Haryana Board (HBSE) Class 10 Physical Education Question Paper 2024 Answer Key. BSEH (Board of School Education Haryana) Class 10 Physical Education Answer Key 2024. HBSE (Haryana Board of School Education) Class 10 Physical Education Solved Question Paper 2024. BSEH Class 10 Physical Education Paper 2024 Solution. Download PDF and check accurate answers carefully prepared through my personal understanding, subject knowledge, and dedication to help students based on the syllabus and exam pattern.
HBSE Class 10 Physical Education Question Paper 2024 Answer Key
1. वायु में नाइट्रोजन की मात्रा कितनी होती है?
(a) 50%
(b) 68%
(c) 78%
(d) 88%
उत्तर – (c) 78%
2. प्रोटीन की कमी से कौन-सा रोग हो जाता है?
(a) टी० बी०
(b) चेचक
(c) प्लेग
(d) क्वाशियोरकॉर
उत्तर – (d) क्वाशियोरकॉर
3. भारत में सबसे पुराना फुटबाल टूर्नामेंट कौन-सा है?
(a) संतोष ट्रॉफी
(b) डूरंड कप
(c) बी० सी० राय ट्रॉफी
(d) फेडरेशन कप
उत्तर – (b) डूरंड कप
4. आनन्दमठ में ‘राष्ट्रीय गीत’ कब प्रकाशित हुआ था?
(a) 1852 ई० में
(b) 1842 ई० में
(c) 1872 ई० में
(d) 1882 ई० में
उत्तर – (d) 1882 ई० में
5. ‘विश्व एड्स दिवस’ प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?
(a) 1 जनवरी को
(b) 1 फरवरी को
(c) 1 दिसम्बर को
(d) 1 नवम्बर को
उत्तर – (c) 1 दिसम्बर को
6. निम्नलिखित में से कौन-सा अंग रक्त प्रवाह संस्थान का नहीं है?
(a) हृदय
(b) धमनियाँ
(c) केशिकाएँ
(d) कोशिकाएँ
उत्तर – (d) कोशिकाएँ
7. खोपड़ी में ………… अस्थियाँ होती हैं।
उत्तर – 22
8. स्टीपलचेज रेस की दूरी …………. मीटर होती है।
उत्तर – 3000
9. गीता फोगाट ………….. से संबंधित हैं।
उत्तर – कुश्ती
10. किस खेल पुरस्कार में 25 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है?
उत्तर – मेजर ध्यानचंद पुरस्कार
11. कितने डेसिबल से अधिक शोर, ध्वनि प्रदूषण कहलाता है?
उत्तर – 65 डेसिबल से अधिक
12. बेरी-बेरी रोग किस विटामिन की कमी से होता है?
उत्तर – विटामिन B1
13. अभिकथन (A) : माँसपेशियों का अध्ययन मॉयोलॉजी में किया जाता है।
कारण (R) : हमारे शरीर में माँसपेशिया, अस्थियों से जुड़ी नहीं होती हैं।
(a) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर – (c) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
14. अभिकथन (A) : नॉक आउट टूर्नामेंट कम खर्चीले होते हैं।
कारण (R) : लीग टूर्नामेंट अधिक खर्चीले होते हैं तथा समय भी अधिक लगता है।
(a) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर – (b) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
15. अभिकथन (A) : मिनमाटा एक हानिकारक रोग है।
कारण (R) : मिनमाटा रोग पारे की अधिकता के कारण हो जाता है।
(a) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
उत्तर – (a) (A) और (R) दोनों सही है तथा (R), (A) को सही व्याख्या है।
16. वायु का मानव जीवन में क्या महत्त्व है?
उत्तर – वायु का मानव जीवन में अत्यधिक महत्व है, क्योंकि यह जीवित प्राणियों के लिए बुनियादी आवश्यकताओं में से एक है। वायु में उपस्थित ऑक्सीजन श्वसन क्रिया का आधार है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। मनुष्य और अन्य प्राणी ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। पौधे वायु में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग प्रकाश-संश्लेषण प्रक्रिया में करते हैं, जिससे वे भोजन बनाते हैं और ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं। यह पृथ्वी के जीवन चक्र को बनाए रखता है।
अथवा
कुपोषण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर – कुपोषण से तात्पर्य शरीर में पोषक तत्वों की कमी, अधिकता, या असंतुलन के कारण होने वाली स्थिति से है, जो शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करती है। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति को उसके शरीर की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता या अत्यधिक पोषण प्राप्त होता है।
17. एशियाई खेलों का झण्डा कैसा होता है?
उत्तर – एशियाई खेलों (एशियन गेम्स) का झंडा सफेद रंग का होता है, जिसके केंद्र में एशियाई खेलों का प्रतीक चिह्न (Logo) होता है। इस प्रतीक चिह्न में उगते हुए सूर्य का चित्र होता है, जो एशिया की एकता और विकास का प्रतीक है। सूर्य के चारों ओर किरणें होती हैं, जो भाग लेने वाले एशियाई देशों का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह झंडा हर एशियाई खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह में फहराया जाता है।
अथवा
हमें राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर – राष्ट्रीय एकता किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है। यह हमें बाहरी आक्रमणों और आंतरिक संघर्षों से बचाती है, देश को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाती है और एक मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में सहायता करती है। इसलिए, हमें राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए आपसी प्रेम, सहिष्णुता और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
18. रोग-निवारक क्षमता से क्या अभिप्राय है?
उत्तर – रोग-निवारक क्षमता से तात्पर्य शरीर की वह शक्ति या क्षमता है जो उसे विभिन्न प्रकार के संक्रमणों, बीमारियों, और हानिकारक कारकों से बचाने में सहायक होती है। इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) भी कहा जाता है। यह शरीर की एक प्राकृतिक प्रणाली है, जो विशेष कोशिकाओं, ऊतकों, और अंगों के नेटवर्क से मिलकर बनी होती है। यह शरीर को बैक्टीरिया, वायरस, और अन्य रोगजनकों से बचाने में मदद करती है। मजबूत प्रतिरोधक क्षमता बीमारियों की संभावना को कम करती है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ और सक्रिय रहता है।
19. त्वचा के कार्यों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर – त्वचा शरीर के आंतरिक अंगों को बाहरी हानिकारक कारकों जैसे कि बैक्टीरिया, वायरस, रसायन, और भौतिक चोटों से बचाती है। त्वचा पसीने के माध्यम से शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है और रक्त वाहिकाओं के फैलने या संकुचित होने से गर्मी को बनाए रखती है। त्वचा में मौजूद मेलेनिन रंजक त्वचा को रंग प्रदान करता है और सूर्य की हानिकारक किरणों से रक्षा करता है।
20. खेल की अन्तर्राष्ट्रीय विशेषता क्या है?
उत्तर – एक राष्ट्र की टीम दूसरे राष्ट्र में खेलने के लिए जाती है। इस प्रकार देशों में मित्रता बढ़ती है और अन्तर्राष्ट्रीय भावना उत्पन्न होती है। इस अन्तर्राष्ट्रीय भावना के द्वारा देशों के परस्पर वैर-विरोध मिट कर विश्व में शान्ति स्थापित होती जा रही है। इस प्रकार, खेल एक मनुष्य को दूसरे मनुष्य से, एक प्रान्त को दूसरे प्रान्त से और एक देश को दूसरे देश से मिलाती हैं। अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में विभिन्न देशों के अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक विचारधारा के व्यक्ति एक दूसरे के निकट आ जाते है ।
21. खेलों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए सरकार को क्या उपाय करने चाहिए?
उत्तर – सरकार को महिला खेल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने चाहिए। सरकार को ऐसे कानून बनाने व लागू करने चाहिए ताकि सभी शिक्षण संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य हो। महिलाओं को सरकार की ओर से खेलों में भाग लेने की आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जानी चाहिए। महिलाओं को पुष्टि व सुयोग्यता के प्रति सजग करना चाहिए। महिलाओं की खेल प्रतियोगिताओं को टी.वी. पर प्रसारित कराना चाहिए। महिलाओं की खेलों में अच्छी उपलब्धि प्राप्त करने पर सरकारी नौकरी का प्रावधान होना चाहिए।
22. विद्यालय की सफाई के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर – विद्यालय की सफाई रखने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए :
(i) स्कूल के परिसर में पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए
(ii) स्कूल के शौचालय और मूत्रालय की नियमित सफाई होनी चाहिए
(iii) स्कूल में कहीं भी थूकना या गंदगी बिखेरना नहीं चाहिए
(iv) स्कूल की सफाई के लिए अलग-अलग उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए
(v) सफाई कर्मचारियों को मास्क और दस्ताने पहनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए
(vi) स्कूल में पेयजल की सुरक्षित रखरखाव और भंडारण की व्यवस्था होनी चाहिए
(vii) स्कूल में कचरे का उचित निपटान होना चाहिए
(viii) स्कूल में छात्रों के बीच पर्यावरण-जागरूकता गतिविधियां करानी चाहिए
(ix) कक्षाओं में दीवारों पर कुछ लिखने से रोका जाना चाहिए
(x) स्कूल के आस-पास पेड़-पौधे लगाकर हरियाली बनानी चाहिए
अथवा
असीमित गति वाले जोड़ों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – असीमित गति वाले जोड़, वह जोड़ होते हैं जो विभिन्न दिशाओं में व्यापक गति प्रदान करते हैं। ये जोड़ों की संरचना और कार्यप्रणाली के कारण होते हैं, जो उन्हें अधिकतम गतिशीलता की अनुमति देते हैं।
असीमित गति वाले जोड़ :
(i) गेंद और खोखले जोड़ – इस प्रकार के जोड़ में एक गोलाकार सिर (गेंद) दूसरे हिस्से में खोखले स्थान (खोखले) में बैठता है। यह जोड़ तीन आयामों में गति की अनुमति देता है। उदाहरण: कंधे और कूल्हे के जोड़।
(ii) स्लाइडिंग या प्लेन जोड़ – इस प्रकार के जोड़ में दो सपाट सतहें एक-दूसरे पर स्लाइड करती हैं। उदाहरण: कलाई में कार्पल हड्डियों के बीच।
(iii) हिंगे जोड़ – यह जोड़ केवल एक दिशा में गति करता है, जैसे दरवाजे का हिंग। उदाहरण: घुटने और कोहनी के जोड़।
(iv) पिवट जोड़ – एक हड्डी दूसरी हड्डी के चारों ओर घूमती है। उदाहरण: गर्दन में।
23. विटामिन से क्या तात्पर्य है? ये कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर – विटामिन ऐसे जैविक यौगिक हैं जो शरीर के विकास, रखरखाव और सही कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक होते हैं। ये सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा नहीं देते, लेकिन शरीर की विभिन्न जैव रासायनिक और शारीरिक क्रियाओं के लिए जरूरी हैं। शरीर इनका निर्माण स्वयं नहीं कर सकता (कुछ अपवादों को छोड़कर), इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना पड़ता है।
विटामिन को प्रायः दो भागों में बाँटा जाता है :
(i) वसा में घुलनशील विटामिन – ये विटामिन वसा और तैलीय पदार्थों में घुलते हैं और शरीर में वसा ऊतकों और यकृत में संग्रहित होते हैं। जैसे: विटामिन A, D, E, K
(ii) पानी में घुलनशील विटामिन – ये विटामिन पानी में घुलते हैं और शरीर में संग्रहित नहीं होते, इसलिए इन्हें नियमित रूप से आहार में शामिल करना आवश्यक है। जैसे: विटामिन B, C
अथवा
एशियाई खेलों के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – एशियाई खेलों के उद्देश्य निम्नलिखित हैं :
(i) खेलों का प्रचार – एशियाई खेलों का मुख्य उद्देश्य एशिया में खेलों को बढ़ावा देना है। यह युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करता है कि वे खेलों में भाग लें और अपनी प्रतिभा को विकसित करें।
(ii) एकता और मित्रता – एशियाई खेलों का आयोजन विभिन्न देशों के बीच एकता, भाईचारे और मित्रता को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। यह विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं के बीच संवाद और समझ को बढ़ावा देता है।
(iii) प्रतिभा की पहचान – एशियाई खेल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ वे अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित कर सकते हैं। यह खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करता है।
(iv) सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान – ये खेल विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बनते हैं। इससे विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जागरूकता बढ़ती है और आपसी समझ को बढ़ावा मिलता है।
(v) स्वास्थ्य और फिटनेस – एशियाई खेलों का एक अन्य उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह खेलों के माध्यम से सक्रिय जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
(vi) आर्थिक विकास – एशियाई खेलों का आयोजन संबंधित देशों की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यह पर्यटन, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में विकास को प्रोत्साहित करता है।
(vii) खेलों की गुणवत्ता में सुधार – एशियाई खेलों के माध्यम से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को उच्च स्तर के प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है, जिससे खेलों की गुणवत्ता में सुधार होता है।
24. राष्ट्रीय एकता से क्या तात्पर्य है? भारतवर्ष में इसकी आवश्यकता का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर – राष्ट्रीय एकता का अर्थ है देश के सभी नागरिकों के बीच एकता, समानता, और सहभाव की भावना का विकास। इसमें विभिन्न धर्मों, भाषाओं, संस्कृतियों और जातियों के लोग एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर आपसी प्रेम, सहयोग और समर्पण की भावना से कार्य करते हैं। यह देश की अखंडता और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत में राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता :
(i) सामाजिक स्थिरता – जाति, धर्म और क्षेत्रीय भेदभाव को दूर कर सामाजिक सौहार्द और स्थिरता स्थापित करने के लिए।
(ii) देश की सुरक्षा – बाहरी खतरों और आतंरिक अशांति से निपटने के लिए सभी नागरिकों का एकजुट होना आवश्यक है।
(iii) आर्थिक प्रगति – सभी क्षेत्रों और समुदायों को साथ लेकर चलने से देश की समग्र आर्थिक प्रगति होती है।
(iv) सांस्कृतिक संरक्षण – विविध संस्कृतियों का सम्मान और संरक्षण करते हुए एकता बनाए रखना।
(v) राजनीतिक स्थिरता – लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और विघटनकारी शक्तियों को रोकने के लिए।
25. कोरोना क्या है? इसके कारणों व लक्षणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – कोरोना (COVID-19) एक संक्रामक रोग है जो सार्स-कोव-2 (SARS-CoV-2) नामक वायरस के कारण उत्पन्न होता है। यह वायरस पहली बार दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर में पहचाना गया था और इसके बाद यह पूरी दुनिया में फैल गया।
• कोरोना के कारण :
(i) संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना – वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने से निकलने वाली छोटी बूंदों के माध्यम से फैलता है।
(ii) सतहों का संपर्क – वायरस से संक्रमित सतह को छूने और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से संक्रमण हो सकता है।
(iii) निकट संपर्क – भीड़भाड़ वाले स्थानों में या लंबे समय तक किसी संक्रमित व्यक्ति के करीब रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
• कोरोना के लक्षण :
(i) सामान्य लक्षण – बुखार, सूखी खांसी, थकान
(ii) अन्य लक्षण – गले में खराश, सिरदर्द, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द, गंध और स्वाद का चले जाना
(iii) गंभीर लक्षण – सांस लेने में गंभीर कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव, भ्रम की स्थिति, होंठ या चेहरे का नीला पड़ना
26. श्वसन संस्थान क्या है? बाहरी श्वसन क्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर – श्वसन संस्थान शरीर की वह प्रणाली है जो श्वसन प्रक्रिया के माध्यम से ऑक्सीजन को शरीर के अंदर लाने और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालने का कार्य करता है। यह प्रक्रिया शरीर की कोशिकाओं के लिए आवश्यक ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। इसका सही ढंग से कार्य करना पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। श्वसन संस्थान की देखभाल करके हम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार कर सकते हैं। वायु नाक, मुंह, गले और वॉइस बॉक्स से होकर गुजरती है। फेफड़ों में वायु का प्रवेश और वायु का निष्कासन होता है। यह प्रक्रिया डायफ्राम और पसलियों की मांसपेशियों के संकुचन और शिथिलन से होती है। बाहरी श्वसन क्रिया शरीर की ऊर्जा उत्पादन प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऑक्सीजन प्रदान करती है। यह रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालकर शरीर का संतुलन बनाए रखती है। बाहरी श्वसन क्रिया फेफड़ों और वायुमंडल के बीच गैसों के आदान-प्रदान का पहला चरण है, जो जीवन के लिए अनिवार्य है।
27. लीग टूर्नामेंट से क्या अभिप्राय है? इसके लाभ व हानियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – लीग टूर्नामेंट एक प्रकार का खेल या प्रतियोगिता है, जिसमें प्रत्येक टीम या खिलाड़ी अन्य सभी प्रतिभागियों के खिलाफ मैच खेलते हैं। लीग टूर्नामेंट में हर टीम को अन्य टीमों के साथ कई मैच खेलने का मौका मिलता है, और इसके परिणामस्वरूप एक अंक तालिका बनती है, जिसमें अंक (विजय, हार, या ड्रॉ के आधार पर) जमा होते हैं। अंत में, सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है।
• लीग टूर्नामेंट के लाभ – सभी टीमें एक-दूसरे से बराबरी के स्तर पर खेलती हैं, जिससे हर टीम को अपना प्रदर्शन दिखाने का पर्याप्त अवसर मिलता है। लीग टूर्नामेंट के दौरान खेलों का आयोजन नियमित रूप से होता है, जो दर्शकों को लंबे समय तक जुड़ा रखता है।
• लीग टूर्नामेंट के नुकसान / हानि – लीग टूर्नामेंट में प्रत्येक टीम को कई मैच खेलने होते हैं, यह समय के लिहाज से लंबा हो सकता है, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों का धैर्य खत्म हो सकता है। कुछ दर्शकों को लीग टूर्नामेंट का प्रारूप थोड़ा कम रोमांचक लग सकता है, क्योंकि इसमें कई मैच होते हैं और एक टीम को अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए लंबा समय लग सकता है।
28. खेलकूद का महिलाओं के लिए क्या महत्त्व है? विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर – खेलकूद का महिलाओं के जीवन में बहुत महत्व है। प्राचीन काल में महिलाओं के लिए खेलकूद के महत्व को नकारा जाता था। लेकिन समय के साथ साथ समाज की सोच में परिवर्तन होता गया।
खेलकूद का महिलाओं के लिए महत्त्व निम्नलिखित है :
(i) खेलों में भाग लेने से महिलाओं में आत्म विश्वास और आत्म सम्मान की भावना भी जागृत होती है।
(ii) खेलकूद में भाग लेने से महिलाओं की वृद्धि और विकास उचित होता है। इससे वे हृष्ट-पुष्ट होती है, जिससे वे अपने जीवन के दैनिक कार्यों को अधिक कुशलतापूर्वक कर सकती है।
(iii) खेलों में भाग लेने से महिलाओं के मानसिक विकास में बढ़ोतरी होती है।
(iv) खेलकूद में भाग लेने से महिलाओं में सहनशीलता का विकास भी होता है।
(v) खेलकूद महिलाओं में अच्छे चरित्र का विकास करने में भी सहायक होते हैं।
(vi) खेलों में भाग लेने से दबाव, तनाव, अवसाद व चिन्ताओं आदि से छुटकारा मिल जाता है।
(vii) खेलकूद में भाग लेने से अनेक सामाजिक गुणों जैसे सहयोग, सहानुभूति, वफादारी, दयालुता, एकता, ईमानदारी, आज्ञाकारिता, आपसी लगाव व हार जीत को स्वीकार करने की अभिवृत्ति आदि का विकास होता है।
(viii) महिलाओं को प्रायः मोटापे की समस्या होती है। खेलकूद में भाग लेने से मोटापे को नियंत्रित किया जा सकता है।
(ix) खेलों में भाग लेने से सामान्य स्वास्थ्य विकारों जैसे मधुमेह, पाचन सम्बन्धी विकार, आसन सम्बन्धी दोष व ग्रन्थियों से सम्बन्धित विकार आदि में सुधार होता है।
(x) खेलकूद महिलाओं में नेतृत्व के गुणों का विकास कर उनकी इच्छा शक्ति को दृढ़ करते हैं।
अथवा
भारतवर्ष में खेलों को बढ़ावा देने के लिए दिए जाने वाले ‘राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों’ का वर्णन कीजिए।
उत्तर – भारत में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए हर साल राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार भारत सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों में दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य खिलाड़ियों और कोचों को प्रोत्साहित करना और खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की प्रमुख श्रेणियाँ :
(i) मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार (पहले राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार) – यह भारत में खेल के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान है। यह किसी खिलाड़ी द्वारा 4 वर्षों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर असाधारण प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। पुरस्कार में एक पदक, प्रमाण पत्र और ₹25 लाख नकद राशि दी जाती है।
(ii) अर्जुन पुरस्कार – यह पुरस्कार खिलाड़ियों की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए दिया जाता है। यह खिलाड़ियों को पिछले 4 वर्षों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल भावना के लिए दिया जाता है।
पुरस्कार में एक कांस्य प्रतिमा, प्रमाण पत्र और ₹15 लाख नकद राशि दी जाती है।
(iii) द्रोणाचार्य पुरस्कार – यह पुरस्कार खेल प्रशिक्षकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। यह आजीवन योगदान व नियमित श्रेणी के लिए दिया जाता है। पुरस्कार में एक कांस्य प्रतिमा, प्रमाण पत्र और ₹15 लाख नकद राशि दी जाती है।
(iv) ध्यानचंद पुरस्कार – यह पुरस्कार खिलाड़ियों को उनके खेल के क्षेत्र में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है। पुरस्कार में एक पदक, प्रमाण पत्र और ₹10 लाख नकद राशि दी जाती है।
29. व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारक निम्न हैं :
(i) आहार – पोषक तत्वों, विटामिन, और मिनरल्स की सही मात्रा और संतुलित आहार स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
(ii) व्यायाम – नियमित व्यायाम करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है
(iii) नींद – पर्याप्त और गहरी नींद लेना शारीरिक, मानसिक, और आत्मिक स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है।
(iv) वातावरणीय कारक – प्रदूषण, धूम्रपान, अत्यधिक धूप, ज्यादा तनाव, और अपर्याप्त हाइजीन जैसे वातावरणीय कारक स्वास्थ्य को बुरा प्रभावित कर सकते हैं।
(v) जीवनशैली – खराब लाइफस्टाइल भी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
(vi) आंतरिक कारक – ये कारक शरीर के किसी अंग की कार्यप्रणाली में दोष या कुसंक्रिया के कारण होते हैं।
(vii) बाहरी कारक – ये कारक हमारे शरीर के कामों में दखल देकर स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
इसके अलावा, शिक्षा और साक्षरता, संस्कृति, लिंग, आय और सामाजिक स्थिति, रोज़गार, स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, और स्वस्थ बाल विकास भी स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक हैं।
अथवा
संतुलित आहार क्या है? हमारे जीवन में संतुलित आहार के महत्त्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर – संतुलित आहार वह आहार है जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व (जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, रेशा और जल) उचित मात्रा में होते हैं। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, विकास और मरम्मत में सहायता करता है, और रोगों से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है।
संतुलित आहार के हमारे जीवन में महत्त्व :
(i) संतुलित आहार शरीर को दैनिक कार्यों के लिए आवश्यक ऊर्जा देता है।
(ii) बच्चों और किशोरों में सही विकास और शारीरिक वृद्धि सुनिश्चित करता है।
(iii) प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों से बचाव होता है।
(iv) उचित मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन शरीर के वजन को संतुलित रखता है और मोटापा, मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाता है।
(v) पोषण की कमी मानसिक थकावट और तनाव को बढ़ा सकती है। संतुलित आहार मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखता है।
(vi) संतुलित आहार का सेवन व्यक्ति को अधिक सक्रिय, ऊर्जावान और स्वस्थ बनाता है।
(vii) संतुलित आहार पाचन तंत्र को सही रखता है।
30. संक्रामक रोगों से क्या अभिप्राय है? इनके फैलने के माध्यमों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर – संक्रामक रोग वे रोग होते हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे या परोक्ष रूप से फैलते हैं। ये रोग मुख्यतः सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया, वायरस, कवक, और प्रोटोजोआ) के कारण होते हैं। ये सूक्ष्मजीव शरीर में प्रवेश कर उसे संक्रमित करते हैं और रोग उत्पन्न करते हैं। संक्रामक रोगों को संचारी रोग भी कहा जाता है।
संक्रामक रोगों के फैलने के माध्यम :
(i) जल एवं भोजन के माध्यम से
(ii) वायु के माध्यम से
(iii) रोगवाहक कीटों के माध्यम से
(iv) चोट अथवा घाव के माध्यम से
(v) प्रत्यक्ष सम्पर्क के माध्यम से
(vi) यौन सम्बन्धों के माध्यम से
अथवा
रक्त क्या है? रक्त की संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर – रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है जो हमारे शरीर में जीवन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को बनाए रखता है। यह शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन, पोषक तत्व, हार्मोन और अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करता है।
रक्त की संरचना : रक्त मुख्य रूप से दो घटकों से मिलकर बना होता है :
(i) रक्त द्रव (प्लाज्मा) – प्लाज्मा रक्त का तरल भाग है, जो लगभग 55% रक्त का भाग बनाता है। इसमें 90-92% पानी होता है, जबकि शेष 8-10% में प्रोटीन, इलेक्ट्रोलाइट्स, ग्लूकोज, हार्मोन, और अपशिष्ट पदार्थ होते हैं। प्रोटीन जैसे एल्ब्यूमिन, ग्लोबुलिन, और फाइब्रिनोजन प्लाज्मा में पाए जाते हैं।
(ii) रक्त कणिकाएँ (Blood Cells) – रक्त में तीन प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं : लाल रक्त कणिकाएँ (RBC), श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC), प्लेटलेट्स (Platelets)
लाल रक्त कणिकाएँ (RBC) – इनका प्रमुख कार्य शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन करना है। इनमें हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन होता है, जो ऑक्सीजन और CO2 को बाँधता है। औसत जीवनकाल: लगभग 120 दिन।
श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC) – ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं और संक्रमण से बचाने का कार्य करती हैं। इनका प्रमुख कार्य बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक पदार्थों से लड़ना है।
प्लेटलेट्स (Platelets) – ये रक्त का थक्का जमाने में मदद करते हैं और चोट लगने पर रक्तस्राव को रोकते हैं।