HBSE Class 11 History SAT-1 Question Paper 2025 Answer Key

Haryana Board (HBSE) Class 11 History SAT-1 Question Paper 2025 Answer Key

Instructions :
• All questions are compulsory.
• Questions (1-10) carry 1 mark each.
• Questions (11-15) carry 3 marks each.
• Question (16) source based, carry 4 marks.
• Question (17) carry 6 marks.
• Question (18) map, carry 5 marks.

1. सुमेरियन भाषा की लिपि कौन-सी थी?
(A) कीलाक्षर
(B) खरोष्टी
(C) आरमाईक
(D) ब्राह्मी
उत्तर – (A) कीलाक्षर

2. मेसोपोटामिया …………. और ………..नदियों के बीच स्थित है।
(A) दजला और फरात
(B) गंगा और यमुना
(C) राइन और डेन्युब
(D) नील और अमेजन
उत्तर – (A) दजला और फरात

3. रोम का प्रथम सम्राट कौन था?
(A) जूलियस सीजर
(B) टाईबेरियस
(C) ऑगस्टस
(D) त्राजान
उत्तर – (C) ऑगस्टस

4. प्रथम सम्राट ऑगस्टस ने 27 ई.पू. में जिस साम्राज्य की स्थापना की, उसे क्या कहते थे?
(A) यूनियन
(B) गणतंत्र
(C) प्रिंसिपेट
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर – (C) प्रिंसिपेट

5. मेसोपोटामिया की पहली ज्ञात भाषा तथा लिपी ………….. थी।
उत्तर – सुमेरियन भाषा तथा कीलाक्षर लिपि

6. पैपाइरस का पौधा ………….. नदी के किनारे पर पैदा होता था।
उत्तर – नील

7. रोम के किस शासक को ‘प्रिंसिपेट’ कहा जाता था।
उत्तर – ऑगस्टस

8. ऑगस्टस का पहला नाम क्या था?
उत्तर – ऑक्टेवियन

9. शहरी जीवन की शुरुआत कहां से हुई?
उत्तर – मेसोपोटामिया

10. कथन (A) : रोम में दास प्रथा परचलित थी।
कारण (B) : दासों की स्तिथि बहुत दयनीय थी ।
(A) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(C) A सही हैं और R सही नहीं है।
(D) R सही हैं और A सही नहीं है।
उत्तर – (B) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या नहीं है।

11. मेसोपाटामिया सभ्यता में लेखन पद्धति के विकास का वर्णन करें।
उत्तर – मेसोपोटामिया में लेखन पद्धति का विकास एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना थी, जो 3200 ईसा पूर्व के आसपास शुरू हुई। सुमेरियन सभ्यता द्वारा विकसित कीलाक्षर लिपि इसका प्रमुख उदाहरण है। इस लिपि में, मिट्टी की पट्टिकाओं पर नुकीले सरकंडे से चिह्न बनाए जाते थे, जो बाद में ध्वन्यात्मक प्रतीकों में विकसित हुए।

12. मेसोपोटामिया के बारे में ‘ओल्ड टेस्टामेंट’ में क्या लिखा हुआ है?
उत्तर – ओल्ड टेस्टामेंट में मेसोपोटामिया का कई बार उल्लेख किया गया है, विशेष रूप से उत्पत्ति की पुस्तक में, जिसे सुमेर के रूप में जाना जाता है, ईंटों से बने शहरों की भूमि के रूप में। इसके अतिरिक्त, इराक का क्षेत्र, जो मेसोपोटामिया का एक हिस्सा है, को बाइबिल में ईडन गार्डन से लेकर इब्राहीम, डेनियल के शेर की मांद और बाबेल के टॉवर तक की कहानियों का जन्मस्थान माना जाता है।

13. रोमन साम्राज्य में तीसरी शताब्दी का संकट क्या था?
उत्तर – तीसरी शताब्दी का संकट रोमन साम्राज्य के इतिहास में एक ऐसा काल था जब साम्राज्य लगभग ढह गया था। इस संकट में आक्रमण, गृहयुद्ध, प्लेग और आर्थिक पतन शामिल थे, जिसने साम्राज्य को बहुत कमजोर कर दिया।

14. ऑगस्टस के काल को रोमन साम्राज्य का ‘स्वर्ण युग’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर – ऑगस्टस का काल रोमन साम्राज्य का स्वर्ण युग कहलाता है क्योंकि उसके शासन में गृहयुद्धों का अंत हुआ और साम्राज्य में स्थिरता आई। प्रशासनिक सुधारों, कर व्यवस्था और सेना पर नियंत्रण से साम्राज्य शक्तिशाली बना। इस समय साहित्य, कला और स्थापत्य का उत्कर्ष हुआ तथा “पैक्स रोमाना” के कारण लोगों का जीवन शांतिपूर्ण और समृद्ध रहा।

15. विश्व को मेसोपोटामिया की क्या देन है?
उत्तर – मेसोपोटामिया सभ्यता ने विश्व को अनेक महत्वपूर्ण देनें दीं। यहाँ सबसे पहले लेखन कला का विकास हुआ जिसे कीलाक्षर लिपि कहा जाता है। सुमेरियों ने गणना के लिए 60 आधारित संख्या पद्धति बनाई जिससे घंटे, मिनट और सेकंड की गणना संभव हुई। सिंचाई और कृषि की उन्नत पद्धतियाँ भी इसी सभ्यता की देन हैं। इसके अतिरिक्त समय मापन, ज्योतिष, कानून व्यवस्था और नगर जीवन की शुरुआत ने मानव सभ्यता को नई दिशा प्रदान की।

16. SOURCE BASED : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
दासों के प्रति व्यवहार :
रोमन साम्राज्य में दासों का जीवन कठिनाइयों और अपमान भरा था तथा वे पशुओं के समान जीवन जीने के लिए मजबूर थे। रोमन कानूनों के अनुसार दासों को सम्पत्ति माना जाता था। ये दास आवश्यकतानुसार घरों, कृषि, सेना, खानों तथा अन्य कई कार्यों को करते थे। पूरा रोमन साम्राज्य गुलामों पर निर्भर था तथा समाज का लगभग हर पाँचवाँ व्यक्ति दास होता था। दासों की स्थिति इतनी दयनीय थी कि कई बार वे अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों के विरुद्ध लड़ते भी थे। 73 ई० में एक ऐसा ही विद्रोह स्पार्टाकस के नेतृत्व में दासों ने किया था। विद्रोह के रूप में उठी दासों की आवाज को दबाने के लिए हजारों दासों को मौत के घाट उतार दिया गया। दासों को इतना ही खाना दिया जाता था कि वे काम करने के लिए जिन्दा रह सकें। परवर्ती काल में रोम के जमींदारों ने दासों पर धन खर्चना कम कर दिया, जिससे दास प्रथा धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई।
प्रश्न :
(I) रोमन कानून के अनुसार दासों को क्या माना जाता था?
उत्तर – सम्पत्ति

(II) दासों के द्वारा क्या कार्य किए जाते थे?
उत्तर – घरों, कृषि, सेना, खानों और अन्य कार्य

(III) 73 ईस्वी में किसके नेतृत्व में दासों ने विरोध किया?
उत्तर – स्पार्टाकस

(IV) दास प्रथा किस कारण से कमजोर हुई थी?
उत्तर – जमींदारों ने दासों पर धन खर्चना कम कर दिया

17. मेसोपोटामिया सभ्यता के मारी नगर का वर्णन कीजिए।
उत्तर – मारी नगर मेसोपोटामिया सभ्यता का एक अत्यंत प्रसिद्ध नगर था, जो यूफ्रेटीस नदी के तट पर स्थित था। यह नगर व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था तथा मेसोपोटामिया और भूमध्यसागर के बीच व्यापारिक मार्ग पर होने के कारण इसकी विशेष महत्ता थी। मारी में भव्य राजमहल और प्रशासकीय इमारतें बनी हुई थीं, जिनमें से एक राजमहल में 250 से अधिक कक्ष थे। यहाँ से हजारों मिट्टी की तख्तियाँ प्राप्त हुई हैं जिन पर कीलाक्षर लिपि में प्रशासन, व्यापार, कूटनीति और धार्मिक जीवन का विस्तृत विवरण मिलता है। इन तख्तियों से यह भी ज्ञात होता है कि मारी नगर राजनीतिक दृष्टि से संगठित और समृद्ध था। यहाँ की मूर्तिकला और चित्रकला भी अत्यंत विकसित थी, जो उस काल की सांस्कृतिक उन्नति का प्रमाण है। इस प्रकार मारी नगर मेसोपोटामिया सभ्यता की प्रशासनिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उन्नति का दर्पण माना जाता है।

अथवा

लेखक पद्धति के विकास के विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – मेसोपोटामिया में लेखन पद्धति का विकास धीरे-धीरे विभिन्न चरणों में हुआ। प्रारम्भ में लोग वस्तुओं और घटनाओं को व्यक्त करने के लिए चित्र बनाते थे, जिसे चित्रात्मक लेखन कहा जाता है। इसके बाद प्रतीक चिह्नों का प्रयोग शुरू हुआ, जिनसे विचारों और शब्दों को दर्शाया जाने लगा। समय बीतने पर ध्वनि आधारित लेखन का विकास हुआ, जिसमें चिन्हों को ध्वनियों और अक्षरों से जोड़ा गया। धीरे-धीरे यह पद्धति अधिक व्यवस्थित होती गई और इसे प्रशासन, व्यापार, कानून तथा शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग किया जाने लगा। सुमेरियों ने इस लिपि को कीलाक्षर के रूप में मिट्टी की तख्तियों पर अंकित किया, जिससे यह टिकाऊ और व्यापक बन गई। इस प्रकार चित्रों से लेकर ध्वनि और अक्षर आधारित पद्धति तक लेखन का विकास मानव सभ्यता के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

18. दिए गए रेखा मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को दर्शाइए :
(I) लाल सागर
(II) सिसली
(III) कुस्तुनतुनिया
(IV) भूमध्य सागर
(V) रोम
उत्तर –