HBSE Class 9th Hindi Solved Question Paper 2021

HBSE Class 9th Hindi Solved Question Paper 2021

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1. निम्नलिखित प्रश्नों के यथानिर्दिष्ट उत्तर दीजिए : 

(i) निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकारों के नाम बताइए :  

(क) रघुपति राघव राजा राम 

Ans. अनुप्रास अलंकार 

(ख) हरिपद कोमल कमल से 

Ans. उपमा अलंकार 


(ii) तत्सम् शब्द के दो उदाहरण दीजिए। 

Ans. दधि, पितृ, मातृ, गृह 


(iii) निम्न शब्दों में उपसर्ग व प्रत्यय अलग-अलग कीजिए : 

अशिक्षा 

Ans. अ उपसर्ग 

कड़वाहट 

Ans. आहट प्रत्यय 


(iv) निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य-निर्माण कीजिए : 

आँखें चार होना । 

उत्तर – प्रेम होना 

दर-दर की ठोकरें खाना ।

Ans. भटकना 


(v) (क) स्वर रहित र यानि र् का प्रयोग करते हुए एक शब्द लिखिए 

Ans. कर्म, धर्म 

(ख) संयुक्त व्यंजन श्र में वर्ण विच्छेद कीजिए 

Ans. श्र – श् + र


(vi) निम्न शब्दों का समास विग्रह करके समास का नाम भी लिखिए: 

आजीवन 

Ans. जीवन भर  (अव्यवी भाव समास) 

चौराहा 

Ans. चार राहों का समूह  (द्विगु समास)


(vii) निम्न शब्दों के विलोम शब्द लिखिए: 

साकार 

Ans. निराकार 

उत्थान 

Ans. पतन 


(viii) निम्न शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए: 

ईश्वर 

Ans. भगवान, प्रभु, परमात्मा 

राजा 

Ans. नृप, भूप, भूपति, नरेश 


2. निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए : 

(i) कबीर के अनुसार हंस कहाँ केलि करते हैं ?  

(क) सागर  में 

(ख) नदी में  

(ग) मानसरोवर में  

(घ) झरने में 

Ans. (ग) मानसरोवर में  


(ii) कवि ने ज्ञानी किसे कहा है ? 

(क) जो ज्ञान रखता है  

(ख) जो शास्त्र पढ़ता है 

(ग) जो स्वयं को जानता है 

(घ) जो दूसरों को जानता हो  

Ans. (ग) जो स्वयं को जानता है 


(iii) गोपियाँ श्रीकृष्ण की कौन-सी वस्तु धारण करना नहीं चाहतीं ?  

(क) मुकुट  

(ख) वस्त्र  

(ग) मुरली  

(घ) लाठी 

Ans. (ग) मुरली 


(iv) कवि माखनलाल चतुर्वेदी ने कौन-सा गहना पहना हुआ था ?  

(क) कंगन  

(ख) घड़ी 

(ग) हथकड़ी  

(घ) पायल  

Ans. (ग) हथकड़ी


(v) कैसी सड़क से बच्चे काम पर जा रहे हैं ?  

(क) कच्ची सड़क  

(ख) पक्की सड़क 

(ग) चमकदार सड़क 

(घ) कोहरे से ढकी सड़क 

Ans. (घ) कोहरे से ढकी सड़क 


(vi) ‘मोको कहाँ ढूँढे बंदे’ पद में किसको ढूँढ़ने की बात कही गई है ? 

(क) बापू को 

(ख) माता को 

(ग) बहन को

(घ) ईश्वर को 

Ans. (घ) ईश्वर को 


(vii) कवि रसखान किस पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं ? 

(क) गोवर्धन 

(ख) मैनाक 

(ग) हिमालय

(घ) अरावली 

Ans. (क) गोवर्धन 


(viii) ‘रस्सी कच्चे धागे की’ कहने के पीछे कवयित्री का आशय क्या है ? 

(क) साँसें 

(ख) कच्चा धागा 

(ग) कमजोर साथी

(घ) कपास 

Ans. (क) साँसें


(ix) “या लकुटी अरु कामरिया पर” सवैये में कवि ने किस प्रदेश की प्रशंसा की है ? 

(क) मगध 

(ख) ब्रज 

(ग) मालवा

(घ) अवध  

Ans. (ख) ब्रज


(x) गोपियों से श्रीकृष्ण की कौन-सी चीज सँभाली नहीं जाती ?  

(क) बाँसुरी 

(ख) पीताम्बर  

(ग) मुस्कान  

(घ) माला 

Ans. (ग) मुस्कान  


(xi) कवि माखनलाल चतुर्वेदी कहाँ बंद हैं ?  

(क) जेल में 

(ख) घर में  

(ग) मंदिर में 

(घ) कमरे में 

Ans. (क) जेल में 


(xii) गोपियाँ सिर पर क्या धारण करना चाहती हैं ? 

(क) माला 

(ख) मुरली  

(ग) वस्त्र  

(घ) मोरपंख 

Ans. (घ) मोरपंख 


3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :  

(क) ‘मानसरोवर सुभर जल, हंसा केलि कराहिं’ – इस पंक्ति में मानसरोवर, जल व हंस का गूढ़ अर्थ स्पष्ट कीजिए। 

Ans. मानसरोवर से अभिप्राय है – भक्त का मन  

जल से अभिप्राय है – भक्ति रूपी जल 

हंस से अभिप्राय है – भक्त, संत, साधुजन जो भक्ति में डूबे रहते हैं। 


(ख) बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है ?  

Ans. क्योंकि बच्चे हमारा भविष्य हैं। खाने, खेलने, पढ़ने मस्ती करने की उम्र में वे बाल मजदूरी करेंगे तो शिक्षा से वंचित रह जाएंगें। उन्हीं के कंधों पर देश का भार टिका हुआ है। 


(ग) गोपियाँ श्रीकृष्ण की मुरली से क्यों जलती थीं ? 

Ans. गोपियाँ कृष्ण की मुरली से इसलिए जलती थीं, क्योंकि वे उसे सौतन समझती थीं। श्रीकृष्ण हर समय मुरली बजाते रहते थे। वे गोपियों की ओर ध्यान नहीं देते थे।


4. निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए : 

(i) काँजीहौस से कौन नहीं भागा था ?  

(क) बकरियाँ 

(ख) गधे  

(ग) भैंसे 

(घ) घोड़े  

Ans. (ख) गधे  


(ii) कुची-कुची का क्या अर्थ है ?  

(क) धीरे-धीरे  

(ख) कुछ-कुछ  

(ग) दया-दया 

(घ) परे-परे 

Ans. (ग) दया-दया 


(iii) सालिम अली ने बचपन में गौरैया को किससे घायल किया था ?  

(क) एयरगन से 

(ख) तलवार से  

(ग) गुलेल से 

(घ) पत्थर से 

Ans. (क) एयरगन से 


(iv) ‘पन्हैंया’ से क्या अभिप्राय है ?  

(क) वस्त्र 

(ख) पहनने योग्य  

(ग) जूतियाँ 

(घ) आभूषण 

Ans. (ग) जूतियाँ 


(v) हीरा और मोती किसके घर से भागे थे ?  

(क) गया 

(ख) झूरी  

(ग) प्रेमचन्द 

(घ) बाला 

Ans. (क) गया 


(vi) तिब्बत में जागीरों का बड़ा भाग किनके हाथ में है ?  

(क) राजाओं के 

(ख) मठों के  

(ग) भिक्षुओं के 

(घ) किसानों के  

Ans. (ग) भिक्षुओं के


(vii) सालिम अली कौन थे ?  

(क) मनोवैज्ञानिक  

(ख) राजनीतिज्ञ  

(ग) पशुचिकित्सक 

(घ) पक्षी विज्ञानी 

Ans. (घ) पक्षी विज्ञानी 


(viii) मिट्टी पर पड़ने वाली पहली बूँद का असर जानने वाले नेता कौन थे ?  

(क) महात्मा गाँधी 

(ख) जवाहरलाल नेहरू 

(ग) चै0 चरण सिंह 

(घ) लाल बहादुर शास्त्री 

Ans. (ग) चै0 चरण सिंह 


(ix) झूरी के दोनों बैल किस जाति के थे ? 

(क) पछाई 

(ख) राजस्थानी  

(ग) जंगली  

(घ) मुर्रा 

Ans. (क) पछाई 


(x) घोड़ा कैसे चलने लगा ?  

(क) धीरे-धीरे 

(ख) जल्दी-जल्दी  

(ग) लड़खड़ाकर 

(घ) भागकर 

Ans. (क) धीरे-धीरे


(xi) हीरा और मोती एक-दूसरे से विचार-विनिमय कैसे करते थे ? 

(क) संकेतों से 

(ख) आवाज निकालकर 

(ग) मूक भाषा में 

(घ) स्पर्श करके 

Ans. (ग) मूक भाषा में 


(xii) किन स्थानो पर मरने वालों की कोई परवाह नहीं करता ? 

(क) नदियों के किनारे 

(ख) निर्जन स्थानों में 

(ग) गाँव में 

(घ) सभी जगह 

Ans. (ख) निर्जन स्थानों में 


5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 

(क) तिब्बत यात्रा के दौरान लेखक को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ? 

Ans. तिब्बत यात्रा के दौरान विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा, दुर्गम मार्ग पर चढ़ाई, मामूली स्थानों पर रुकना, भिखारियों की तरह भीख माँगना, साथियों से बिछुड़ना गलत रास्ते पर चलना।  


(ख) “सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे।” पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। 

Ans. सलीम अली प्रकृति प्रेमी थे। उन्होंने प्रकृति का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। वे दुरबीन के साथ प्रकृति को निहारते रहते थे। प्रकृति के साथ-साथ पक्षियों से भी प्रेम करते थे। 


6. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर स्वरचित वाक्य बनाइए : 

आँखों का तारा 

उत्तर – बहुत प्यारा 

कान भरना 

Ans. चुगली करना 


7. ‘कृतिका भाग-1’ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 

(क) ‘मेरे संग की औरतें’ पाठ के आधार पर लिखिए कि कैसे लोगों को अधिक श्रद्धाभाव से देखा जाता है ? 

Ans. जो दूसरों की बातों में दखलअंदाजी न करें। सबको सही सलाह दें। सही निर्णय लें। परोपकारी हो। दूसरों की मदद करें। सच बोलना, चुगली न करना। 


(ख) ‘रीढ़ की हड्डी’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। 

Ans. सामाजिक रूढ़ियों पर प्रहार, ‘रीढ़ की हड्डी’ चारित्रिक, शारीरिक, मानसिक, सोच का प्रतीक, शंकर की रीढ़ की हड्डी उसकी अपंगता के साथ-साथ चरित्रहीनता को दर्शाती है। अतः यह नाम सार्थक है।


(ग) माटी वाली का, रोटियों का इस तरह हिसाब लगाना उसकी किस मजबूरी को प्रकट करता है ? 

Ans. गरीबी, बेबसी, पतिव्रता, त्याग, समर्पण। 


(घ) लेखिका की नानी की आजादी के आन्दोलन में किस प्रकार की भागीदारी रही ? 

Ans. यद्यपि प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी पर अप्रत्यक्ष रूप से समाज की रुढ़िवादी परम्पराओं को तोड़कर अपनी बेटी का रिश्ता राष्ट्रप्रेमी देशभक्त से तय करने की इच्छा जाहिर की। 


(ङ) ‘शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है’ इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए । 

Ans. शिक्षा बच्चों का जन्म सिद्ध अधिकार है यह संविधान में भी वर्णित है। लेखिका ने बागलकोट में बच्चों की शिक्षा के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन, कैथोलिक बिशप से मिलना, स्थानीय उत्साही लोगों का साथ, प्राइमरी स्कूल की स्थापना। 


8. हरिशंकर परसाई अथवा राहुल सांकृत्यायन के जीवन और साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

Ans. हरिशंकर परसाई– हरिशंकर परसाई का जन्‍म मध्‍य प्रदेश के होशंगाबाद जनपद में इटारसी के निकट स्थित जमानी नामक ग्राम में 22 अगसत 1924 ई. को हुआ था। इनकी प्रारम्भिक शिखा से स्‍नातक तक की शिक्षा मध्‍य प्रदेश में हुई। तदुपरान्‍त इन्‍होंने नागजुर विश्‍वविद्यालय से एम.ए. हिन्‍दी की परीखा उत्तीर्ण की। इनके पश्‍चात् कुछ वर्षों तक इन्‍होंने अध्‍यापन-कार्य किया।

इन्‍होंने बाल्‍यावस्‍था से ही कला एवं साहित्‍य में रुचि लेना प्रारम्‍भ कर दिया था। वे अध्‍यापन के साथ-साथ साहित्‍य-सृजन भी करते रहे। दोनो कार्य साथ-साथ न चलने के कारण अध्‍यापन-कार्य छोड़कर साहित्‍य-साधना को ही इन्‍होंने अपने जीवन का लक्ष्‍य बना लिया।

इन्‍होंने जबलपुर में ‘वसुधा’ नामक पत्रिका के सम्‍पादन एवं प्रकाशन का काय्र प्रारम्‍भ किया, लेकिन अर्थ के अभाव के कारण यह बन्‍द करना पड़ा। इनके निबन्‍ध और व्‍यंग्‍य समसामयिक पत्र-पत्रिकाओं में प्र‍कशित होते रहते थे, लेकिन इन्‍होंने नियमित रूप से धर्मयुग और साप्‍ताहिक हिन्‍दुस्‍तान के लिए अपनी रचनाऍं लिखीं। 10 अगस्‍त 1995 ई. को इनका स्‍वर्गवास हो गया।

हिन्‍दी गद्य-साहित्‍य के व्‍यंग्‍यकारों में हरिशंकर परसाई अग्रगण्‍य थे। इनके व्‍यंग्‍य-विषय सामािजक एवं राजनीतिक रहे। व्‍यंग्‍य के अतिरिक्‍त इन्‍होंने साळितय की अन्‍य विधाओं पर भी अपनी लेखनी चलाई थी, परन्‍तु इनकी प्रसिद्धि व्‍यंग्‍याकार के रूप में ही हुई।

हरिशंकर परसाई जी की पहली रचना “स्वर्ग से नरक जहाँ तक” है, जो कि मई, 1948 में प्रहरी में प्रकाशित हुई थी, जिसमें उन्होंने धार्मिक पाखंड और अंधविश्वास के ख़िलाफ़ पहली बार जमकर लिखा था। धार्मिक खोखला पाखंड उनके लेखन का पहला प्रिय विषय था। वैसे हरिशंकर परसाई कार्लमार्क्स से अधिक प्रभावित थे। परसाई जी की प्रमुख रचनाओं में “सदाचार का ताबीज” प्रसिद्ध रचनाओं में से एक थी जिसमें रिश्वत लेने देने के मनोविज्ञान को उन्होंने प्रमुखता के साथ उकेरा है। 


                                        अथवा 

राहुल सांकृत्यायन– महापंडित राहुल साकृत्‍यायन हिन्‍दी साळितय की अद्वितीय विभूति है। उन्‍होंने हिन्‍दी भाषा और साहित्‍य की बहुमुखी सेवा की इनका साहित्‍य-सृजन विराट था। वे हिन्‍दी साहित्‍य के समर्थ साहित्‍यकार हैं। राहुलजी का जन्‍म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पन्‍दहा नामक ग्राम में उनके नाना पं. रामशरण पाठक के यहॉं 9 अप्रैल 1893 ई. को हुआ था।

इनके पिता पं. गोवर्द्धन पाण्‍डे, कनैला ग्राम में रहते थे। वे कट्टर धर्मनिष्‍ठ ब्राह्मण थे। इनकी माता श्रीमती कुलवन्‍ती दवी सरल एवं उदार ह्दय और सात्विक विचारों की महिला थीं। 

राहुल जी का बचपन का नाम केदारनाथ था। संस्‍कृति गोत्र होने के कारण वे सांकृत्‍यायन कहलाये। बौद्ध धर्म में आस्‍था रखने के कारण उन्‍होंने अपना नाम बदलकर राहुल रख लिया  और वे राहुल सांकृतयायन नाम से विख्‍यात हुए ।

रानी की सराय ओर निजामाबाद में अनकी प्रारम्भिक शिक्षा हुई। उन्‍होंने सन् 1907 ई. में उर्दू मिडिल परीक्षा उत्तीर्ण की। उनके पिता की तीव्र इच्‍छा थी कि वे आग्र भी पढ़ाई करें, परन्‍तु बौद्ध धर्म में आस्‍था हो जाने के कारण उनका मन अध्‍ययन में न लगा।

उन्‍होंने कभी विधिवत् शिक्षा ग्रहण नहीं की। अपने घूमने के अनुभव के आधार पर ही उन्‍होंने साळित्‍य का सृजन किया । राहुलजी को साहित्‍य लिखने की प्रेरणा, प‍ालि साहित्‍य ओर संस्‍कृत के अध्‍ययन से प्राप्‍त हुई। उन्‍होंने तिब्‍बत, श्रीलंका, सोवियत भूमि, जापान, चीन, आदि देशों की यात्रा की और बौद्ध साहित्‍य का गहन अध्‍ययन किया।

उन्‍होंने अपने उस ज्ञान को विभिन्‍न रचनाओं के माध्‍यम सेअभिव्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने कहानी, नाटक, उपन्‍यास, यात्रावृत्त, निबन्‍ध, आत्‍मकथा, जीवनी, साहित्‍यलोचन, राजनीति और इतिहास आदि विषयों पर लगभग 150 ग्रन्‍थों की रचना की है। हिन्‍दी की अथक सेवा करते हुए 14 अप्रैल 1963 ई. को उन्‍होंने महाप्रस्‍थान (मृत्‍यु) किया।

अपनी ‘जीवन यात्रा’ में राहुल जी ने स्वीकार किया है कि उनका साहित्यिक जीवन सन् 1927 से प्रारम्भ होता है। वास्तविक बात तो यह है कि राहुल जी ने किशोरावस्था पार करने के बाद ही लिखना शुरू कर दिया था।

जिस प्रकार उनके पाँव नहीं रुके, उसी प्रकार उनके हाथ की लेखनी भी कभी नहीं रुकी। उनकी लेखनी से विभिन्न विषयों पर प्राय: 150 से अधिक ग्रन्थ प्रणीत हुए हैं। प्रकाशित ग्रन्थों की संख्या सम्भवत: 129 है। लेखों, निबन्धों एवं वक्तृतताओं की संख्या हज़ारों में हैं।


9. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 250 शब्दों में एक निबन्ध लिखिए :

(i) विद्यार्थी और अनुशासन

(ii) मेरा प्रिय नेता

(iii) समय का सदुपयोग

(iv) प्रदूषण एक समस्या 

Ans. खुद करे। 


10. अपने मित्र को वार्षिक परीक्षा में जिले भर में प्रथम आने पर बधाई पत्र लिखिए।

Ans. 

न्यू  शिमला ,

भाटिया निवास ,

हिमाचल प्रदेश ,

दिनांक 2 मार्च, 2022

प्रिय मित्र ,

             हेल्लो आरुष आशा करता हूँ, तुम अपने स्थान में सुरक्षित होगे। पत्र के माध्यम से तुम्हें परीक्षा में जिले भर में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए तुम्हें बहुत बधाई देना चाहता हूँ।

यह बहुत प्रसन्नता हुई कि तुम बोर्ड परीक्षा में प्रथम आए हो। शानदार सफलता प्राप्त करने के लिए हार्दिक बधाई हो। मुझे इस बात की खुशी है कि तुम्हारी मेहनत सफल हुई। तुमने मन लगाकर साल भर पढ़ाई करी इसीलिए तुम्हें यह इनाम मिला। आशा है आगे भी तुम इसी प्रकार सफलता प्राप्त करोगे और अपना ख्याल रखना। तुम्हारे पत्र का इंतजार करूंगा।

तुम्हारा दोस्त 

रोहित 


                                         अथवा

अपनी आर्थिक कठिनाइयों का वर्णन करते हुए मुख्याध्यापक को फीस माफी के लिए प्रार्थना पत्र लिखिए।

Ans.

सेवा में,

प्रधानाचार्य जी

जवाहर पब्लिक स्कूल

जनकपुरी, दिल्ली -18

विषय : फीस माफ़ी के लिए

महोदय ,

सविनय निवेदन है कि मै आपके विद्यालय का कक्षा 10 का छात्र हूँ। मेरे पिताजी अपने छोटे से व्यवसाय द्वारा बड़ी कठिनाई से परिवार का पालन पोषण करते हैं। बढ़ती महंगाई के कारण काफी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। घर में आवश्यक वस्तुओं का अभाव रहता है। मेरे 4 भाई-बहन विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे है, उनकी पढ़ाई -लिखाई आदि के खर्चे का बोझ पिताजी के सर पर लदा रहता है। मै अपनी कक्षा का परिश्रमी छात्र हूँ और कक्षा में सदैव प्रथम आता हूँ। खेलकूद में भी मेरी अच्छी रूचि है।

अतः आपसे निवेदन है की आप मेरी विद्यालय की फीस माफ़ करने की कृपा करें जिससे मैं अध्ययन कर सकूं। मेरे अभिवावक आपके अत्यंत आभारी रहेंगे। 

आपका आज्ञाकारी शिष्य

दिनांक : 

क ख ग

कक्षा 10


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