Haryana Board (HBSE) Class 10 Hindi SAT-1 Question Paper 2025 Answer Key
खण्ड – क
1. व्याकरण पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 2 = 2 अंक)
(i) संधि कितने प्रकार की होती हैं?
(क) एक
(ख) दो
(ग) चार
(घ) तीन
उत्तर – (घ) तीन
(ii) जब कोई शब्द वाक्य में प्रयुक्त हो जाता है तब वह क्या कहलाता है?
(क) कारक
(ख) वचन
(ग) लिंग
(घ) पद
उत्तर – (घ) पद
2. निम्नलिखित प्रश्नों के यथानिर्दिष्ट उत्तर दीजिए : (2 × 3 = 6 अंक)
(i) अनुप्रास अलंकार किसे कहते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – जहाँ व्यंजनों की बार-बार आवृत्ति के कारण चमत्कार उत्पन्न हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। उदाहरण: चारु चन्द्र की चचल किरणे, खेल रही हैं, जल थल में।
(ii) संज्ञा की परिभाषा देकर उसके भेदों के नाम लिखिए।
उत्तर – किसी व्यक्ति, वस्तु स्थान आदि का बोध कराने वाले विकारी शब्दों को संज्ञा कहते हैं। जैसे: राम, आगरा, सुख आदि। संज्ञा के तीन भेद है- व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, भाववाचक संज्ञा।
(iii) चौपाई छंद की परिभाषा उदाहरण सहित दीजिए।
उत्तर – जिस रचना में अक्षरों, मात्राओ, यति, गति, तुक आदि नियमों का पालन हो, उसे चौपाई छंद कहते हैं। चौपाई के प्रत्येक चरण में 16 मात्राएं होती हैं। उदाहरण: रघु कुल रीत सदा चलि आई प्राण जायं पर वचन न जाई।
(प्रश्न 3 या 4 में से किसी एक का उत्तर दीजिए)
3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए : (5 अंक)
(i) नैतिक पतन देश का पतन
(ii) चुनाव में मतदान का महत्त्व
(iii) राष्ट्रीय एकता
उत्तर – स्वयं करें।
4. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर पत्र लिखिए : (5 अंक)
परीक्षा में नकल न करने की सलाह देते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए।
उत्तर –
| गली नं. 5, न्यू कॉलोनी चरखी दादरी (हरियाणा)14 अगस्त 20xxप्रिय मित्र अरुण, नमस्कार। आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मुझे पता चला है कि तुम परीक्षा में नकल करने का सोच रहे हो। यह सुनकर मुझे अच्छा नहीं लगा। मित्र, नकल करना एक बुरी आदत है। इससे हमें असली ज्ञान नहीं मिलता और आगे चलकर हमें कठिनाइयाँ होती हैं। मेहनत से पढ़ाई करने पर ही हमें सच्ची सफलता और गर्व मिलता है। इसलिए मैं तुम्हें सलाह देता हूँ कि मेहनत से पढ़ाई करो और ईमानदारी से परीक्षा दो। तुम्हारी मेहनत का फल जरूर अच्छा मिलेगा।तुम्हारा मित्र, साहिल |
अथवा
चरित्र प्रमाण-पत्र लेने के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।
उत्तर –
| सेवा में, प्रधानाचार्य महोदय, सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हिसारविषय: चरित्र प्रमाण-पत्र प्रदान करने हेतु प्रार्थना-पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा 10 का नियमित छात्र हूँ। मेरा नाम अमन है। मैंने इस विद्यालय में पाँच वर्षों तक अध्ययन किया है। इस दौरान मेरा आचरण, अनुशासन एवं पढ़ाई में प्रदर्शन हमेशा अच्छा रहा है। मैं विद्यालय की विभिन्न पाठ्यक्रम संबंधी एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेता रहा हूँ। भवदीय, |
खण्ड – ख
5. क्षितिज भाग-2 (काव्य खण्ड) पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 2 = 2 अंक)
(i) योग का संदेश गोपियों को किसके समान लगा?
(क) कड़वी ककड़ी
(ख) मिठाई
(ग) करेला
(घ) नीम
उत्तर – (क) कड़वी ककड़ी
(ii) ‘रे नृपबालक कालबस’ परशुराम द्वारा ये शब्द निम्न में से किसके लिए प्रयोग किये गए?
(क) श्री राम के लिए
(ख) लक्ष्मण के लिए
(ग) भरत के लिए
(घ) राजा जनक के लिए
उत्तर – (ख) लक्ष्मण के लिए
6. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
“हमारैं हरि हारिल की लकरी।
मन क्रम बचन नंद-नंदन उर, यह दृढ़ करि पकरी।
जागत सोवत स्वप्न दिवस-निसि, कान्ह-कान्ह जक री।
सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यों करुई ककरी।
सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी न करी।
यह तो ‘सूर’ तिनही लै सौंपो, जिनके मन चकरी।।”
प्रश्न :
(i) ‘हारिल’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
उत्तर – पक्षी
(ii) ‘कान्ह-कान्ह जकरी’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर – कृष्ण-कृष्ण की रट
(iii) गोपियों ने उद्धव को कौन-सी ब्याधि लेकर आने पर उलाहना दिया है?
उत्तर – योग रूपी ब्याधि का उलाहना दिया है।
(iv) किसका मन चकरी के समान कहा गया है और क्यों?
उत्तर – गोपियों का मन चकरी के समान कहा गया है क्योंकि कृष्ण–विरह में उनका मन अत्यधिक चंचल और अस्थिर हो गया था, ठीक वैसे ही जैसे चकरी (चकई पक्षी) का मन लगातार घूमता और बदलता रहता है।
(v) योग के संदेश को किसके समान बताया गया है?
उत्तर – योग के संदेश को कड़वी ककड़ी के स्वाद समान बताया गया है।
(प्रश्न 7 या 8 में से किसी एक का उत्तर दीजिए)
7. काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए : (3 अंक)
बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
उत्तर – इन पंक्तियों में कवि ने लक्ष्मण जी की वीरता के साथ उनकी विनम्रता का भी सुंदर चित्रण किया है। लक्ष्मण जी मुस्कराकर मधुर वाणी में मुनि को संबोधित करते हैं, जिससे उनका शांत और संयमित स्वभाव प्रकट होता है। वे बार-बार कुल्हाड़ी दिखाकर पर्वत को उड़ाने की अतिशयोक्तिपूर्ण बात कहते हैं, जिससे उनकी अपार शक्ति और आत्मविश्वास झलकता है। इस प्रकार इन पंक्तियों में वीरता, सौम्यता और हल्के हास्य का मनोहर संगम दिखाई देता है।
8. लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताई? (3 अंक)
उत्तर – लक्ष्मण ने वीर योद्धा के बारे में निम्नलिखित विशेषताएं कही है : वीर योद्धा व्यर्थ ही अपनी वीरता की डींगें नहीं हाकते। वीर योद्धा सिर्फ युद्ध करते हैं। वे अपने अस्त्र-शस्त्रों से अपनी वीरता का परिचय देते हैं। वीर योद्धा अपने मुहँ अपनी प्रशंसा नहीं करते।
खण्ड – ग
9. क्षितिज भाग -2 (गद्य खण्ड) पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 3 = 3 अंक)
(i) चश्मे वाले की देशभक्ति के सामने कौन नतमस्तक था?
(क) पानवाला
(ख) कैप्टन
(ग) हवलदार साहब
(घ) पूरा देश
उत्तर – (ग) हवलदार साहब
(ii) बालगोबिन भगत कितने वर्ष से ऊपर के होंगे?
(क) 40
(ख) 50
(ग) 60
(घ) 65
उत्तर – (ग) 60
(iii) नवाब साहब ने सीट के नीचे से क्या उठाया?
(क) बोतल
(ख) लोटा
(ग) बाल्टी
(घ) जूते
उत्तर – (ख) लोटा
(प्रश्न 10 या 11 में से किसी एक का उत्तर दीजिए)
10. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
“गर्मियों में उनकी ‘संझा’ कितनी उमसभरी शाम को न शीतल करती! अपने घर के आँगन में आसन जमा बैठते। गाँव के उनके कुछ प्रेमी भी जुट जाते। खैजड़ियों और करतालों की भरमार हो जाती। एक पद पर बालगोबिन भगत कह जाते, उनकी प्रेमी-मंडली उसे दुहराती, तिहराती। धीरे-धीरे स्वर ऊँचा होने लगता एक निश्चित ताल, एक निश्चित गति से। उस ताल-स्वर के चढ़ाव के साथ श्रोताओं के मन भी ऊपर उठने लगते। धीरे-धीरे मन तन पर हावी हो जाता। होते-होते, एक क्षण ऐसा आता कि बीच में खैजड़ी लिए बालगोबिन भगत नाच रहे हैं और उनके साथ ही सबके तन और मन नृत्यशील हो उठे हैं। सारा आँगन नृत्य और संगीत से ओतप्रोत है!”
प्रश्न :
(i) उपर्युक्त गद्यांश किस पाठ से लिया गया है? और इसके लेखक का क्या नाम है?
उत्तर – पाठ : बालगोबिन भगत, लेखक : रामवृक्ष बेनीपुरी
(ii) गर्मियों में बालगोबिन भगत क्या करते थे?
उत्तर – आँगन में आसन जमाकर संगीत व नृत्य का आनन्द लेते थे।
(iii) प्रेमी-मंडली कौन थी? उसका क्या काम था?
उत्तर – प्रेमी-मंडली गावों के लोगों का समूह था। संगीत में साथ देना उनका काम था।
(iv) ‘मन-तन पर हावी हो जाता’ का क्या अर्थ है?
उत्तर – सुध खो जाना या लीन हो जाना।
(v) ‘होते-होते’ किस प्रकार का क्षण आ जाता था?
उत्तर – एक ऐसा क्षण जब बालगोबिन नाचने लग जाते।
11. स्वयंप्रकाश अथवा यशपाल का साहित्यिक परिचय दीजिए। (5 अंक)
उत्तर –
स्वयंप्रकाश
• जन्म – स्वयं प्रकाश का जन्म सन् 1947 में इंदौर (मध्यप्रदेश) में हुआ।
• शिक्षा – मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में नौकरी करने वाले स्वयं प्रकाश का बचपन और नौकरी का बड़ा हिस्सा राजस्थान में बीता। फ़िलहाल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद वे भोपाल में रहते थे और वसुधा पत्रिका के संपादन से जुड़े थे।
• रचनाएं – आठवें दशक में उभरे स्वयं प्रकाश आज समकालीन कहानी के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। उनके तेरह कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें सूरज कब निकलेगा, आएँगे अच्छे दिन भी, आदमी जात का आदमी और संधान उल्लेखनीय हैं। उनके बीच में विनय और ईंधन उपन्यास चर्चित रहे हैं। उन्हें पहल सम्मान, बनमाली पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादेमी पुरस्कार आदि पुरस्कारों से पुरस्कृत किया जा चुका है।
• साहित्यिक विशेषताएँ – स्वयं प्रकाश के साहित्य पर आदर्शवादी विचारधारा का काफी प्रभाव है। इनकी कृतियों में देश, समाज, नगर-गाँव की सुख-समृद्धि देखने की आकांक्षा प्रकट हुई है। भारतीय सांस्कृतिक जीवन-मूल्य उनमें प्रवाहित हुए हैं।
• भाषा शैली – मध्यवर्गीय जीवन के कुशल चितेरे स्वयं प्रकाश की कहानियों में वर्ग-शोषण के विरुद्ध चेतना है तो हमारे सामाजिक जीवन में जाति, संप्रदाय और लिंग के आधार पर हो रहे भेदभाव के खिलाफ़ प्रतिकार का स्वर भी है। रोचक किस्सागोई शैली में लिखी गईं उनकी कहानियाँ हिंदी की वाचिक परंपरा को समृद्ध करती हैं।
• मृत्यु – इनकी मृत्यु 7 दिसंबर 2019 को हुई।
अथवा
यशपाल
• जन्म – यशपाल का जन्म सन् 1903 में पंजाब के फीरोज़पुर छावनी में हुआ।
• शिक्षा – प्रारंभिक शिक्षा काँगड़ा में ग्रहण करने के बाद लाहौर के नेशनल कॉलेज से उन्होंने बी.ए. किया। वहाँ उनका परिचय भगत सिंह और सुखदेव से हुआ। स्वाधीनता संग्राम की क्रांतिकारी धारा से जुड़ाव के कारण वे जेल भी गए।
• रचनाएं – यशपाल की रचनाओं में आम आदमी के सरोकारों की उपस्थिति है। सामाजिक विषमता, राजनैतिक पाखंड और रूढ़ियों के खिलाफ़ उनकी रचनाएँ मुखर हैं। उनके कहानी संग्रहों में ज्ञानदान, तर्क का तूफ़ान, पिंजरे की उड़ान, वा दुलिया, फूलो का कुर्ता उल्लेखनीय हैं। उनका ‘झूठा सच’ उपन्यास भारत विभाजन की त्रासदी का मार्मिक दस्तावेज़ है। अमिता, दिव्या, पार्टी कामरेड, दादा कामरेड, मेरी तेरी उसकी बात, उनके अन्य प्रमुख उपन्यास हैं।
• भाषा शैली – भाषा की स्वाभाविकता और सजीवता उनकी रचनागत विशेषता है। वे यथार्थवादी शैली के विशिष्ट रचनाकार हैं।
• मृत्यु – उनकी मृत्यु सन् 1976 में हुई।
12. नेता जी की मूर्ति को देखकर क्या याद आने लगता था? (2 अंक)
उत्तर – शहर के चौराहे पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा लग हुई थी। लोग जब भी मूर्ति को देखते तो उन्हें नेताजी का आजादी के दिनों वाला जोश याद आने लगता। उन्हें नेताजी के ‘दिल्ली चलो’, ‘तुम मुझे खून दो’ जैसे नारे याद आने लगते थे।
खण्ड – घ
13. कृतिका भाग-2 के आधार पर किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए : (3 अंक)
(i) माता का आँचल पाठ का मूल भाव उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – माँ बच्चे की जन्मदाता तथा पालन-पोषण करने वाली होती है। बच्चा माँ से सबसे अधिक लगाव रखता है। वह बच्चे की भावनाओं को अच्छी तरह समझ लेती है। माँ का अपने बच्चे से आत्मिक प्रेम होता है। बच्चा माँ की ममता को भूला नहीं सकता। यही कारण है कि बच्चा विपदा के समय पिता के पास न जाकर अपनी माँ के पास जाना पसंद करता है।
(ii) कटाओ को भारत का स्विटजरलैंड क्यों कहा गया है? कारण एवं उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – कटाओ लायुंग से 500 फीट की ऊँचाई पर स्थित था। इसे भारत का स्विट्ज़रलैंड कहा जाता है। वह अपनी बर्फीली घाटियों के कारण प्रसिद्ध था। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता असीम है। वह अभी तक सुर्खियों में इसलिए नहीं आया क्योंकि वह अभी तक टूरिस्ट स्पॉट नहीं बना था। वह अभी तक अपने प्राकृतिक स्वरूप में था।
खण्ड – ङ
14. आदर्श जीवन मूल्य (मध्यमा) के आधार पर किन्ही दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (2 × 2 = 4 अंक)
(i) ईश्वर ही अपरिवर्तनीय सत्ता है, इसे उदाहरण देकर सिद्ध करें।
उत्तर – इस सृष्टि में दो प्रकार के पदार्थ हैं नित्य तथा अनित्य, केवल परमात्मा ही नित्य है क्योंकि वह अपरिवर्तित सत्ता है। शेष सब कुछ अनित्य है। विज्ञान ने भी माना है कि परिवर्तन तभी संभव है जब उसका आधार अपरिवर्तनीय हो। अत: ईश्वर की सत्ता अपरिवर्तनीय है।
अथवा
आपकी कक्षा में कुछ बच्चे एक जैसी मेहनत करते हैं परन्तु सभी की उपलब्धि में अंतर होता है। इसके क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर – एक जैसी मेहनत करने पर भी सभी बच्चों की उपलब्धि में अंतर होने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे पहले, प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता, समझने की गति और मानसिक स्तर अलग होता है। दूसरा, पढ़ाई की विधि और समय-प्रबंधन में भी अंतर हो सकता है- कुछ बच्चे योजनाबद्ध ढंग से पढ़ते हैं, जबकि कुछ बिना योजना के। तीसरा, घर का माहौल, माता-पिता का सहयोग, स्वास्थ्य और एकाग्रता भी परिणाम को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति लगन भी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
(ii) अर्जुन ने प्रार्थना के स्वरों में भगवान के समक्ष क्या स्वीकार किया?
उत्तर – अर्जुन कहते है जिस प्रकार पिता अपने पुत्र की ढिठाई, मित्र अपने मित्र की धृष्टता, प्रिय अपनी प्रिया का अपराध सहन कर लेता है, उसी प्रकार आप कृपा करके मेरी त्रुटियों को सहन कर लें। मैंने गलती वश कभी भी आपका अनादर किया हो तो आप स्वामी मेरे इन अपराधों को क्षमा कर दें।
अथवा
गीता में तीन प्रकार के आधार कौन-से हैं? उनका परिणाम क्या है?
उत्तर – भगवद्गीता में तीन प्रकार के आधार बताए गए हैं- सात्त्विक, राजसिक और तामसिक।
• सात्त्विक आधार – यह शुद्ध, ज्ञानयुक्त और निःस्वार्थ भाव से किया जाने वाला कर्म है। इसका परिणाम शांति, सुख और मोक्ष की प्राप्ति होता है।
• राजसिक आधार – यह लोभ, अहंकार और फल की इच्छा से किया जाने वाला कर्म है। इसका परिणाम अस्थायी सुख और अंत में असंतोष होता है।
• तामसिक आधार – यह अज्ञान, आलस्य और हानि पहुँचाने की भावना से किया जाने वाला कर्म है। इसका परिणाम दुख, पतन और अज्ञान में वृद्धि है।