HBSE Class 12 Hindi Pre-Board Sample Paper 2026 Answer Key
खण्ड – अ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर इस पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उचित विकल्प चुनकर लिखें : (1 × 5 = 5 अंक)
भारत में हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य देश को खाद्यान्न मामले में आत्मनिर्भर बनाना था लेकिन इस बात की आशंका किसी को नहीं थी कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल न सिर्फ खेतों में बल्कि खेतों से बाहर मंडियों तक में होने लगेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग खाद्यान्न गुणवत्ता के लिए सही नहीं हैं लेकिन जिस रफ्तार से देश की आबादी बढ़ रही है, उसके मद्देनजर फसलों की अधिक पैदावार जरूरी थी। समस्या सिर्फ रासायनिक खादों के प्रयोग की ही नही है। देश के ज्यादातर किसान परम्परागत कृषि से दूर होते जा रहे हैं। दो दशक पहले तक, हर किसान के यहां गाय, बैल और भैंस खूँटों से बंधे मिलते थे। इन मवेशियों की जगह ट्रेक्टर-ट्रॉली ने ले ली है। परिणामस्वरूप गोबर और घूरे की राख मे बनी कम्पोस्ट खाद खेतों में गिरनी बंद हो गई। पहले चैत-बैसाख में गेहूँ की फसल कटने के बाद किसान अपने खेतों में गोबर, राख और पत्तो से बनी जैविक खाद डालते थे। इससे न सिर्फ खेतों की उर्वरा-शक्ति बरकरार रहती थी, बल्कि इससे किसानों को आर्थिक लाभ के अलावा बेहतर गुणवत्ता वाली फसल मिलती थी।
(i) हरित क्रांति अपने साथ क्या नहीं लाई?
(क) खाद्यान्न के लिए आत्मनिर्भरता
(ख) रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक
(ग) परंपरागत खेती से किसानों की दूरी
(घ) बेहतर गुणवत्ता वाली फसल
उत्तर – (घ) बेहतर गुणवत्ता वाली फसल
(ii) गोबर खाद की विशेषता है :
(क) जैविक है और उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है।
(ख) किसान की सर्वाधिक पंसद है।
(ग) गाँव में गोबर आसानी से मिलता है।
(घ) मंडी तक ले जाई जा सकती है।
उत्तर – (क) जैविक है और उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है।
(iii) रासायनिक खाद की विशेषता नहीं है :
(क) पैदावर बढ़ाना
(ख) खाद्यान्न की गुणवत्ता बढ़ाना
(ग) सस्ता होना
(घ) सहज उपलब्ध होना
उत्तर – (ख) खाद्यान्न की गुणवत्ता बढ़ाना
(iv) रासायनिक खाद के अतिरिक्त किस प्रमुख समस्या का उल्लेख है?
(क) किसानों का परम्परागत कृषि से दूर होना
(ख) फसल बिक्री के लिए मंडी उपलब्ध न होना
(ग) ट्रैक्टर का बढ़ता उपयोग
(घ) खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट होना
उत्तर – (क) किसानों का परम्परागत कृषि से दूर होना
(v) प्रस्तुत गद्यांश का उचित शीर्षक हो सकता है :
(क) हरित क्रांति
(ख) परम्परागत कृषि
(ग) जहरीले कीटनाशक
(घ) गुणकारी फसल
उत्तर – (क) हरित क्रांति
2. निम्नलिखित अपठित पद्यांश को पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
वह तोड़ती पत्थर
देखा मैंने इलाहाबाद के पथ पर-
वह तोड़ती पत्थर
कोई न छायादार,
पेड़ वह जिसके तले बैठी स्वीकार,
श्याम तन, भर बंधा यौवन,
नत नयन, प्रिय-कर्मरत मन।
गुरु हथौड़ा हाथ,
करती बार-बार प्रहार,
सामने तरू-मालिका अट्टालिका, प्राकार।
चड़ रही थी गर्मियों के दिन,
दीवा का तमतमाता रूप
उठती झुलसाती हुई लू
रूई ज्यों जलती हुई भू,
गर्द चिनगी छा गई,
प्रायः हुई दोपहर
वह तोड़ती पत्थर।
(i) प्रस्तुत काव्यांश के आधार पर बताएँ कि दोपहर का वातावरण कैसा था?
(क) हल्की हवा चल रही थी
(ख) आकाश में मेघ छाए थे
(ग) लू चल रही थी
(घ) धूप कम थी
उत्तर – (ग) लू चल रही थी
(ii) ‘नत नयन, प्रिय कर्मरत मन’ से अभिप्राय है :
(क) नयन सुंदर होने के कारण झुककर काम कर रही थी।
(ख) वह कमजोर थी।
(ग) नयन का झुकना स्वाभाविक है।
(घ) झुके हुए सुंदर नयन, कर्म में लीन है।
उत्तर – (घ) झुके हुए सुंदर नयन, कर्म में लीन है।
(iii) भूमि किसके समान जल रही थी?
(क) रूई के समान
(ख) तवे के समान
(ग) अंगीठी के समान
(घ) रह-रहकर जल रही थी।
उत्तर – (क) रूई के समान
(iv) प्रस्तुत काव्यांश का उचित शीर्षक क्या है :
(क) चढ़ती दोपहर
(ख) झुलसाती लू
(ग) मेहनती मजदूर
(घ) तोड़ती पत्थर
उत्तर – (घ) तोड़ती पत्थर
(v) कथन (अ) : झुके हुए सुंदर नेत्रों वाली स्त्री कार्य में व्यस्त थी।
कथन (ब) : अधिक सुंदर होने के कारण वह स्त्री चारों ओर देख रही थी।
(क) कथन (अ) गलत है किंतु कारण (ब) सही है।
(ख) कथन (अ) और कथन (ब) दोनों गलत है।
(ग) कथन (अ) सही है और कारण (ब) कथन (अ) की सही व्याख्या है।
(घ) कथन (अ) सही है किंतु कारण (ब) कथन (अ) की सही व्याख्या नहीं है।
उत्तर – (ख) कथन (अ) और कथन (ब) दोनों गलत है।
3. काव्य पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
(i) भाषा को घुमाने फिराने से बात कैसी हो जाती है?
(क) पेचीदा
(ख) सरल
(ग) दिव्य
(घ) सौम्य
उत्तर – (क) पेचीदा
(ii) ‘रूबाइयों’ के रचयिता का क्या नाम है?
(क) उमाशंकर जोशी
(ख) फ़िराक गोरखपुरी
(ग) हरिवंशराय बच्चन
(घ) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
उत्तर – (ख) फ़िराक गोरखपुरी
(iii) ‘बादल राग’ कविता में जीर्ण बाहु है शीर्ण शरीर, शब्दों का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
(क) शोषक वर्ग के लिए
(ख) शोषित वर्ग के लिए
(ग) बादलों के लिए
(घ) किसान वर्ग के लिए
उत्तर – (घ) किसान वर्ग के लिए
(iv) पतंगबाज किसके सहारे उड़ते दिखाए गए है?
(क) धागे के सहारे
(ख) पतंग के सहारे
(ग) रंध्रो के सहारे
(घ) उंगलियों के सहारे
उत्तर – (ग) रंध्रो के सहारे
(v) ‘एक गीत’ कविता में मुझसे मिलने को कौन विकल? – पंक्ति किस भाव को व्यक्त करती है?
(क) प्रसन्नता
(ख) हताशा
(ग) व्याकुलता
(घ) आश्चर्य
उत्तर – (ग) व्याकुलता
4. गद्य पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
(i) किस क्रांति में ‘समता’ शब्द का नारा लगाया गया था?
(क) रूसी क्रांति में
(ख) फ्रांसीसी क्रांति में
(ग) जर्मन क्रांति में
(घ) जापानी क्रांति में
उत्तर – (ख) फ्रांसीसी क्रांति में
(ii) ‘उमस और लू में’ कौन-सा पेड़ कालजयी अवधूत की भांति अजेय है?
(क) पलाश
(ख) शिरीष
(ग) गुलाब
(घ) गुलमोहर
उत्तर – (ख) शिरीष
(iii) लुट्टन ने किसकी प्रेरणा से कुश्ती में विजय प्राप्त की?
(क) राजा साहब की
(ख) गांव के लोगों की
(ग) ढोलक की
(घ) पंचायत की
उत्तर – (ग) ढोलक की
(iv) बाज़ार में जादू को कौन-सी इन्द्रि पकड़ती है?
(क) आँख
(ख) नाक
(ग) हाथ
(घ) मुँह
उत्तर – (क) आँख
(v) जैनेन्द्र कुमार के मित्र ने बाज़ार को क्या संज्ञा दी?
(क) शैतान का जाल
(ख) जी का जंजाल
(ग) आलवा
(घ) प्रगतपाल
उत्तर – (क) शैतान का जाल
5. अभिव्यक्ति और माध्यम पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
(i) किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतनभोगी कर्मचारी क्या कहलाता है?
(क) पूर्णकालिक पत्रकार
(ख) अंशकालिक पत्रकार
(ग) फ्रीलांसर पत्रकार
(घ) पत्रकार
उत्तर – (क) पूर्णकालिक पत्रकार
(ii) फीचर लेखन का उद्देश्य क्या है?
(क) पाठकों को सूचना देना
(ख) शिक्षित करना
(ग) मनोरंजन करना
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (घ) उपर्युक्त सभी
(iii) एशिया की सबसे बड़ी समाचार समिति कौन-सी है?
(क) पी. टी. आई
(ख) पी. टी. सी
(ग) पी. टी. ई.
(घ) यू. एन. आई.
उत्तर – (क) पी. टी. आई
(iv) भारत की प्रमुख वेबसाइट कौन-सी है?
(क) रीडिफ डॉट कॉम
(ख) इंडिया इफोलाइन
(ग) सीफ़ी
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (क) रीडिफ डॉट कॉम
(v) संपादकीय क्या है?
(क) समाचार पत्रों में विशेष लेखन
(ख) मनोरंजन संबंधी लेख
(ग) जाँच समितियों की रिपोर्टस
(घ) वह लेख जिसमें मुद्दे के प्रति समाचार पत्र की अपनी राय प्रकट होती है।
उत्तर – (घ) वह लेख जिसमें मुद्दे के प्रति समाचार पत्र की अपनी राय प्रकट होती है।
6. व्याकरण पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
(i) निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य छाँटिए :
(क) कृपया करके मुझे यह काम करने दो।
(ख) कृपया मुझे यह काम करने दो।
(ग) कृपया यह काम मुझे करने दो।
(घ) कृपा यह काम मुझे करने दो।
उत्तर – (ख) कृपया मुझे यह काम करने दो।
(ii) ‘तिरस्कार’ शब्द का सन्धि-विच्छेद है :
(क) तिर + कार
(ख) तिरः + कार
(ग) तिरस् + कार
(घ) तिरक + र
उत्तर – (ख) तिरः + कार
(iii) ‘अश्वमेघ” में कौन-सा समास है?
(क) द्विगु ममास
(ख) अव्ययीभाव ममास
(ग) बहुव्रीही समास
(घ) तत्पुरुष समास
उत्तर – (घ) तत्पुरुष समास
(iv) निम्नलिखित में से गुण संधि का सही उदाहरण है :
(क) स्वच्छंद
(ख) महोदय
(ग) दुर्बल
(घ) हिमालय
उत्तर – (ख) महोदय
(v) ‘पुत्ररत्न’ शब्द का उचित विग्रह का चुनाव कीजिए :
(क) पुत्र और रत्न
(ख) पुत्र रूपी रत्न
(ग) पुत्र रत्न है जिसका
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख) पुत्र रूपी रत्न (कर्मधारय समास)
खण्ड – ब (वर्णनात्मक प्रश्न)
7. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : (5 अंक)
कविता एक उड़ान है चिड़िया के बहाने
कविता की उड़ान भला चिड़िया क्या जाने
बाहर भीतर
इस घर, उस घर
कविता के पंख लगा उड़ने के माने
चिड़िया क्या जाने?
उत्तर – प्रसंग : प्रस्तुत काव्यांश हमारी हिंदी की पाठ्यपुस्तक आरोह भाग–2 में संकलित कविता ‘कविता के बहाने’ से लिया गया है, जिसके रचयिता ‘कुंवर नारायण’ हैं। इस कविता में कवि ने कविता की व्यापकता और उसकी असीम शक्ति को व्यक्त किया है।
• व्याख्या : इस काव्यांश में कवि ने कविता की तुलना एक चिड़िया की उड़ान से की है। कवि कहता है कि कविता भी एक उड़ान है, लेकिन उसकी उड़ान साधारण चिड़िया की उड़ान जैसी नहीं होती। चिड़िया केवल बाहर-भीतर या इस घर से उस घर तक ही उड़ सकती है, इसलिए उसकी उड़ान सीमित होती है। इसके विपरीत कविता की उड़ान असीम होती है। कविता अपने पंख लगाकर समय, स्थान और सीमाओं से परे उड़ती है तथा पूरी दुनिया तक पहुँचती है। एक अच्छी कविता किसी एक स्थान या व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सबको जोड़ती है। इसलिए कवि अंत में कहता है कि चिड़िया कविता की उड़ान का अर्थ क्या जाने।
अथवा
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
आँगन में ठुनक रहा है जिद्याया है
बालक तो हई चाँद पै ललचाया है
दर्पण उसे दे के कह रही है माँ
देख आईने में चाँद उतर आया है
(i) कवि और कविता का नाम लिखिए।
उत्तर – कवि : फ़िराक़ गोरखपुरी, कविता : रुबाइयाँ
(ii) बालक के ठुनकने तथा जिद्द करने के ढंग का वर्णन कीजिए।
उत्तर – बालक आँगन में ठुनकते हुए चाँद पाने की हठधर्मिता दिखा रहा है। वह चाँद के प्रति ललचाया हुआ मचल रहा है, जिससे उसकी बाल-सुलभ जिद, उत्सुकता और चंचल स्वभाव का सजीव चित्र प्रस्तुत होता है।
(iii) कवि ने बाल मनोविज्ञान का किस प्रकार उद्घाटन किया है?
उत्तर – कवि ने बालक की सरल और मासूम इच्छा (चाँद पाने की आकांक्षा) के माध्यम से उसके भावुक, जिद्दी तथा कल्पनाशील स्वभाव का सुंदर चित्रण किया है। माँ की चतुराई से संतुष्ट होकर बालक का प्रसन्न हो जाना बाल-मनोविज्ञान की गहरी समझ को दर्शाता है।
(iv) माँ चाँद को कैसे दर्पण में उतारकर अपने नन्हे बेटे को दिखाती है?
उत्तर – प्रेमपूर्ण चतुराई से बालक को दर्पण देती है और उसमें चाँद का प्रतिबिंब दिखाकर कहती है- “देख, आईने में चाँद उतर आया है।” इस युक्ति से बालक की जिद शांत हो जाती है।
(v) इस काव्यांश में किस रस का परिपाक हुआ है?
उत्तर – वात्सल्य रस
8. काव्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए :
(क) ‘उषा’ कविता में निहित प्रकृति-सौंदर्य की विवेचना कीजिए। (3 अंक)
उत्तर – ‘उषा’ कविता में शमशेर बहादुर सिंह ने भोर के समय बदलते प्रकृति-सौंदर्य का सजीव और गतिशील चित्रण किया है। कवि आकाश को नीले शंख, राख से लीपे चौके, स्लेट तथा गोरी युवती की देह जैसे नवीन बिंबों के माध्यम से प्रस्तुत करता है। इन उपमानों से सुबह की शांति, पवित्रता और नवजीवन के आगमन का भाव प्रकट होता है। कविता में प्रकृति के बदलते रंग-रूप को मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर अत्यंत प्रभावशाली बनाया गया है।
(ख) ‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ कविता के आधार पर आशा और निराशा के क्रम को स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)
उत्तर – ‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ कविता में आशा (मिलने की चाह) और निराशा (अकेलापन, जीवन की क्षणभंगुरता) का क्रम इस प्रकार है: पहले पथिक और पक्षियों में अपने प्रियजनों (बच्चे/प्रिय) से मिलने की आशा दिखाई देती है, जो उन्हें तेज़ी से घर लौटने के लिए प्रेरित करती है। पर अंत में कवि स्वयं को अकेला अनुभव करता है, जिसके इंतज़ार में कोई नहीं है, इसलिए दिन ढलने के साथ उसके मन में गहरी निराशा और उदासी छा जाती है कि वह प्रिय से नहीं मिल पाएगा।
9. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : (5 अंक)
यहाँ मुझे ज्ञात होता है कि बाजार को सार्थकता भी वही मनुष्य देता है जो जानता है कि वह क्या चाहता है। और जो वे नहीं जानते हैं किं वह क्या चाहते हैं ‘अपनी पचेंजिंग पावर’ के गर्व में अपने पैसे से केवल एक विनाशक शक्ति शैतानी शक्ति, व्यंग्य की शक्ति ही बाज़ार को देते है। न तो वे बाज़ार से लाभ उठा सकते है. न उस बाज़ार को सच्चा लाभ दे सकते हैं। वे लोग बाज़ार का बाज़ारूपन बढ़ाते हैं। जिसका मतलब है कि कपट को बढाते हैं। कपट की बढ़ती का अर्थ परस्पर में सद्भाव की घटी।
उत्तर – प्रसंग : प्रस्तुत गद्यांश हमारी हिंदी की पाठ्यपुस्तक आरोह भाग–2 में संकलित पाठ बाजार दर्शन से लिया गया है, जिसके लेखक जैनेन्द्र कुमार हैं। इसमें लेखक ने बाज़ार और उपभोक्ता के संबंध तथा बाज़ार की सार्थकता में मानवीय विवेक के महत्व को स्पष्ट किया है।
• व्याख्या : लेखक कहता है कि बाज़ार को वास्तविक अर्थ वही व्यक्ति देता है, जो अपनी आवश्यकता को समझता है। इसके विपरीत, जो लोग केवल अपनी क्रय-शक्ति पर गर्व करते हुए बिना विवेक के धन खर्च करते हैं, वे बाज़ार को विनाशकारी बना देते हैं। ऐसे लोग न तो स्वयं सच्चा लाभ उठा पाते हैं और न ही बाज़ार को कोई लाभ देते हैं। वे बाज़ारूपन बढ़ाकर छल-कपट और दिखावे को बढ़ावा देते हैं, जिससे समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव घटता है। इस प्रकार लेखक विवेकहीन उपभोग को समाज और बाज़ार दोनों के लिए हानिकारक मानता है।
अथवा
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : (1 × 5 = 5 अंक)
ऐसी स्थिति में, राजनीतिज्ञ को अपने व्यवहार में एक व्यवहार्य सिद्धांत की आवश्यकता रहती है और यह व्यवहार्य सिद्धांत यही होता है कि सब मनुष्यों के साथ समान व्यवहार किया जाए। राजनीतिज्ञ यह व्यवहार इसलिए नहीं करता कि सब लोग समान होते, बल्कि इसलिए कि वर्गीकरण एवं श्रेणीकरण संभव होता।
(i) पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर – पाठ : श्रम विभाजन और जाति प्रथा, लेखक : डॉ. भीमराव अंबेडकर
(ii) राजनीतिज्ञ को किसकी आवश्यकता होती है?
उत्तर – राजनीतिज्ञ को अपने व्यवहार में एक व्यवहार्य सिद्धान्त की आवश्यकता होती है।
(iii) राजनीतिज्ञ को सबके साथ समान व्यवहार को व्यवहार्य क्यों कहा है?
उत्तर – राजनीतिज्ञ सबके साथ समान व्यवहार इसलिए करता है क्योंकि वर्गीकरण एवं श्रेणीकरण संभव होता है।
(iv) लेखक ने किस सिद्धान्त और व्यवहार को व्यवहार्य कहा है?
उत्तर – लेखक ने सब मनुष्यों के साथ समान व्यवहार करने के सिद्धान्त को व्यवहार्य कहा है।
(v) राजनीतिज्ञ, सब मनुष्यों के साथ एक समान व्यवहार क्यों नहीं कर पाता?
उत्तर – क्योंकि समाज में सभी लोग समान नहीं होते और वर्गीकरण तथा श्रेणीकरण की स्थितियाँ बनी रहती हैं।
10. गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार दीजिए :
(क) ‘काले मेघा पानी दे’ संस्मरण का मूलभाव स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
उत्तर – ‘काले मेघा पानी दे’ संस्मरण में लेखक ने लोक-आस्था और वैज्ञानिक सोच के बीच के द्वंद्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। लेखक अपने किशोर जीवन के अनुभव के माध्यम से बताता है कि अनावृष्टि से मुक्ति पाने के लिए गाँव के बच्चों की ‘इंदर सेना’ घर-घर जाकर पानी माँगती है। लेखक इसे पानी की बर्बादी मानता है, जबकि उसकी जीजी इसे अंधविश्वास नहीं, बल्कि लोक-आस्था और त्याग की भावना का प्रतीक मानती हैं। लेखक और जीजी के विचारों में टकराव होता है और लेखक जीजी के तर्कों से सहमत नहीं होता, फिर भी उनकी संतुष्टि के लिए वह इस परंपरा को ऊपर-ऊपर स्वीकार कर लेता है। संस्मरण के अंत में लेखक ने देशभक्ति के संदर्भ में समाज में फैले भ्रष्टाचार की ओर भी संकेत किया है।
(ख) लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरा गुरु कोई पहलवान नहीं, यही ढोल है? (2 अंक)
उत्तर – लुट्टन पहलवान जब पहली बार दंगल में गया, तो ढोल की आवाज़ ने उसका साहस बढ़ाया। ढोल की हर थाप में उसे एक निर्देश सुनाई देता था, जो उसे अगला दाँव खेलने के लिए प्रेरित करता था। इसी कारण लुट्टन पहलवान ढोल को अपना गुरु मानता है।
11. निम्न प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लगभग 250 शब्दों में दीजिए : (5 अंक)
कहानी को नाटक में किस प्रकार रूपांतरित किया जा सकता है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – कहानी को नाटक के रूप में रूपांतरित करने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है :
• कहानी की कथावस्तु को समय और घटनास्थल के अनुसार दृश्यों में बाँटा जाता है।
• कहानी के अनुरूप वातावरण और मंचीय परिस्थिति तैयार की जाती है।
• कथानक के अनुसार मंच-सज्जा, संगीत और अन्य रंगमंचीय तत्वों का चयन किया जाता है।
• प्रकाश और ध्वनि व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाता है।
• पात्रों के संवाद, व्यवहार और भावों को अभिनय के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
• संवादों को नाटक की आवश्यकताओं के अनुसार रूपांतरित किया जाता है।
अथवा
‘विकास के पथ पर भारत’ पर एक रचनात्मक लेख लिखिए।
उत्तर – भारत एक प्राचीन सभ्यता वाला देश है जिसने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। स्वतंत्रता के बाद भारत ने विकास को अपना लक्ष्य बनाया और निरंतर प्रगति की ओर बढ़ा। आज भारत एक उभरती हुई विकासशील अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाना जाता है। हरित क्रांति से कृषि में आत्मनिर्भरता आई तथा उद्योग, सेवा क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान, स्टार्ट-अप और डिजिटल क्रांति ने भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ जैसी योजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार, साक्षरता में वृद्धि, ऑनलाइन शिक्षा, चिकित्सा सुविधाएँ तथा सड़क, रेल, मेट्रो और ऊर्जा जैसी बुनियादी परियोजनाएँ विकास को गति दे रही हैं। यद्यपि गरीबी, बेरोजगारी, जनसंख्या वृद्धि और पर्यावरण प्रदूषण जैसी चुनौतियाँ हैं, फिर भी जनभागीदारी, सुशासन और सतत विकास से समाधान संभव है। निष्कर्षतः, भारत विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और उसका भविष्य उज्ज्वल है।
12. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार दीजिए :
(क) इंटरनेट पत्रकारिता सूचनाओं को तत्काल उपलब्ध कराती है, परन्तु इसके साथ ही इसके कुछ दुष्परिणाम भी हैं। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
उत्तर – इंटरनेट पत्रकारिता ने सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत तेज और सरल बना दिया है, जिससे समाचार तत्काल, सस्ते और वैश्विक स्तर पर उपलब्ध हो जाते हैं; जैसे चुनाव परिणाम, प्राकृतिक आपदाएँ या खेल समाचार घटना के साथ ही ऑनलाइन देखे जा सकते हैं। परंतु इसके दुष्परिणाम भी हैं, जिनमें सबसे प्रमुख फेक न्यूज की समस्या है, जहाँ बिना तथ्य-जाँच के खबरें फैलकर भ्रम और तनाव पैदा करती हैं, जैसे सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें। इसके अलावा सनसनीखेज शीर्षक, निजता का हनन और नैतिक मूल्यों की अनदेखी भी देखने को मिलती है। अतः इंटरनेट पत्रकारिता उपयोगी होने के साथ-साथ जिम्मेदारी और सत्यापन की माँग करती है।
(ख) रेडियो नाटक का आरंभ कैसे हुआ? (2 अंक)
उत्तर – रेडियो नाटक का आरंभ रेडियो प्रसारण के विकास के साथ हुआ। जब रेडियो केवल समाचार और संगीत तक सीमित न रहकर मनोरंजन का माध्यम बना, तब नाट्य रूप में कहानियों को प्रस्तुत करने का विचार सामने आया। प्रारंभ में मंच नाटकों का रेडियो रूपांतरण किया गया, जिसमें संवाद, ध्वनि प्रभाव और संगीत के माध्यम से कथा श्रोताओं तक पहुँचाई गई।
13. वितान भाग-2 पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार दीजिए :
(क) ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के आधार पर यशोधर बाबू की चारित्रिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (3 अंक)
उत्तर – ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के नायक यशोधर बाबू एक परंपरावादी, कर्तव्यनिष्ठ और आत्मसम्मानी व्यक्ति हैं। उन्होंने ईमानदारी से नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण किया और सामाजिक मर्यादाओं को महत्व दिया। वे अपने परिवार से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं, परंतु बदलते समय और नई पीढ़ी की आधुनिक तथा भोगवादी सोच के कारण मानसिक द्वंद्व और अकेलेपन का अनुभव करते हैं। यशोधर बाबू का चरित्र परंपरा और आधुनिकता के टकराव को सशक्त रूप में प्रस्तुत करता है।
(ख) ‘जूझ’ कहानी का प्रतिपाद्य स्पष्ट करें। (2 अंक)
उत्तर – ‘जूझ’ पाठ में लेखक ने आनंद नामक बालक की पढ़ने की दृढ़ इच्छा और उसके संघर्ष का चित्रण किया है। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने जीवन में निरंतर संघर्ष करते रहने का संदेश दिया है। साथ ही यह भी दर्शाया है कि किस प्रकार व्यक्ति अपनी कमजोरियों को अपनी ताकत में बदल सकता है।
(ग) सिंधु सभ्यता की खूबी उसका सौन्दर्य बोध है जो राजपोषित या धर्म-पोषित न होकर समाज-पोषित था। ऐसा क्यों कहा गया? (2 अंक)
उत्तर – सिंधु सभ्यता का सौन्दर्य बोध राजपोषित या धर्म-पोषित न होकर समाज-पोषित था, क्योंकि यहाँ कला और सौन्दर्य का विकास किसी राजा या धार्मिक संस्था के संरक्षण में नहीं हुआ। नगर-योजना, पक्की ईंटों के मकान, सुव्यवस्थित नालियाँ, मूर्तियाँ, मुहरें, आभूषण और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ यह सिद्ध करती हैं कि सामान्य जन में भी सौन्दर्य की गहरी समझ थी। कला जीवन से जुड़ी हुई थी और समाज के सभी वर्गों द्वारा अपनाई गई थी, इसलिए इसे समाज-पोषित कहा जाता है।
14. व्याकरण पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार दीजिए :
(क) (i) उत्प्रेक्षा अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित दीजिए। (2 अंक)
उत्तर – जहा उपमेय में उपमान के होने कि कल्पना या संभावना हो, वहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। यदि पंक्ति में मनु, जनु, जनहु, जानो, मानहु मानो, निश्चय, ईव, ज्यों आदि आता है वहां उत्प्रेक्षा अलंकार होता है। उदाहरण: ले चला साथ मैं तुझे कनक। ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण।।
(ii) ‘लाली मेरे लाल की जित देखू तित लाल’
लाली देखन मैं गई मैं भी हो गई लाल’ में अलंकार स्पष्ट कीजिए। (1 अंक)
उत्तर – अनुप्रास अलंकार
(ख) गुण संधि को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए। (2 अंक)
उत्तर – जब संधि करते समय (अ,आ) के साथ (इ,ई) हो तो ‘ए’ बनता है, जब (अ,आ) के साथ (उ,ऊ) हो, तो ‘ओ’ बनता है, जब (अ,आ) के साथ (ऋ) हो तो ‘अर्’ बनता है तो यह गुण संधि कहलाती है। जैस: पर + उपकार = परोपकार
15. आदर्श जीवन मूल्य (उत्तरा) पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार दीजिए :
(क) गीता की व्यावहारिक सोच मनुष्यों के लिए किस प्रकार लाभकारी है? (2 अंक)
उत्तर – ‘गीता’ के दूसरे अध्याय में कछुए के उदाहरण द्वारा यह संदेश दिया गया है कि बुराई की आहट पाते ही मनुष्य को अपनी इन्द्रियों को उसी प्रकार संयमित कर लेना चाहिए जैसे भय की स्थिति में कछुआ अपने अंग समेट लेता है। गीता की यह व्यावहारिक सोच मनुष्य को बुरा न बोलने, बुरा न सुनने, बुरा न देखने, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों से बचने तथा कुसंगति से दूर रहने की प्रेरणा देती है। इस प्रकार गीता की यह व्यावहारिक सोच मनुष्यों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
(ख) कार्य में कुशलता लाएं? पाठ के आधार पर बताइएं कि प्रेम और मोह में क्या अन्तर है? (2 अंक)
उत्तर – ‘कार्य में कुशलता लाएँ’ पाठ के आधार पर प्रेम और मोह में अंतर स्पष्ट किया गया है। प्रेम में मनुष्य दूसरों के सुख की चिंता करता है और अपने कर्तव्यों का पालन करता है, जबकि मोह में मनुष्य अपनी सुख-सुविधा और अपेक्षाओं पर अधिक ध्यान देता है। जहाँ प्रेम होता है वहाँ भय और क्रोध नहीं होते, जबकि मोह में भय और क्रोध का होना स्वाभाविक है।
(ग) शिक्षा के क्षेत्र में दुर्गा देवी का क्या योगदान रहा? (2 अंक)
उत्तर – दुर्गा देवी ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने प्यारे लाल कन्या विद्यालय, गाजियाबाद में शिक्षिका के रूप में कार्य किया तथा बाद में सन 1940 में लखनऊ में पहला मॉन्टेसरी स्कूल स्थापित किया।
(घ) हेमू को ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि से कब नवाजा गया? (2 अंक)
उत्तर – सन् 1556 में तुगलकाबाद के युद्ध में मुगल सेनाओं को पराजित करने के बाद आदिलशाह ने दिल्ली का राजसिंहासन हेमू को सौंपा और उन्हें ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि से नवाजा।