से
(iii) पंत जी से
(iv) चड्ढा जी से
उत्तर – (ii) किशनदा से

(ख) यशोधर बाबू दफ्तर से लौटते हुए रोज कौन-से मंदिर जाते हैं?
(i) शंकराचार्य मंदिर
(ii) राधाकृष्ण मंदिर
(iii) श्रीराम मंदिर
(iv) बिड़ला मंदिर
उत्तर – (iv) बिड़ला मंदिर

(ग) ‘जूझ’ पाठ में लेखक दत्ता जी राव देसाई के घर किसके साथ गया?
(i) माँ के
(ii) दादा के
(iii) अध्यापक के
(iv) मित्र के
उत्तर – (i) माँ के

(घ) ‘जूझ’ पाठ में मंत्री नामक मास्टर क्या विषय पढ़ाते थे?
(i) हिन्दी
(ii) संस्कृत
(iii) अंग्रेजी
(iv) गणित
उत्तर – (iv) गणित

(ङ) ‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ में बौद्ध स्तूप कितने फुट ऊँचे चबूतरे पर बना है?
(i) 5 फुट
(ii) 15 फुट
(iii) 25 फुट
(iv) 35 फुट
उत्तर – (iii) 25 फुट

6. ‘अभिव्यक्ति और माध्यम’ के आधार पर निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) भारत में गोवा में सबसे पहला छापाखाना कब खुला?
(i) 1546 में
(ii) 1556 में
(iii) 1566 में
(iv) 1576 में
उत्तर – (ii) 1556 में

(ख) भारत की पहली साइट कौन-सी है?
(i) सीफी
(ii) इंडियाइंफोलाइन
(iii) रीडिफ
(iv) तहलका
उत्तर – (iii) रीडिफ

(ग) किसी समाचार संगठन के लिए एक निश्चित मानदेय पर काम करने वाले पत्रकार को क्या कहते हैं?
(i) पूर्णकालिक
(ii) अंशकालिक
(iii) फ्रीलांसर
(iv) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (ii) अंशकालिक

(घ) छह ककारों में क्या आता है?
(i) क्या-कब
(ii) कौन-कहाँ
(iii) क्यों-कैसे
(iv) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (iv) उपर्युक्त सभी

(ङ) रेडियो नाटक किस प्रकार का माध्यम है?
(i) श्रव्य
(ii) दृश्य
(iii) दृश्य-श्रव्य
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (i) श्रव्य

7. व्याकरण पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर चुनकर उत्तर-पुस्तिका में लिखिए :
(क) ‘दुः + तर’ की संधि है :
(i) दुःतर
(ii) दुष्तर
(iii) दुश्तर
(iv) दुस्तर
उत्तर – (iv) दुस्तर

(ख) ‘नीलकण्ठ’ में समास है :
(i) बहुव्रीहि
(ii) द्वन्द्व
(iii) द्विगु
(iv) अव्ययीभाव
उत्तर – (i) बहुव्रीहि

(ग) वाक्य शुद्ध है :
(i) कृपया करके शांत रहिए।
(ii) कृपा शांत रहिए।
(iii) कृप्या शांत रहिए।
(iv) कृपया शांत रहिए।
उत्तर – (iv) कृपया शांत रहिए।

(घ) वाक्य अशुद्ध है :
(i) यह रचना उद्देश्यपूर्ण है।
(ii) यह रचना सोद्देश्य है।
(iii) यह रचना सोद्देश्यपूर्ण है।
(iv) यह रचना उद्देश्य सहित है।
उत्तर – (iii) यह रचना सोद्देश्यपूर्ण है।

(ङ) ‘आशीर्वाद’ का सन्धि-विच्छेद है :
(i) आशीः + वाद
(ii) आशीर + वाद
(iii) आशिः + वाद
(iv) आशीवाः + द
उत्तर – (i) आशीः + वाद

8. ‘नैतिक शिक्षा’ पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) मानव कल्याण हेतु शुभ चिंतन करने वाले को वेदों में क्या कहा गया है?
(i) ऋषि
(ii) मानव
(iii) दानव
(iv) देव
उत्तर – (i) ऋषि

(ख) सन् 1965 के युद्ध में पाकिस्तान ने पैटन टैंक किस देश से लिए?
(i) रूस
(ii) जर्मनी
(iii) अमेरिका
(iv) चीन
उत्तर – (iii) अमेरिका

(ग) दुर्गा भाभी का जन्म कहाँ हुआ?
(i) लखनऊ
(ii) इलाहाबाद
(iii) लाहौर
(iv) गाज़ियाबाद
उत्तर – (ii) इलाहाबाद

(घ) सन् 1850 में मदनलाल ढींगरा का परिवार ‘साहीवाल’ छोड़कर कहाँ बस गया?
(i) फिरोजपुर
(ii) पेशावर
(iii) अमृतसर
(iv) लाहौर
उत्तर – (iii) अमृतसर

(ङ) करतार सिंह सराबा को मृत्युदण्ड सुनाने वाले जज को उन्होंने क्या कहा?
(i) आपका धन्यवाद
(ii) निर्णय गलत है
(iii) भारत माता की जय
(iv) पुनः विचार कीजिए
उत्तर – (i) आपका धन्यवाद

9. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए :
सो अनुराग कहाँ अब भाई। उठहु न सुनि मम बच बिकलाई।।
जो जनतेऊँ बन बंधु बिछोडू। पितु बचन मनतेउँ नहिं ओहू।।
सुत बित नारि भवन परिवारा। होहिं जाहिं जग बारहिं बारा।।
अस बिचारि जिय जागहु ताता। मिलइ न जगत सहोदर भ्राता।।
उत्तर – प्रसंग : प्रस्तुत पद्यांश रामचरितमानस के लंकाकाण्ड से उद्धृत है। युद्ध में लक्ष्मण के मूर्छित हो जाने पर, उनके समीप बैठे श्रीराम अत्यंत दुख और मोह में डूबकर करुण विलाप कर रहे हैं। इस विलाप में उनका भ्रातृ-प्रेम, उनके बलिदान और संसार की नश्वरता का मार्मिक चित्रण है।
• व्याख्या : राम अपने मूर्छित छोटे भाई लक्ष्मण को देखकर करुणा व्यक्त करते हैं, “हे भाई! तुम्हारा गहरा प्रेम कहाँ चला गया? मेरी बातें सुनकर क्यों नहीं उठते?” वे कहते हैं, “यदि मुझे पहले पता होता कि वनवास से भाई का वियोग होगा, तो मैं पिता दशरथ के वचन का पालन भी नहीं करता।” राम संसार की नश्वरता का स्मरण कराते हैं: “पुत्र, धन, पत्नी, घर और परिवार सभी अस्थायी हैं।” फिर लक्ष्मण को जगाते हुए कहते हैं, “इस विचार के साथ जाग जाओ कि सच्चा भाई संसार में फिर नहीं मिलता।” इस प्रकार राम लक्ष्मण के प्रति अपने प्रेम और त्याग को सबसे अधिक महत्व देते हैं।

अथवा

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
जीर्ण बाहु, है शीर्ण शरीर,
तुझे बुलाता कृषक अधीर,
ऐ विप्लव के वीर !
चूस लिया है उसका सार,
हाड़-मात्र ही है आधार,
ऐ जीवन के पारावार !
(i) ‘जीर्ण बाहु, शीर्ण शरीर’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर – कृषक (किसान)

(ii) ‘विप्लव के वीर’ किसे कहा गया है?
उत्तर – बादलों को

(iii) ‘विप्लव के वीर’ क्यों कहा गया है?
उत्तर – बादलों को ‘विप्लव के वीर’ इसलिए कहा गया है क्योंकि वे भयंकर गर्जन और वर्षा द्वारा समाज में क्रांति (विप्लव) लाते हैं। यह क्रांति शोषित किसान के लिए नया जीवन और सामाजिक विषमता को समाप्त करने का संदेश लेकर आती है।

(iv) ‘जीवन के पारावार’ क्यों कहा गया है?
उत्तर – बादलों को ‘जीवन के पारावार’ (जीवन का समुद्र या आश्रय) इसलिए कहा गया है क्योंकि जल ही धरती पर समस्त जीवन का आधार है। बादल ही वर्षा करके किसान की खेती और सभी प्राणियों को जीवन प्रदान करते हैं; वे जीवनदाता के रूप में असीम आशा के प्रतीक हैं।

(v) ‘चूस लिया है उसका सार’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर – ‘चूस लिया है उसका सार’ से तात्पर्य है कि शोषक वर्ग (पूँजीपतियों / ज़मींदारों) ने किसान के श्रम, धन और सम्पूर्ण जीवन शक्ति को निचोड़ लिया है। शोषण के कारण किसान केवल हड्डियों का ढाँचा (हाड़-मात्र) बनकर रह गया है, उसका जीवनतत्त्व समाप्त हो चुका है।

10. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए :
सियारों का क्रंदन और पेचक की डरावनी आवाज कभी-कभी निस्तब्धता को अवश्य भंग कर देती थी। गाँव की झोंपड़ियों से कराहने और कै करने की आवाज, ‘हरे राम ! हे भगवान!’ की टेर अवश्य सुनाई पड़ती थी। बच्चे भी कभी-कभी निर्बल कण्ठों से ‘माँ-माँ’ पुकारकर रो पड़ते थे। पर इससे रात्रि की निस्तब्धता में विशेष बाधा नहीं पड़ती थी।
उत्तर – प्रसंग : यह गद्यांश ‘पहलवान की ढोलक’ कहानी से लिया गया है। यह अंश उस समय का वर्णन करता है जब गाँव में हैजा और मलेरिया जैसी भयानक महामारियाँ फैली हुई थीं। महामारी के कारण पूरा गाँव रात में मौत के भय और गहरी चुप्पी में डूबा रहता है। लेखक ने यहाँ महामारीग्रस्त गाँव की भयावह और हृदय विदारक रात्रि का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया है।
• व्याख्या : लेखक बताते हैं कि रात के घने सन्नाटे को कभी-कभी केवल गीदड़ों (सियारों) का रोना और उल्लू (पेचक) की डरावनी आवाज ही तोड़ पाती थी। गाँव की झोपड़ियों से बीमारों के कराहने, उल्टी करने और भगवान को पुकारने (‘हरे राम’, ‘हे भगवान’) की आवाजें भी सुनाई देती थीं। यहाँ तक कि बच्चे भी कमजोर आवाज़ में ‘माँ’ पुकारकर रोते थे। लेकिन लेखक का मुख्य बिंदु यह है कि ये सारी मानवीय आवाजें इतनी कमजोर और क्षणभंगुर थीं कि ये मौत और भय से भरी रात की गहरी चुप्पी को खास असर नहीं पहुँचा पाती थीं। यह चित्रण महामारी की विभीषिका और मानवीय असहायता को प्रकट करता है।

अथवा

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
पर उस जादू की जकड़ से बचने का एक सीधा-सा उपाय है। वह यह कि बाजार जाओ तो खाली मन न हो। मन खाली हो, तब बाजार न जाओ। कहते हैं लू में जाना हो तो पानी पीकर जाना चाहिए। पानी भीतर हो, लू का लूपन व्यर्थ हो जाता है। मन लक्ष्य में भरा हो तो बाजार भी फैला-का-फैला ही रह जाएगा। तब वह घाव बिलकुल नहीं दे सकेगा, बल्कि कुछ आनंद ही देगा। तब बाजार तुमसे कृतार्थ होगा, क्योंकि तुम कुछ-न-कुछ सच्चा लाभ उसे दोगे। बाजार की असली कृतार्थता है आवश्यकता के समय काम आना।
(i) उपर्युक्त गद्यांश के रचयिता एवं पाठ का नाम लिखिए।
उत्तर – रचयिता (लेखक) : जैनेन्द्र कुमार
पाठ का नाम : बाजार दर्शन

(ii) बाजार के जादू की जकड़ से कैसे बच सकते हैं?
उत्तर – बाजार के जादू की जकड़ से बचने के लिए बाजार जाते समय मन खाली नहीं रखना चाहिए। मन में किसी लक्ष्य या आवश्यकता का भरा होना आवश्यक है, इससे बाजार का आकर्षण व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता।

(iii) लू में जाते समय पानी क्यों पीते हैं?
उत्तर – लू में जाते समय पानी इसलिए पीते हैं, ताकि पानी भीतर होने से लू का प्रभाव व्यर्थ हो जाए और लू का असर शरीर पर न हो।

(iv) बाजार की सार्थकता किसमें है?
उत्तर – बाजार की असली सार्थकता आवश्यकता के समय काम आने में है।

(v) बाजार हमें कब आनंद प्रदान करता है?
उत्तर – बाजार हमें तब आनंद प्रदान करता है जब हमारा मन लक्ष्य में भरा होता है। ऐसे में बाजार हमें कोई घाव (पीड़ा) नहीं दे पाता, बल्कि हम बाजार से केवल अपनी आवश्यक वस्तु खरीदकर उसे सच्चा लाभ देते हैं और स्वयं भी आनंदित होते हैं।

11. ‘अभिव्यक्ति और माध्यम’ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :
कहानी के नाट्य रूपांतरण में किस प्रकार की मुख्य समस्या का सामना करना पड़ता है?
उत्तर – कहानी के नाट्य रूपांतरण में मुख्य समस्याएँ :
(i) पात्रों के मनोभावों का नाटकीय रूपांतरण – कहानी में पात्रों के विचार और भावनाएँ विवरण से समझाए जाते हैं, जबकि नाटक में इन्हें अभिनय, हाव-भाव और संवाद के माध्यम से दर्शाना पड़ता है।
(ii) समय और स्थान की सीमा – कहानी में समय और स्थान असीमित हो सकते हैं, लेकिन नाटक में मंच और समय सीमित होने के कारण घटनाओं को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चुनौतीपूर्ण होता है।
(iii) संवादों का नाटकीयकरण – कहानी के संवाद अक्सर विस्तृत या वर्णनात्मक होते हैं। नाटक में इन्हें छोटे, स्वाभाविक और अभिनय अनुकूल बनाना पड़ता है, साथ ही मूल भाव बनाए रखना आवश्यक होता है।
(iv) अनावश्यक दृश्यों का चयन – कहानी में कई दृश्य और घटनाएँ होती हैं जो नाटक के लिए जरूरी नहीं होतीं। इन्हें हटाकर नाटक को रोचक और संगठित बनाना पड़ता है।

अथवा

रेडियो नाटक की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
उत्तर – रेडियो नाटक की विशेषताएँ :
(i) श्रव्य माध्यम – रेडियो नाटक केवल सुनने के लिए होता है। इसमें दृश्य तत्व नहीं होते। दर्शक या श्रोता केवल आवाज़, संवाद और ध्वनि प्रभाव के माध्यम से कहानी का अनुभव करता है। इसलिए पात्रों की भावनाएँ और घटनाएँ शब्दों और ध्वनि से ही समझनी पड़ती हैं।
(ii) ध्वनि और संगीत का महत्व – रेडियो नाटक में संगीत, ध्वनि प्रभाव और संवाद कहानी का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उदाहरण के लिए, बारिश की आवाज़, पत्तों की सरसराहट, या कदमों की आवाज़ श्रोता को वास्तविक अनुभव देती है और कहानी को जीवंत बनाती है।
(iii) संवाद प्रधान – इसमें घटनाओं और पात्रों की भावनाओं को मुख्य रूप से संवाद और आवाज़ के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। संवाद सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली होना चाहिए ताकि श्रोता आसानी से कहानी समझ सके।
(iv) काल्पनिक दृश्यों का निर्माण – रेडियो नाटक में दृश्य प्रस्तुत नहीं होते, इसलिए श्रोता अपनी कल्पना के माध्यम से कहानी के पात्र, स्थान और घटनाओं को मानसिक रूप से देखता है। यही इसे विशेष बनाता है और श्रोता की कल्पना शक्ति को सक्रिय करता है।
(v) संक्षिप्त और रोचक प्रस्तुति – रेडियो का समय सीमित होता है। इसलिए कहानी को छोटा, रोचक और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। अनावश्यक विवरण से बचा जाता है और मुख्य घटना पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

12. काव्य-खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) ‘पतंग’ कविता का मूलभाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ‘पतंग’ आलोक धन्वा द्वारा रचित कविता है, जिसमें कवि ने बाल-सुलभ इच्छाओं एवं उमंगों का सुंदर एवं सजीव चित्रण किया है। उन्होंने बाल क्रियाकलापों एवं प्रकृति में आए परिवर्तनों को सहज भाव से अभिव्यक्त किया है। पतंग बच्चों की उमंगों का रंग-बिरंगा सपना है जो आसमान में उड़ता है, जिसे बालमन छूना चाहता है। बच्चे उमंग में झूमकर आसमान को पार कर जाना चाहते हैं।

(ख) ‘कैमरे में बंद अपाहिज’ करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है’ विचार कीजिए।
उत्तर – दूरदर्शन पर एक अपाहिज का साक्षात्कार‚ व्यावसायिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए दिखाया जाता है। दूरदर्शन पर एक अपाहिज व्यक्ति को प्रदर्शन की वस्तु मान कर उसके मन की पीड़ा को कुरेदा जाता है‚ साक्षात्कारकर्ता को उसके निजी सुख दुख से कुछ लेना-देना नहीं होता है। यहाँ पर कवि के कहने का तात्पर्य यह है कि दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले इस प्रकार के अधिकतर कार्यक्रम केवल संवेदनशीलता का दिखावा करते हैं।

13. गद्य-खण्ड पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) ‘शिरीष के फूल’ पाठ का मूलभाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ‘शिरीष के फूल’ पाठ यह सिखाता है कि मनुष्य को किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में धैर्य, स्थिरता और संघर्ष बनाए रखना चाहिए। शिरीष का फूल भयंकर गर्मी, आँधी-तूफान और कठिन परिस्थितियों में भी सौंदर्य और कोमलता बनाए रखता है। कवि ने शिरीष के फूल को एक “अवधूत” के रूप में प्रस्तुत किया है, जो जीवन की कठिनाइयों से अप्रभावित रहता है और अपने कर्तव्यों तथा लोकहित के प्रति समर्पित और निष्ठावान रहता है। यह पाठ हमें यह संदेश देता है कि जीवन में सहनशीलता, धैर्य और निस्वार्थ भावना ही मनुष्य को महान बनाती है।

(ख) भक्तिन के चरित्र की किन्हीं चार विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – भक्तिन स्वाभिमानिनी महिला है, जो अपने आत्म-सम्मान और आदर्शों में दृढ़ रहती है। वह अत्यंत कर्मठ और मेहनती है तथा अपने कार्यों में हमेशा निष्ठावान रहती है। भक्तिन में सच्चे सेवक के सभी गुण मौजूद हैं और वह दूसरों की मदद करने में कभी पीछे नहीं रहती। शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद, कठिन परिस्थितियों में भी वह साहसी और अडिग रहती है।

14. ‘वितान (भाग-2) के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) ‘सिल्वर वेडिंग’ कहानी का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – ‘सिल्वर वेडिंग’ कहानी में पुरानी संस्कृति और आधुनिक संस्कृति के बीच अंतर को दर्शाया गया है। कहानी में यशोधर बाबू पुरानी सोच वाले व्यक्ति हैं, जबकि उनका बाकी परिवार आधुनिक सोच रखता है, जिसके कारण यशोधर बाबू परिवार के साथ तालमेल नहीं बिठा पाते। यह कहानी यह बताती है कि आधुनिक पीढ़ी मानवीय मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि पुरानी पीढ़ी संस्कृति और परंपराओं को बचाने में लगी रहती है।

(ख) सिंधु-घाटी-क्षेत्र में सर्दियों में वातावरण कैसा होता है?
उत्तर – सिंधु घाटी की सभ्यता का क्षेत्र सिंध और राजस्थान के कुछ हिस्सों से मिलता-जुलता है। सर्दियों में दिन के समय धूप तेज और चौंधियानी वाली होती है, लेकिन राजस्थान की पारदर्शी धूप की तरह नहीं। इसके कारण सारा वातावरण और दिशाएँ हल्के-फीके रंग में रंगी हुई प्रतीत होती हैं। इस क्षेत्र में रेत के टीले नहीं हैं और खेतों में हरियाली दिखाई देती है। खुले आसमान, सूना परिवेश, धूल, बबूल और अधिक गर्मी-सर्दी यहाँ के वातावरण की विशिष्टताएँ हैं।

15. व्याकरण पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) यमक अलंकार का लक्षण एवं उदाहरण दीजिए।
उत्तर – जहाँ किसी शब्द का एकाधिक बार भिन्न-भिन्न अर्थों में प्रयोग किया जाए, वहाँ यमक अलंकार होता है। अर्थात्, किसी वाक्य में एक ही शब्द कई बार दोहराया जाता है, लेकिन हर बार उसका अर्थ अलग होता है। उदाहरण: काली घटा का घमण्ड घटा – पहले ‘घटा’ का अर्थ है ‘बादल’, दूसरे ‘घटा’ का अर्थ है ‘अल्पता/कम होना’।

(ख) अव्ययीभाव समास की परिभाषा सोदाहरण दीजिए।
उत्तर – अव्ययीभाव समास वह समास है जिसमें प्रथम पद अव्यय होता है और समस्त पद क्रिया विशेषण के रूप में कार्य करता है। अर्थात्, दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बना वह नया शब्द, जिसका पहला पद अव्यय हो और पूरा शब्द क्रिया की विशेषता दर्शाए, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। उदाहरण : प्रतिदिन (प्रति + दिन) = प्रत्येक दिन, यथाशक्ति (यथा + शक्ति) = शक्ति के अनुसार

16. ‘नैतिक शिक्षा’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(क) लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का चारित्रिक वैशिष्ट्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का व्यक्तित्व दृढ़ निश्चयी, न्यायप्रिय और अनुशासनप्रिय था। वे कठिन परिस्थितियों में भी साहस और संकल्प के साथ निर्णय लेते थे, प्रशासनिक मामलों में निपुण थे और देश की एकता एवं अखंडता के लिए समर्पित थे। उनका जीवन सादगीपूर्ण और कर्तव्यनिष्ठा से भरा था, और वे व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करते थे। यही कारण है कि उन्हें भारत का “लौहपुरुष” कहा जाता है।

(ख) पतंजलि के योगसूत्र में किन सद्गुणों का उल्लेख किया गया है?
उत्तर – पतंजलि के योगसूत्र में मुख्य सद्गुणों का उल्लेख यम और नियम के रूप में किया गया है, जो योग साधना के लिए नैतिक और आचार संबंधी आधार हैं।
• यम में पाँच सद्गुण शामिल हैं: अहिंसा (हिंसा न करना), सत्य (सत्य बोलना), अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य (इंद्रिय संयम), और अपरिग्रह (अनावश्यक संग्रह न करना)।
• नियम में पाँच सद्गुण हैं: शौच (स्वच्छता), संतोष (संतुष्टि), तप (कठोर साधना), स्वाध्याय (स्व-अध्ययन), और ईश्वर प्रणिधान (ईश्वर में श्रद्धा)।