Haryana Board (HBSE) Class 11 Business Studies SAT-1 Question Paper 2026 Answer Key
Instructions :
• All questions are compulsory.
• Questions (1-7) carry 1 mark each.
• Questions (8) carry 3 marks.
• Questions (9) carry 4 marks..
• Questions (10) carry 6 marks.
1. वह कार्य जिसमे पूंजी की आवश्यकता नहीं होती, उसे कहते हैं :
(A) रोजगार
(B) व्यवसाय
(C) उपरोक्त दोनों
(D) कोई नहीं
उत्तर – (A) रोजगार
2. निम्न में से कौन साझेदार हो सकता है?
(A) फर्म
(B) कंपनी
(C) व्यक्ति
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर – (D) उपरोक्त सभी
3. मिठाईयों के व्यापार को …………… की श्रेणी में रखा गया है। (स्थानीय / अंतरराष्ट्रीय)
उत्तर – स्थानीय
4. ……………. व्यापार, एकाकी व्यवसाय के लिए उत्तम है। (बेकरी / आयल मिल)
उत्तर – बेकरी
5. इसका अभिप्राय उस उद्योग से है जो सेवाएं प्रदान करता है। इस उद्योग को पहचानिए।
उत्तर – सेवा उद्योग (तृतीयक क्षेत्र)
6. सीमेंट उद्योग किस प्रकार के द्वितीयक उद्योग का उदाहरण है।
उत्तर – खनिज आधारित उद्योग
7. अभिकथन (A) : व्यवसाय को आर्थिक क्रिया के नाम से जाना जाता है।
कारण (R) : व्यवसाय समाज की आवश्यकता पूरे करते हुए लाभ अर्जित करता है।
(A) अभिकथन और कारण दोनों सही है और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
(B) अभिकथन और कारण दोनों सही है परंतु कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
(C) अभिकथन सही है परंतु कारण गलत है।
(D) अभिकथन और कारण दोनों गलत है।
उत्तर – (A) अभिकथन और कारण दोनों सही है और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
8. अंतरा अपने पिता तथा भाई के साथ मिलकर किराना स्टोर संभालती है। यह व्यावसायिक संगठनों के किस प्रारूप का उदाहरण है। इस प्रारूप के कोई दो नाम बताइए।
उत्तर – अंतरा का अपने पिता और भाई के साथ मिलकर किराना स्टोर चलाना साझेदारी (Partnership) का उदाहरण है। यह व्यावसायिक संगठन का वह प्रारूप है जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर व्यवसाय करते हैं। इस प्रारूप के दो नाम: भागीदारी फर्म और साझेदारी व्यवसाय हैं।
9. व्यावसायिक जोखिम क्या है? और इसके कारण क्या है?
उत्तर – व्यावसायिक जोखिम वह स्थिति है जिसमें किसी व्यवसाय को हानि या नुकसान होने की संभावना रहती है। यह जोखिम व्यवसाय से जुड़ी अनिश्चित परिस्थितियों, गलत निर्णयों, बाजार की अस्थिरता, प्राकृतिक घटनाओं और मानवजनित कारणों के कारण उत्पन्न होता है। व्यवसाय में लाभ की गारंटी नहीं होती, इसलिए जोखिम हर व्यावसायिक गतिविधि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे समझना और नियंत्रित करना व्यवसाय की सफलता के लिए आवश्यक है।
• व्यावसायिक जोखिम के कारण :
(i) आर्थिक कारण – बाजार में मांग और आपूर्ति में बदलाव, महंगाई, आर्थिक मंदी, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पूंजी की कमी व्यवसाय को प्रभावित कर सकती है। आर्थिक परिस्थितियों में अस्थिरता से लाभ में कमी और नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।
(ii) प्राकृतिक कारण – भूकंप, बाढ़, तूफ़ान, आग या मौसम और जलवायु की अनियमितताएँ व्यवसाय को जोखिम में डाल सकती हैं। प्राकृतिक आपदाएँ उत्पादन, वितरण और बिक्री को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे व्यवसाय का संचालन कठिन हो जाता है।
(iii) मानवजनित कारण – कर्मचारियों की गलती, लापरवाही, प्रबंधन की कमी, तकनीकी विफलताएँ, चोरी या धोखाधड़ी जैसी घटनाएँ व्यवसाय को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इन कारणों से व्यवसाय की प्रतिष्ठा और वित्तीय स्थिति पर भी असर पड़ता है।
10. साझेदारी का अर्थ क्या है? और इसकी विशेषता बताइए।
उत्तर – साझेदारी वह व्यावसायिक संगठन है जिसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर व्यवसाय करते हैं और लाभ-हानि साझा करते हैं। इसमें सभी साझेदार व्यवसाय के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं और अपने-अपने योगदान के अनुसार पूंजी लगाते हैं। इसे भागीदारी व्यवसाय (Partnership Business) भी कहा जाता है। साझेदारी का मुख्य उद्देश्य व्यवसाय से लाभ अर्जित करना होता है, लेकिन इसमें जोखिम और हानि की संभावना भी रहती है।
• साझेदारी की विशेषताएँ :
(i) कई साझेदार – साझेदारी में कम से कम दो और अधिक व्यक्ति मिलकर व्यवसाय करते हैं। सभी साझेदार मिलकर व्यवसाय की योजना और संचालन में भाग लेते हैं।
(ii) लाभ और हानि साझा करना – साझेदारी में लाभ और हानि सभी साझेदारों के बीच पूर्व निर्धारित अनुपात या समझौते के अनुसार बांटा जाता है। इसका उद्देश्य सभी साझेदारों की बराबरी और न्याय सुनिश्चित करना है।
(iii) साझा निर्णय – व्यवसाय के सभी महत्वपूर्ण निर्णय, जैसे निवेश, विस्तार या संचालन, में सभी साझेदारों की राय शामिल होती है। इससे व्यवसाय में सहमति और जिम्मेदारी बनी रहती है।
(iv) पूंजी का योगदान – सभी साझेदार अपने-अपने हिस्से की पूंजी व्यवसाय में लगाते हैं। पूंजी का योगदान व्यवसाय के संचालन और विस्तार में सहायक होता है।
(v) भरोसा और समझौता – साझेदारी भरोसे और आपसी समझौते पर आधारित होती है। यह समझौता लिखित रूप में भी हो सकता है जिसे साझेदारी समझौता कहते हैं। इसमें साझेदारी के नियम, लाभ-हानि का वितरण और जिम्मेदारियों का विवरण होता है।
(vi) साझेदारी में जोखिम – सभी साझेदार व्यवसाय से जुड़े जोखिम और हानि के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि सभी साझेदार अपने कर्तव्यों और फैसलों में सतर्क रहें।
अथवा
व्यवसाय, पेशा और रोजगार में अंतर बताइए।
उत्तर – व्यवसाय, पेशा और रोजगार में अंतर :
• व्यवसाय (Business) – व्यवसाय वह आर्थिक गतिविधि है जिसमें व्यक्ति किसी वस्तु या सेवा का उत्पादन या वितरण करता है और इसका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है। व्यवसाय में जोखिम और अनिश्चितताएँ रहती हैं क्योंकि बाजार की स्थिति, मांग और प्रतिस्पर्धा समय-समय पर बदलती रहती है। व्यवसाय स्वामित्व व्यक्तिगत, साझेदारी या कंपनी के रूप में हो सकता है और इसमें लाभ अर्जित करने के साथ-साथ समाज की आवश्यकताओं को पूरा करना भी शामिल होता है। उदाहरण के लिए, किराना स्टोर, होटल और फैक्ट्री।
• पेशा (Profession) – पेशा वह गतिविधि है जिसमें व्यक्ति विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करके समाज को सेवा प्रदान करता है और इसके बदले में फीस या पुरस्कार प्राप्त करता है। पेशा समाज के लिए उपयोगी सेवाएँ प्रदान करता है और इसमें लाभ का उद्देश्य तो होता है, लेकिन सेवा और विशेषज्ञता का महत्व अधिक होता है। पेशा व्यक्तिगत स्वामित्व पर आधारित होता है, इसमें जोखिम सीमित होता है और इसमें व्यक्ति अपने ज्ञान और कौशल का योगदान देता है। उदाहरण के लिए, डॉक्टर, वकील और शिक्षक।
• रोजगार (Employment) – रोजगार वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति किसी नियोक्ता के अधीन कार्य करता है और इसके बदले में नियमित वेतन या मजदूरी प्राप्त करता है। इसमें व्यक्ति व्यवसाय का मालिक नहीं होता और जोखिम न्यूनतम होता है। रोजगार में कर्मचारी केवल वेतन या अन्य सुविधाओं के लिए काम करता है और उसका कार्य नियोक्ता के नियमों और शर्तों के अधीन होता है। उदाहरण के लिए, स्कूल का शिक्षक, बैंक क्लर्क और फैक्ट्री मजदूर।