Haryana Board (HBSE) Class 12 Geography SAT-1 Question Paper 2026 Answer Key
Instructions :
• All questions are compulsory.
• Questions (1-5) carry 1 mark each.
• Questions (6) carry 2 marks.
• Questions (7) carry 3 marks.
• Questions (8) carry 5 marks.
1. निम्नलिखित में से कौन-सी प्रकार की उद्योग अन्य उद्योगों के लिए कच्चा माल तैयार करती है?
(A) कुटीर उद्योग
(B) लघु-उद्योग
(C) मूलभूत उद्योग
(D) स्वच्छन्द उद्योग
उत्तर – (C) मूलभूत उद्योग
2. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता बड़े पैमाने के उद्योगों के बारे में सही है?
(A) कच्चा माल स्थानीय स्तर पर प्राप्त किया जाता है।
(B) इनमें बड़ी संख्या में अकुशल श्रमिक कार्य करते हैं।
(C) इन्हें उन्नत तकनीक की आवश्यकता नहीं होती।
(D) इनमें बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है।
उत्तर – (D) इनमें बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है।
3. अभिकथन (A) : स्वच्छन्द उद्योग कहीं भी स्थित को सकते हैं।
कारण (R) : स्वच्छन्द उद्योग भारी और बड़े कच्चे माल पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं।
(A) दोनों A और R सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
(B) दोनों A और R सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
(C) A सही है, लेकिन R गलत है।
(D) दोनों A और R गलत हैं।
उत्तर – (C) A सही है, लेकिन R गलत है।
4. पर्यटन शब्द से आप क्या समझते हैं? इसकी परिभाषा दीजिए।
उत्तर – जब कोई व्यक्ति मनोरंजन, ज्ञानवृद्धि या व्यावसायिक कारणों से अस्थायी रूप से अपने स्थान से बाहर यात्रा करता है, तो उसे पर्यटन (Tourism) कहा जाता है।
5. अंकीय विभाजक का अर्थ बताइए।
उत्तर – विकसित देशों की तुलना में विकासशील देश अनेक आर्थिक, राजनीतिक व सामाजिक भिन्नताओं के कारण सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मिलने वाले लाभों व अवसरों के मामले में पिछड़ गये हैं, यही अंकीय विभाजक है।
6. प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारकों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारकों में अंतर :
• प्रतिकर्ष (Pull) कारक – ये वे कारण हैं जो लोगों को किसी अन्य स्थान की ओर आकर्षित करते हैं। उदाहरण: बेहतर रोजगार के अवसर, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, सुरक्षित और आरामदायक वातावरण।
• अपकर्ष (Push) कारक – ये वे कारण हैं जो लोगों को उनके वर्तमान निवास स्थान से दूर जाने के लिए मजबूर करते हैं। उदाहरण: बेरोज़गारी, गरीबी, प्राकृतिक आपदाएँ, युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता।
7. ‘नव- नवनिश्वयवाद’ की संकल्पना को उपयुक्त उदाहरणों सहित समझाइए।
उत्तर – नव-नवनिश्वयवाद एक आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण है, जिसमें सरकारी हस्तक्षेप को कम करके बाजार को स्वतंत्र और प्रतिस्पर्धी बनाने, निजीकरण और वैश्वीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को अधिक प्रभावी, प्रतिस्पर्धात्मक और वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ बनाना है। उदाहरण: भारत में 1991 के आर्थिक सुधार, मतलब निजी क्षेत्र और विदेशी निवेश को बढ़ावा।
8. ‘मानव विकास’ क्या है? मानव विकास के चार स्तंभों को समझाइए।
उत्तर – मानव विकास का अर्थ है व्यक्ति के जीवन स्तर, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना। यह केवल आय और आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति की क्षमताओं, अवसरों, स्वतंत्रता और सामाजिक-सामाजिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करता है। मानव विकास का लक्ष्य है कि लोग अपने जीवन में सक्षम, सशक्त और समाज में समान रूप से भागीदारी करने वाले बनें।
• मानव विकास के चार स्तंभ :
(i) समानता – प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध अवसरों तक समान पहुँच मिलनी चाहिए, चाहे वह लिंग, जाति या सामाजिक स्थिति कुछ भी हो। यह सुनिश्चित करता है कि सभी को विकसित होने और जीवन में आगे बढ़ने के समान मौके मिले।
(ii) स्थिरता – अवसरों और संसाधनों की उपलब्धता भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी बनी रहे। इसमें पर्यावरण का संरक्षण और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग शामिल है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को कोई कमी न हो।
(iii) उत्पादकता – मानव श्रम और क्षमताओं के उपयोग को बढ़ावा देना। इसका अर्थ है कि लोगों को अपनी प्रतिभाओं और क्षमताओं का उपयोग करने और समाज में योगदान करने के अवसर मिलें, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक उत्पादकता बढ़े।
(iv) सशक्तिकरण – व्यक्तियों को अपने जीवन और निर्णयों में स्वतंत्रता और शक्ति प्रदान करना। इसका अर्थ है कि लोग अपनी पसंद के अनुसार जीवन जी सकें और सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक जीवन में सक्रिय भागीदारी कर सकें।
8. चलवासी पशुचारण और वाणिज्यिक पशुपालन के बीच कोई पाँच बिंदुओं में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – चलवासी पशुचारण और वाणिज्यिक पशुपालन में अंतर :
| चलवासी पशुचारण | वाणिज्यिक पशुपालन |
| 1. इसका उद्देश्य परिवार की दैनिक आवश्यकताओं जैसे दूध, मांस, ऊन आदि की पूर्ति करना होता है। | 1.इसका उद्देश्य बाजार में अधिक उत्पादन कर आर्थिक लाभ प्राप्त करना होता है। |
| 2. इसमें पशुओं की संख्या कम होती है और पालन पारंपरिक तरीके से किया जाता है। | 2. इसमें बड़ी संख्या में पशु रखे जाते हैं और पालन वैज्ञानिक ढंग से किया जाता है। |
| 3. पशुपालक मौसम और चरागाह की उपलब्धता के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते हैं। | 3. पशुपालक स्थायी फार्मों में रहते हैं जहाँ पशुओं के लिए उचित प्रबंधन किया जाता है। |
| 4. पशुओं को स्थानीय चारा और सामान्य आवास मिलता है, जिससे उत्पादन सीमित रहता है। | 4. पशुओं को उच्च गुणवत्ता का चारा, दवाइयाँ और बेहतर आवास दिया जाता है, जिससे उत्पादन अधिक और गुणवत्तापूर्ण होता है। |
| 5. यह कम खर्चीला और आत्मनिर्भर तरीका है, जिसमें आय सीमित होती है। | 5. यह पूँजी-प्रधान और संगठित व्यवसाय है, जिसमें अधिक निवेश व अधिक लाभ होता है। |