Haryana Board (HBSE) Class 12 Geography Half Yearly Question Paper 2026 Answer Key
निर्देश :
• सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
• प्रश्न (1-5) प्रत्येक एक अंक का है।
• प्रश्न (6-8) प्रत्येक दो अंक का है।
• प्रश्न (9-11) प्रत्येक तीन अंक का है।
• प्रश्न (12), पांच अंक का है।
• प्रश्न (13) मानचित्र, पांच अंक का है।
1. निम्नलिखित में से कौन-सा एक मानव भूगोल का उपागम नहीं है?
(A) क्षेत्रीय विभिन्नता
(B) मात्रात्मक क्रान्ति
(C) स्थानिक संगठन
(D) अन्वेषण और वर्णन
उत्तर – (B) मात्रात्मक क्रान्ति
2. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता बड़े पैमाने के उद्योगों के बारे में सही है?
(A) कच्चा माल स्थानीय स्तर पर प्राप्त किया जाता है।
(B) इनमें बड़ी संख्या में अकुशल श्रमिक कार्य करते हैं।
(C) इन्हें उन्नत तकनीक की आवश्यकता नहीं होती।
(D) इनमें बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है।
उत्तर – (D) इनमें बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है।
3. निम्नलिखित में से कौन-सी प्रकार की उद्योग अन्य उद्योगों के लिए कच्चा माल तैयार करती है?
(A) कुटीर उद्योग
(B) लघु-उद्योग
(C) मूलभूत उद्योग
(D) स्वच्छन्द उद्योग
उत्तर – (C) मूलभूत उद्योग
4. मानव विकास की अवधारणा किस विद्वान की देन है?
उत्तर – डॉक्टर महबूब-उल-हक
5. अभिकथन (A) : स्वच्छन्द उद्योग कहीं भी स्थित को सकते हैं।
कारण (R) : स्वच्छन्द उद्योग भारी और बड़े कच्चे माल पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं।
(A) अभिकथन और कारण दोनों सही है और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
(B) अभिकथन और कारण दोनों सही है और कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता।
(C) अभिकथन सही है लेकिन कारण गलत है।
(D) अभिकथन गलत है लेकिन कारण सही है।
उत्तर – (C) अभिकथन सही है लेकिन कारण गलत है।
6. नगरीय बस्तियों की कोई दो विशेषताएँ बताइये।
उत्तर – नगरीय बस्तियों की दो विशेषताएँ :
(i) नगरीय बस्तियों में जनसंख्या का घनत्व बहुत अधिक होता है और ये बस्तियाँ आकार में बड़ी होती हैं।
(ii) नगरीय बस्तियों के निवासी कृषि के बजाय निर्माण, व्यापार, परिवहन जैसी द्वितीयक और तृतीयक गतिविधियों में संलग्न होते हैं और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य नागरिक सुविधाएँ बेहतर मिलती हैं।
7. जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक कौन-कौन-से हैं?
उत्तर – जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक :
(i) जन्म दर – किसी क्षेत्र में प्रति वर्ष प्रति 1000 लोगों पर जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या।
(ii) मृत्यु दर – किसी क्षेत्र में प्रति वर्ष प्रति 1000 लोगों पर मृत्यु होने वाले लोगों की संख्या।
(iii) आप्रवासन और प्रवासन – किसी क्षेत्र में लोगों के आने-जाने से जनसंख्या में होने वाला परिवर्तन।
8. प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारकों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – प्रतिकर्ष और अपकर्ष कारकों में अंतर :
• प्रतिकर्ष (Pull) कारक – ये वे कारण हैं जो लोगों को किसी अन्य स्थान की ओर आकर्षित करते हैं। उदाहरण: बेहतर रोजगार के अवसर, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, सुरक्षित और आरामदायक वातावरण।
• अपकर्ष (Push) कारक – ये वे कारण हैं जो लोगों को उनके वर्तमान निवास स्थान से दूर जाने के लिए मजबूर करते हैं। उदाहरण: बेरोज़गारी, गरीबी, प्राकृतिक आपदाएँ, युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता।
9. चलवासी पशुचारण और वाणिज्यिक पशुपालन के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – चलवासी पशुचारण और वाणिज्यिक पशुपालन में अंतर :
| चलवासी पशुचारण | वाणिज्यिक पशुपालन |
| 1. इसका उद्देश्य परिवार की दैनिक आवश्यकताओं जैसे दूध, मांस, ऊन आदि की पूर्ति करना होता है। | 1. इसका उद्देश्य बाजार में अधिक उत्पादन कर आर्थिक लाभ प्राप्त करना होता है। |
| 2. इसमें पशुओं की संख्या कम होती है और पालन पारंपरिक तरीके से किया जाता है। | 2. इसमें बड़ी संख्या में पशु रखे जाते हैं और पालन वैज्ञानिक ढंग से किया जाता है। |
| 3. पशुपालक मौसम और चरागाह की उपलब्धता के अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते हैं। | 3. पशुपालक स्थायी फार्मों में रहते हैं जहाँ पशुओं के लिए उचित प्रबंधन किया जाता है। |
| 4. पशुओं को स्थानीय चारा और सामान्य आवास मिलता है, जिससे उत्पादन सीमित रहता है। | 4. पशुओं को उच्च गुणवत्ता का चारा, दवाइयाँ और बेहतर आवास दिया जाता है, जिससे उत्पादन अधिक और गुणवत्तापूर्ण होता है। |
| 5. यह कम खर्चीला और आत्मनिर्भर तरीका है, जिसमें आय सीमित होती है। | 5. यह पूँजी-प्रधान और संगठित व्यवसाय है, जिसमें अधिक निवेश व अधिक लाभ होता है। |
10. भारत के आर्थिक विकास में सड़क परिवहन के महत्त्व की विवेचना कीजिए।
उत्तर – भारत के आर्थिक विकास में सड़क परिवहन का महत्त्व :
(i) वस्तुओं और सेवाओं के प्रवाह को सरल बनाना – सड़क मार्ग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़कर कृषि, उद्योग और व्यापार की वस्तुओं को तेज़ी और सुरक्षित तरीके से पहुँचाने में मदद करता है। इससे उत्पादन समय पर बाजार तक पहुँचता है, माल का नुकसान कम होता है और पूरे देश में आर्थिक गतिविधियाँ सुचारू रूप से बढ़ती हैं।
(ii) रोज़गार और क्षेत्रीय विकास – सड़क निर्माण और परिवहन सेवाओं से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। साथ ही, सड़कें दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य शहरों से जोड़कर वहाँ के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसर उपलब्ध कराती हैं। इससे क्षेत्रीय विकास और समान आर्थिक अवसर सुनिश्चित होते हैं।
(iii) व्यापार और उद्योग को बढ़ावा – सड़क परिवहन सस्ती, लचीली और सुविधाजनक होने के कारण उद्योगों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद आसानी से उपलब्ध कराता है। यह छोटे और बड़े उद्योगों तथा व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करता है, जिससे राष्ट्रीय GDP में वृद्धि होती है और आर्थिक विकास को मजबूती मिलती है।
11. ‘मानव विकास’ क्या है? मानव विकास के चार स्तंभों को समझाइए।
उत्तर – मानव विकास का अर्थ है व्यक्ति के जीवन स्तर, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना। यह केवल आय और आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति की क्षमताओं, अवसरों, स्वतंत्रता और सामाजिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करता है। मानव विकास का लक्ष्य है कि लोग अपने जीवन में सक्षम, सशक्त और समाज में समान रूप से भागीदारी करने वाले बनें।
• मानव विकास के चार स्तंभ :
(i) समानता – प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध अवसरों तक समान पहुँच मिलनी चाहिए, चाहे वह लिंग, जाति या सामाजिक स्थिति कुछ भी हो। यह सुनिश्चित करता है कि सभी को विकसित होने और जीवन में आगे बढ़ने के समान मौके मिले।
(ii) स्थिरता – अवसरों और संसाधनों की उपलब्धता भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी बनी रहे। इसमें पर्यावरण का संरक्षण और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग शामिल है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को कोई कमी न हो।
(iii) उत्पादकता – मानव श्रम और क्षमताओं के उपयोग को बढ़ावा देना। इसका अर्थ है कि लोगों को अपनी प्रतिभाओं और क्षमताओं का उपयोग करने और समाज में योगदान करने के अवसर मिलें, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक उत्पादकता बढ़े।
(iv) सशक्तिकरण – व्यक्तियों को अपने जीवन और निर्णयों में स्वतंत्रता और शक्ति प्रदान करना। इसका अर्थ है कि लोग अपनी पसंद के अनुसार जीवन जी सकें और सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक जीवन में सक्रिय भागीदारी कर सकें।
12. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार क्या है? अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के आधारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वह व्यापार है जिसमें दो या दो से अधिक देशों के बीच सीमाओं के बाहर वस्तुएँ, सेवाएँ, पूंजी और प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान होता है। इसमें आयात (Import) और निर्यात (Export) शामिल हैं। आयात वह प्रक्रिया है जिसमें देश अन्य देशों से वस्तुएँ और सेवाएँ खरीदता है, जबकि निर्यात वह प्रक्रिया है जिसमें देश अपनी वस्तुएँ और सेवाएँ अन्य देशों को बेचता है। यह व्यापार देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, तकनीकी प्रगति बढ़ाने और उपभोक्ताओं को विकल्प देने में मदद करता है।
• अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के आधार :
(i) संसाधनों का असमान वितरण – सभी देशों में प्राकृतिक संसाधनों का वितरण समान नहीं होता। उदाहरण के लिए, मध्य पूर्व के देश तेल में समृद्ध हैं, जबकि भारत में पर्याप्त प्राकृतिक तेल नहीं है। इसी कारण से मध्य पूर्व से तेल का आयात और भारत से आईटी सेवाओं का निर्यात किया जाता है।
(ii) विशेषज्ञता और दक्षता – प्रत्येक देश कुछ वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन में विशेषज्ञता हासिल करता है। उदाहरण के लिए, भारत सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में माहिर है, जर्मनी मशीनरी और वाहन निर्माण में दक्ष है। यह विशेषज्ञता अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देती है।
(iii) आर्थिक लाभ – अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से देश उन वस्तुओं को सस्ते में प्राप्त कर सकते हैं जिन्हें वे स्वयं महँगी लागत में बना सकते हैं। इसी तरह, वे उन वस्तुओं को निर्यात करते हैं जिनमें उन्हें दक्षता और विशेषज्ञता है। इससे लागत कम होती है और अधिक लाभ मिलता है।
(iv) विविधता और प्रतिस्पर्धा – व्यापार से उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार के उत्पाद और सेवाएँ मिलती हैं। इससे न केवल उनकी पसंद के विकल्प बढ़ते हैं, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होता है और प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।
(v) संसाधनों की उपलब्धता – कुछ देश किसी विशेष संसाधन में बहुत समृद्ध होते हैं, इसलिए वे उसका उत्पादन और निर्यात करते हैं। उदाहरण के लिए, भारत में सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएँ उपलब्ध हैं, जबकि अमेरिका कृषि उत्पादों में समृद्ध है।
13. भारत के मानचित्र में दर्शायें :
(i) सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य (बिहार)
(ii) सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य (सिक्किम)
(iii) सबसे अधिक लिंगानुपात वाला राज्य (केरल)
(iv) सर्वाधिक कार्यशील जनसंख्या वाला केन्द्रशासित प्रदेश (दिल्ली)
(v) भारत में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य (उत्तर प्रदेश)
उत्तर –
