Haryana Board (HBSE) Class 10 Social Science Question Paper 2025 Answer Key
SECTION – A (1 Mark)
1. गायत्री मन्त्र किस वेद का मन्त्र है?
(A) ऋग्वेद
(B) यजुर्वेद
(C) सामवेद
(D) अथर्ववेद
उत्तर – (A) ऋग्वेद
2. ‘अभिनव भारत’ नामक गुप्त संस्था की स्थापना किसने की?
(A) कृष्ण वर्मा
(B) कर्ज़न वाइली
(C) मदन लाल
(D) विनायक दामोदर सावरकर
उत्तर – (D) विनायक दामोदर सावरकर
3. साइमन कमीशन भारत कब आया?
(A) 1918
(B) 1928
(C) 1930
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (B) 1928
4. कालक्रम की दृष्टि से सरस्वती-सिन्धु सभ्यता को कितने चरणों में विभाजित किया जाता है?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
उत्तर – (B) तीन
5. 2019 में लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या कितने प्रतिशत थी?
(A) 20.45%
(B) 18.05%
(C) 14.36%
(D) 25.07%
उत्तर – (C) 14.36%
6. बेल्जियम में कितने प्रतिशत लोग ‘डच’ भाषा बोलते हैं?
(A) 40%
(B) 59%
(C) 74%
(D) 18%
उत्तर – (B) 59%
7. भारत में औरतों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है :
(A) लोकसभा में
(B) विधानसभा में
(C) मंत्रिमण्डल में
(D) पंचायती राज में
उत्तर – (D) पंचायती राज में
8. पंजाब और हरियाणा में कितने प्रतिशत भूमि पर खेती होती है?
(A) 50%
(B) 80%
(C) 65%
(D) 90%
उत्तर – (B) 80%
9. मध्य प्रदेश की खदानें देश का कितने प्रतिशत तांबा उत्पन्न करती हैं?
(A) 40%
(B) 31%
(C) 52%
(D) 60%
उत्तर – (C) 52%
10. सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक किस आधार पर विभाजित हैं?
(A) रोजगार की शर्तों
(B) आर्थिक गतिविधि के स्वभाव
(C) श्रमिकों की संख्या
(D) उद्यमों के स्वामित्व
उत्तर – (D) उद्यमों के स्वामित्व
11. ‘विनिमय का माध्यम’ किसे कहा जाता है?
(A) बैंक
(B) साख
(C) मुद्रा
(D) ऋण
उत्तर – (C) मुद्रा
12. अनौपचारिक उधारदाता में कौन आता है?
(A) साहूकार
(B) व्यापारी
(C) दोस्त
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर – (D) उपरोक्त सभी
13. सरस्वती-सिन्धु सभ्यता में अंत्येष्टि संस्कार की कितनी विधियाँ प्रचलित थीं?
उत्तर – तीन
14. श्रीलंका में किस धर्म को राजकीय धर्म के रूप में अपनाया गया है?
उत्तर – बौद्ध धर्म
15. भारत में सड़कों की क्षमता के आधार पर इन्हें कितने वर्गों में वर्गीकृत किया गया है?
उत्तर – छह (एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें, ग्रामीण सड़कें, सीमा सड़कें)
16. महात्मा बुद्ध का जन्म ………….. ई०पू० में हुआ था।
उत्तर – 563 ई०पू०
17. ……………. पर आधारित विभाजन सिर्फ भारतीय समाज में ही देखने को मिलता है।
उत्तर – जाति
18. तीनों क्षेत्रकों के उत्पादन के योगफल को देश का …………… कहते हैं।
उत्तर – सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
19. अभिकथन (A) : 1992 में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के तीसरे स्तर को ज्यादा शक्तिशाली और प्रभावी बनाया गया।
कारण (R) : अब स्थानीय स्वशासी निकायों के चुनाव नियमित रूप से कराना संवैधानिक बाध्यता है।
विकल्प :
(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(C) अभिकथन (A) सत्य है, लेकिन कारण (R) असत्य है।
(D) अभिकथन (A) असत्य है, लेकिन कारण (R) सत्य है।
उत्तर – (A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
20. अभिकथन (A) : तृतीयक क्षेत्र को सेवा क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है।
कारण (R) : तृतीयक क्षेत्र में वस्तुओं का उत्पादन करने वाली गतिविधियाँ शामिल हैं।
विकल्प :
(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(C) अभिकथन (A) सत्य है, लेकिन कारण (R) असत्य है।
(D) अभिकथन (A) असत्य है, लेकिन कारण (R) सत्य है।
उत्तर – (C) अभिकथन (A) सत्य है, लेकिन कारण (R) असत्य है।
(कारण गलत इसलिए है क्योंकि तृतीयक क्षेत्र वस्तुओं का उत्पादन नहीं, बल्कि सेवाएँ प्रदान करता है)
SECTION – B (2 Marks)
21. मध्यकालीन यूरोपीय समाज कितने व कौन-कौन से वर्गों में बँटा था?
उत्तर – मध्यकालीन यूरोपीय समाज मुख्य रूप से तीन वर्गों में विभाजित था। पहला पादरी वर्ग था, जो चर्च और धार्मिक कार्यों से जुड़ा हुआ था। दूसरा सामंत या कुलीन वर्ग था, जिसके पास भूमि और शासन की शक्ति थी तथा यह सुरक्षा और प्रशासन का कार्य करता था। तीसरा किसान वर्ग था, जो खेती करता था और समाज का सबसे बड़ा एवं शोषित वर्ग माना जाता था।
22. चर्च क्या होता है? ईसाई मत का प्रमुख क्या कहलाता है?
उत्तर – चर्च (गिरजाघर) ईसाइयों का प्रमुख पूजा-स्थल और धार्मिक संस्था होती है, जहाँ विश्वासी एकत्र होकर प्रार्थना करते हैं, बाइबिल पढ़ते हैं और अपने धर्म का पालन करते हैं। ईसाई मत का प्रमुख रोमन कैथोलिक चर्च में ‘पोप’ कहलाता है, जिसे सर्वोच्च धर्मगुरु माना जाता है।
23. बहुमत के शासन का क्या अर्थ है?
उत्तर – बहुमत के शासन का अर्थ यह है कि लोकतंत्र में निर्णय उस पक्ष के अनुसार लिए जाते हैं जिसे कुल मतों का आधे से अधिक समर्थन प्राप्त हो। चुनावों में जिस दल को बहुमत मिलता है, वही सरकार बनाता और शासन करता है। इससे शासन में स्थिरता आती है, लेकिन साथ ही अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधान भी आवश्यक माने जाते हैं।
24. क्षेत्रीय दल किसे कहते हैं? हरियाणा में सक्रिय दो क्षेत्रीय दल बताइए।
उत्तर – क्षेत्रीय दल वे राजनीतिक दल होते हैं जो किसी विशेष राज्य या क्षेत्र तक सीमित रहते हैं और वहीं के लोगों की समस्याओं व हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन दलों का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर कम होता है, लेकिन अपने राज्य में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हरियाणा में सक्रिय दो क्षेत्रीय दल हैं: इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) और जननायक जनता पार्टी (JJP)।
25. भारत में वन और वन्य जीवन संरक्षण क्यों आवश्यक है?
उत्तर – भारत में वन और वन्य जीवन संरक्षण आवश्यक है क्योंकि वन पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। वे वर्षा लाने, जलवायु नियंत्रित करने, मृदा अपरदन रोकने और ऑक्सीजन प्रदान करने का कार्य करते हैं। साथ ही वन अनेक वन्य जीवों और पौधों का प्राकृतिक आवास हैं।
वन्य जीवन संरक्षण भी जरूरी है क्योंकि वन्य जीव खाद्य श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके संरक्षण से जैव विविधता बनी रहती है और पर्यावरणीय संतुलन सुरक्षित रहता है।
26. बाँधों को बहु-उद्देशीय परियोजना क्यों कहा जाता है?
उत्तर – बाँधों को बहु-उद्देशीय परियोजना इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनसे केवल सिंचाई ही नहीं, बल्कि अनेक कार्य एक साथ किए जाते हैं। आधुनिक बाँधों का उपयोग विद्युत उत्पादन, घरेलू व औद्योगिक जल आपूर्ति, बाढ़ नियंत्रण, मछली पालन और मनोरंजन जैसे कई उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इस प्रकार एक ही परियोजना से जल के विभिन्न उपयोग संभव होते हैं, इसलिए इन्हें बहु-उद्देशीय परियोजना कहा जाता है।
27. विश्व व्यापार संगठन क्या है?
उत्तर – विश्व व्यापार संगठन (WTO) एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1995 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को निर्धारित नियमों के अंतर्गत सुचारू, निष्पक्ष और पूर्वानुमानित बनाना है। यह व्यापार समझौतों को लागू करने, आपसी व्यापार विवादों का समाधान करने तथा वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने का कार्य करता है। यह GATT (टैरिफ और व्यापार पर सामान्य समझौता) का उत्तराधिकारी है।
28. बहुराष्ट्रीय कंपनी किसे कहते हैं?
उत्तर – बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) वह कंपनी होती है जिसका मुख्यालय एक देश में होता है, लेकिन वह एक से अधिक देशों में उत्पादन, व्यापार या सेवाएँ प्रदान करती है। ये कंपनियाँ विभिन्न देशों में कारखाने, कार्यालय या शाखाएँ स्थापित करके वैश्विक बाजार में अपने उत्पाद बेचती हैं और लाभ कमाने के लिए निवेश करती हैं। उदाहरण: कोका-कोला, सैमसंग।
SECTION – C (3 Marks : CASE STUDY)
29. दिए गए लेख को ध्यान से पढ़ें और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक समानता, सांस्कृतिक एकरूपता, भौगोलिक निकटता व आर्थिक समरूपता के अवसर मौजूद हैं। लेकिन आज भी भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध स्पर्धा, तनाव, संघर्ष और युद्ध के दायरे से बाहर नहीं निकल पाए हैं। पाकिस्तान ने 1947 ई०, 1965 ई०, 1971 ई० और 1999 ई० में भारत पर आक्रमण किया परन्तु भारत की वीर सेनाओं से पराजित हुआ। हताश पाकिस्तान द्वारा भारत में पंजाब और जम्मू-कश्मीर में परोक्ष आतंकवाद को निरन्तर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
(i) भारत-पाकिस्तान के सम्बन्ध कैसे हैं?
उत्तर – भारत और पाकिस्तान के सम्बन्ध तनावपूर्ण रहे हैं, जिनमें प्रतिस्पर्धा, संघर्ष, युद्ध और आपसी अविश्वास की स्थिति बनी रहती है।
(ii) पाकिस्तान ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया?
उत्तर – पाकिस्तान ने भारत पर चार बार (1947, 1965, 1971 और 1999 में) आक्रमण किया।
(iii) पंजाब और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को कौन-सा देश प्रोत्साहित कर रहा है?
उत्तर – पाकिस्तान
30. दिए गए लेख को ध्यान से पढ़ें और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
सत्ता का बँटवारा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के लिए ठीक है – इसके पक्ष में एक और बात कही जा सकती है और वह बात कहीं ज्यादा गहरी है। सत्ता की साझेदारी दरअसल लोकतन्त्र की आत्मा है। लोकतन्त्र का मतलब ही होता है कि जो लोग इस शासन व्यवस्था के अन्तर्गत हैं उनके बीच सत्ता को बाँटा जाए और ये लोग इसी ढर्रे से रहें। इसलिए वैध सरकार वही है जिसमें अपनी भागीदारी के माध्यम से सभी समूह शासन व्यवस्था से जुड़ते हैं। इन दो तकों में से हम एक को युक्तिपरक तथा दूसरे को नैतिक तर्क कह सकते हैं। युक्तिपरक या समझदारी का तर्क लाभकर परिणामों पर जोर देता है जबकि नैतिक तर्क सत्ता के बँटवारे के अंतर्भूत महत्त्व को बताता है।
(i) लोकतन्त्र की आत्मा किसे कहा गया है?
उत्तर – सत्ता की साझेदारी (सत्ता का बँटवारा)
(ii) वैध सरकार का क्या तात्पर्य है?
उत्तर – वैध सरकार वह होती है जिसमें सभी सामाजिक समूह अपनी भागीदारी के माध्यम से शासन व्यवस्था से जुड़े हों।
(iii) युक्तिपरक तर्क किसके महत्त्व को बताता है?
उत्तर – युक्तिपरक तर्क सत्ता के बँटवारे से मिलने वाले लाभकारी और सकारात्मक परिणामों के महत्त्व को बताता है।
31. दिए गए लेख को ध्यान से पढ़ें और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
लौह अयस्क एक आधारभूत खनिज है तथा औद्योगिक विकास की रीढ़ है। भारत उच्च कोटि के लोहांश युक्त लौह अयस्क में धनी है। मैग्नेटाइट सर्वोत्तम प्रकार का लौह अयस्क है जिसमें 70 प्रतिशत लोहांश पाया जाता है। इसमें सर्वश्रेष्ठ चुंबकीय गुण होते हैं, जो विद्युत उद्योगों में विशेष रूप से उपयोगी हैं। हेमेटाइट सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक लौह अयस्क है जिसका अधिकतम मात्रा में उपभोग हुआ है। किन्तु इसमें लोहांश की मात्रा मैग्नेटाइट की अपेक्षा थोड़ी सी कम होती है। इसमें लोहांश 50 से 60 प्रतिशत तक पाया जाता है। वर्ष 2018-19 में लौह अयस्क का लगभग समस्त उत्पादन (97%) ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखण्ड से प्राप्त हुआ था।
(i) किस लौह अयस्क में सर्वश्रेष्ठ चुम्बकीय गुण होते हैं?
उत्तर – मैग्नेटाइट
(ii) ………….. में लोहांश 50 से 60 प्रतिशत तक पाया जाता है।
उत्तर – हेमेटाइट
(iii) कौन-सा खनिज औद्योगिक विकास की रीढ़ है?
उत्तर – लौह अयस्क
32. दिए गए लेख को ध्यान से पढ़ें और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट के अनुसार, देशों का वर्गीकरण करने में प्रतिव्यक्ति आय के मापदण्ड का प्रयोग किया गया है। वे देश जिनकी 2017 में प्रतिव्यक्ति आय US $ 12,056 प्रतिवर्ष या उससे अधिक है, उसे समृद्ध देश और वे देश जिनकी प्रतिव्यक्ति आय US $ 995 प्रतिवर्ष या उससे कम है, उन्हें निम्न आय वाला देश कहा गया है। भारत मध्य आय वर्ग के देशों में आता है। क्योंकि उसकी प्रतिव्यक्ति आय 2017 में केवल US $ 1820 प्रतिवर्ष थी। समृद्ध देशों, जिनमें मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश शामिल नहीं हैं, को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है।
(i) विश्व विकास रिपोर्ट के अनुसार देशों का वर्गीकरण किस मापदण्ड के आधार पर किया गया?
उत्तर – प्रतिव्यक्ति आय
(ii) 2017 के अनुसार किस देश को निम्न आय वाला देश कहा गया है?
उत्तर – जिन देशों की प्रतिव्यक्ति आय US $ 995 या उससे कम है, उन्हें निम्न आय वाला देश कहा गया है।
(iii) भारत किस आय वर्ग में आता है?
उत्तर – मध्य आय वर्ग
SECTION – D (3 Marks)
33. पश्चिम से भारत में प्रवेश के मुख्य मार्ग कौन से थे? व्याख्या कीजिए।
उत्तर – पश्चिम से भारत में प्रवेश करने के तीन मुख्य मार्ग थे। पहला, समुद्री मार्ग, जिसके द्वारा लोग पश्चिमी देशों से भारत के पश्चिमी तट तक पहुँचे। दूसरा, उत्तर-पश्चिमी पर्वतीय दर्रे, जिनमें खैबर, गोमल और बोलन के दर्रे प्रमुख थे, जिनसे होकर आक्रमणकारी, व्यापारी और यात्री भारत में आए। तीसरा, मकरान मरु प्रदेश का समतल भाग, जो ईरान और बलूचिस्तान की ओर से भारत में प्रवेश का एक प्राकृतिक स्थल मार्ग प्रदान करता था।
34. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम के अनुसार उपभोक्ता को प्राप्त तीन प्रमुख अधिकार कौन-से हैं?
उत्तर – उपभोक्ता के तीन प्रमुख अधिकार निम्नलिखित हैं :
(i) सुरक्षा का अधिकार – उपभोक्ताओं को ऐसी वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षा पाने का अधिकार है जो उनके जीवन, स्वास्थ्य या संपत्ति के लिए हानिकारक अथवा जानलेवा हो सकती हैं।
(ii) सूचना का अधिकार – उपभोक्ताओं को वस्तुओं या सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता, मानक तथा मूल्य के बारे में पूर्ण और सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें।
(iii) सुनवाई का अधिकार – उपभोक्ताओं को अपने हितों से संबंधित शिकायतें और समस्याएँ उचित मंचों पर प्रस्तुत करने तथा उन पर विचार करवाने का अधिकार है।
35. संघीय शासन व्यवस्था की तीन विशेषताएँ बताइए।
उत्तर – संघीय शासन व्यवस्था की तीन प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं :
(i) सत्ता का दोहरा स्तर – संघीय शासन में सरकार के दो या अधिक स्तर होते हैं, जैसे केंद्र, राज्य (और स्थानीय स्तर), जो एक ही नागरिक समूह पर शासन करते हैं, परंतु प्रत्येक स्तर का अपना अलग-अलग अधिकार क्षेत्र होता है।
(ii) संविधान की सर्वोच्चता – संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है, जो केंद्र और राज्य सरकारों की शक्तियों तथा जिम्मेदारियों को निर्धारित करता है। संविधान में संशोधन की प्रक्रिया कठोर होती है और इसके लिए केवल किसी एक स्तर की सहमति पर्याप्त नहीं होती।
(iii) शक्तियों का स्पष्ट बँटवारा – केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन संविधान द्वारा किया गया है, जिसे संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के माध्यम से स्पष्ट किया गया है, ताकि दोनों सरकारें अपनी-अपनी सीमाओं में कानून बना सकें।
36. भारत में चाय की कृषि का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर – भारत में चाय की कृषि वृक्षारोपण (बागान) कृषि का प्रमुख उदाहरण है। चाय की खेती के लिए गरम और आर्द्र जलवायु (15°C से 30°C तापमान), 150-250 सेमी वार्षिक वर्षा, पाला-रहित मौसम, 600-2000 मीटर ऊँचाई तथा गहरी, उपजाऊ और अच्छी जल-निकासी वाली अम्लीय मिट्टी आदर्श होती है। प्रमुख उत्पादक राज्य असम, पश्चिम बंगाल (दार्जिलिंग), तमिलनाडु (नीलगिरि) और केरल हैं। यह एक श्रम-प्रधान कृषि है, जहाँ पत्तियों की चुनाई के लिए कुशल महिला श्रमिकों का उपयोग होता है तथा पत्तियों को इकट्ठा कर किण्वन, सुखाने आदि प्रक्रियाओं से चाय तैयार की जाती है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक एवं अग्रणी निर्यातक देश है, जो अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
37. मिस्र की प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रकाश डालिए।
उत्तर – प्राचीन मिस्र की प्रशासनिक व्यवस्था अत्यंत केंद्रीकृत, सुव्यवस्थित और संगठित थी। पूरे शासन की बागडोर राजा के हाथों में रहती थी और प्रशासन धर्म तथा राजनीति के घनिष्ठ संबंध पर आधारित था। इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं :
• फराओ (राजा) – फराओ शासन का सर्वोच्च अधिकारी होता था। उसे ईश्वर का पुत्र और देवताओं का प्रतिनिधि माना जाता था। उसके पास असीमित अधिकार होते थे और वही देश का सर्वोच्च शासक, कानून निर्माता तथा मुख्य न्यायाधीश होता था। उसके आदेश ही कानून माने जाते थे।
• वज़ीर (प्रधानमंत्री) – वज़ीर फराओ का सबसे विश्वसनीय और प्रमुख सहायक होता था। वह पूरे प्रशासन का संचालन करता था तथा कर-संग्रह, न्याय व्यवस्था, सिंचाई, निर्माण कार्यों और अधिकारियों की निगरानी करता था। वास्तव में वह प्रशासन की रीढ़ माना जाता था।
• प्रांतीय प्रशासन (नोम और नोमार्क) – पूरे देश को ‘नोम’ नामक प्रांतों में बाँटा गया था। प्रत्येक नोम का शासक नोमार्क कहलाता था, जो फराओ के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता था। वह अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, कर वसूली और प्रशासनिक कार्यों के लिए उत्तरदायी होता था।
• नौकरशाही और लेखक – लेखक और अधिकारी प्रशासन का महत्वपूर्ण अंग थे। वे करों का लेखा-जोखा रखते थे, सरकारी आदेश लिखते थे और अभिलेखों का संरक्षण करते थे। पूरी नौकरशाही एक निश्चित पदानुक्रम के अनुसार कार्य करती थी।
• धार्मिक और न्यायिक प्रभाव – प्रशासन और धर्म के बीच गहरा संबंध था। कई उच्च अधिकारी पुजारी भी होते थे और मंदिरों का प्रशासन पर प्रभाव था। न्याय फराओ के नाम पर दिया जाता था और कानून धार्मिक परंपराओं से जुड़े होते थे।
अथवा
मेसोपोटामिया सभ्यता के धार्मिक एवं सामाजिक जीवन का वर्णन कीजिए।
उत्तर – धार्मिक जीवन : मेसोपोटामिया के लोग बहुदेववादी थे और अनेक देवताओं की पूजा करते थे। उनके देवता सूर्य, चंद्रमा, नदियों तथा अन्य प्राकृतिक शक्तियों से जुड़े हुए थे। उनका विश्वास था कि देवता मानव जीवन और प्रकृति को नियंत्रित करते हैं, इसलिए उन्हें प्रसन्न रखना आवश्यक है। पूजा और अनुष्ठानों के लिए ऊँचे मंदिर बनाए जाते थे, जिन्हें जिगुरत कहा जाता था। ये जिगुरत नगर के संरक्षक देवता को समर्पित होते थे और धार्मिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र थे। पुरोहित वर्ग का समाज में विशेष स्थान था, जो पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन करता था।
• सामाजिक जीवन : मेसोपोटामिया का समाज मुख्य रूप से तीन वर्गों (उच्च वर्ग, मध्य वर्ग, निम्न वर्ग) में विभाजित था। उच्च वर्ग में राजा, शासक, पुजारी और बड़े अधिकारी शामिल थे। मध्य वर्ग में बड़े किसान, व्यापारी और सैनिक आते थे। निम्न वर्ग में छोटे किसान, श्रमिक और दास शामिल थे। परिवार व्यवस्था सुदृढ़ थी तथा विवाह और त्योहार सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। दास प्रथा प्रचलित थी; दास युद्धबंदी या कर्जदार हो सकते थे और उनसे शारीरिक या घरेलू कार्य करवाए जाते थे। स्त्रियों को समाज में सम्मान प्राप्त था और उन्हें संपत्ति रखने तथा व्यवसाय करने का अधिकार था, हालांकि उच्च वर्ग में बहुविवाह भी प्रचलित था। लोग गेहूँ, जौ और खजूर का भोजन करते थे तथा सूती और ऊनी वस्त्र पहनते थे।
SECTION – E (5 Marks)
38. राजनीतिक दल किसे कहते हैं? राजनीतिक दल क्या कार्य करते हैं?
उत्तर – राजनीतिक दल समान विचारधारा वाले लोगों का एक संगठित समूह होता है, जो अपने विचारों और नीतियों को जनता के सामने प्रस्तुत करता है तथा लोकतांत्रिक तरीकों से चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना चाहता है। राजनीतिक दल सरकार के गठन, संचालन और लोकतंत्र को मज़बूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
• राजनीतिक दल लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। इनके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं :
(i) चुनाव लड़ना – राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को चुनाव में खड़ा करते हैं। चुनाव जीतकर वे सरकार बनाते हैं या सत्ता में भागीदारी करते हैं।
(ii) नीतियों और कार्यक्रमों का निर्माण – राजनीतिक दल देश और समाज की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नीतियाँ और कार्यक्रम तैयार करते हैं तथा जनता को बताते हैं कि उनकी नीतियाँ अन्य दलों से बेहतर क्यों हैं।
(iii) जनमत का निर्माण – राजनीतिक दल जनता के विचारों को आकार देते हैं और अपने कार्यक्रमों के समर्थन में लोगों को जागरूक करते हैं, जिससे सार्वजनिक बहस और राजनीतिक चेतना विकसित होती है।
(iv) सरकार का गठन और संचालन – चुनाव में बहुमत प्राप्त करने वाला राजनीतिक दल सरकार बनाता है और अपनी नीतियों व कार्यक्रमों को लागू करता है।
(v) विपक्ष की भूमिका निभाना – जो राजनीतिक दल सत्ता में नहीं होते, वे विपक्ष की भूमिका निभाते हैं और सरकार की नीतियों व कार्यों की आलोचना करते हैं, जिससे सरकार पर नियंत्रण बना रहता है।
(vi) जनता और सरकार के बीच कड़ी – राजनीतिक दल जनता की समस्याओं और माँगों को सरकार तक पहुँचाते हैं तथा सरकारी निर्णयों की जानकारी जनता तक पहुँचाते हैं।
अथवा
विश्व की सबसे बेहतर शासन व्यवस्था किसे बताया गया है? इसे अन्य व्यवस्थाओं से बेहतर क्यों बताया गया है?
उत्तर – विश्व की सबसे बेहतर शासन व्यवस्था लोकतंत्र (Democracy) को माना जाता है, क्योंकि यह जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा चलाई जाती है। यह समानता, स्वतंत्रता और जवाबदेही पर आधारित होती है तथा नागरिकों को अपने शासक चुनने-हटाने का अधिकार देती है। इससे निरंकुशता से बचाव होता है और जनहित प्राथमिक रहता है।
• लोकतंत्र को बेहतर बताने के कारण :
(i) जनता का शासन और जवाबदेही – लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और ये प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं, जिससे सरकार जनता की इच्छा के अनुसार कार्य करती है।
(ii) समानता और स्वतंत्रता – लोकतंत्र जाति, धर्म, लिंग या वर्ग के भेदभाव के बिना सभी नागरिकों को समान अधिकार और स्वतंत्रता, जैसे बोलने की आज़ादी, प्रदान करता है।
(iii) भागीदारी और निर्णय – लोकतंत्र नागरिकों को शासन प्रक्रिया में भाग लेने और अपने जीवन को प्रभावित करने वाले निर्णयों में अपनी आवाज़ रखने का अवसर देता है, जिससे निर्णय अधिक प्रभावी होते हैं।
(iv) स्थिरता और शांतिपूर्ण परिवर्तन – लोकतंत्र चुनावों के माध्यम से सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की अनुमति देता है, जिससे हिंसक क्रांतियों या तख्तापलट से बचाव होता है।
(v) मानवीय गरिमा का सम्मान – लोकतंत्र व्यक्तिगत अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा करता है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा बनी रहती है और विविध विचारों को स्थान मिलता है।
39. उद्योग किस-किस प्रकार के प्रदूषण के लिए उत्तरदायी हैं? पर्यावरणीय निम्नीकरण की रोकथाम के लिए उद्योगों में क्या उपाय किए जा सकते हैं?
उत्तर – उद्योग मुख्य रूप से निम्नलिखित पाँच प्रकार के प्रदूषण के लिए उत्तरदायी हैं :
(i) वायु प्रदूषण – कारखानों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं, सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें वायु को प्रदूषित करती हैं। इसमें धूल और धुंध जैसे ठोस व तरल कण भी शामिल होते हैं।
(ii) जल प्रदूषण – उद्योगों द्वारा बिना उपचारित किया गया जैविक और अजैविक अपशिष्ट (जैसे रसायनों, भारी धातुओं और कीटनाशकों) को नदियों में छोड़ने से जल प्रदूषित होता है।
(iii) तापीय प्रदूषण – जब कारखानों और तापघरों से गर्म पानी को बिना ठंडा किए सीधे नदियों या तालाबों में छोड़ दिया जाता है, तो इससे जलीय जीवन को भारी नुकसान पहुँचता है।
(iv) भूमि प्रदूषण – औद्योगिक ठोस कचरा, कांच, हानिकारक रसायन और प्लास्टिक मिट्टी की उर्वरता को नष्ट कर देते हैं और उसे अनुपजाऊ बना देते हैं।
(v) ध्वनि प्रदूषण – भारी मशीनें, जनरेटर और निर्माण कार्यों से उत्पन्न शोर न केवल सुनने की क्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि मानसिक तनाव और हृदय गति भी बढ़ाता है।
• पर्यावरणीय निम्नीकरण की रोकथाम के उपाय :
(i) उद्योगों में स्क्रबर, इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर तथा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र स्थापित किए जाएँ।
(ii) औद्योगिक प्रक्रियाओं में जल का पुनर्चक्रण किया जाए।
(iii) स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया जाए।
(iv) औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निपटान किया जाए।
(v) उद्योगों के आसपास वृक्षारोपण किया जाए तथा प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए।
अथवा
पाइपलाइन परिवहन की दो विशेषताएँ बताइए। भारत में पाइपलाइन परिवहन के तीन प्रमुख जाल कौन-से हैं?
उत्तर – पाइपलाइन परिवहन की विशेषताएँ :
(i) निरंतर और सुरक्षित प्रवाह – पाइपलाइन परिवहन द्वारा तरल पदार्थ जैसे तेल और पानी तथा गैसीय पदार्थ जैसे प्राकृतिक गैस का 24×7 निरंतर परिवहन किया जाता है। इसमें मौसम, यातायात या भौगोलिक बाधाओं का बहुत कम प्रभाव पड़ता है। पाइपलाइन बंद प्रणाली होने के कारण रिसाव, चोरी और माल की क्षति की संभावना भी बहुत कम होती है, जिससे यह एक सुरक्षित परिवहन साधन माना जाता है।
(ii) कम परिचालन लागत – पाइपलाइन बिछाने में प्रारंभिक लागत अवश्य अधिक होती है, परंतु एक बार स्थापित हो जाने के बाद इसके संचालन और रखरखाव पर बहुत कम खर्च आता है। इसमें ईंधन, श्रम और समय की बचत होती है तथा बड़ी मात्रा में पदार्थों का परिवहन कम लागत पर किया जा सकता है। इसलिए लंबी दूरी के परिवहन के लिए यह अत्यंत किफायती साधन है।
• भारत के तीन प्रमुख पाइपलाइन जाल :
(i) असम-कानपुर पाइपलाइन – यह ऊपरी असम के तेल क्षेत्रों से गुवाहाटी और बरौनी होते हुए इलाहाबाद (प्रयागराज) तक तथा आगे कानपुर तक कच्चे तेल का परिवहन करती है। इसकी शाखाएँ बरौनी से हल्दिया और गुवाहाटी से सिलीगुड़ी तक जाती हैं।
(ii) सलाया-जालंधर पाइपलाइन – यह गुजरात के सलाया से वीरमगाम, मथुरा, दिल्ली और सोनीपत होते हुए पंजाब के जालंधर तक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन करती है। इसमें कोयली (वडोदरा) और पानीपत की रिफाइनरियाँ भी जुड़ी हुई हैं।
(iii) हजीरा-जगदीशपुर गैस पाइपलाइन – यह गुजरात के हजीरा से मध्य प्रदेश के विजयपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर तक प्राकृतिक गैस पहुँचाती है। इसकी शाखाएँ राजस्थान (कोटा) और उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर व बबराला तक फैली हैं।
अथवा
योग्यता आधारित प्रश्न (Competency Based) :
कैबिनेट मंत्री बुनियादी ढाँचे की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे। एक मंत्री यह समझा रहा था कि सड़कें आमतौर पर रेलवे लाइनो की तुलना में अधिक लाभप्रद क्यों होती हैं।
उसके संभावित तर्कों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर – मंत्री के संभावित तर्क :
(i) व्यापक पहुँच और कनेक्टिविटी – सड़कें गाँव-गाँव और घर-घर तक सीधी पहुँच बनाती हैं, जबकि रेलवे केवल निश्चित पटरियों तक सीमित रहती है। इससे दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्र भी शहरों से जुड़ते हैं, जिससे व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलता है।
(ii) लचीलापन और अनुकूलन – सड़क मार्गों को आवश्यकता अनुसार आसानी से बदला, बढ़ाया या नए मार्ग जोड़े जा सकते हैं। इसके विपरीत रेलवे लाइनें स्थायी होती हैं और उनमें परिवर्तन करना कठिन तथा महँगा होता है।
(iii) कम प्रारंभिक लागत – रेलवे लाइनों की तुलना में सड़कों का निर्माण कम खर्च में किया जा सकता है, क्योंकि इसमें पटरियाँ, सिग्नल प्रणाली और स्टेशन जैसी महँगी संरचनाओं की आवश्यकता नहीं होती। इससे सीमित बजट में भी बुनियादी ढाँचे का विकास संभव हो पाता है।
(iv) माल ढुलाई में आसानी (डोर-टू-डोर सेवा) – सड़क परिवहन माल को सीधे गोदाम से ग्राहक तक पहुँचाता है। इससे बार-बार लोडिंग-अनलोडिंग की आवश्यकता नहीं पड़ती और समय व लागत दोनों की बचत होती है।
(v) आपातकालीन सेवाओं में उपयोगिता – एम्बुलेंस, पुलिस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाएँ सड़कों के माध्यम से सीधे और शीघ्र किसी भी स्थान तक पहुँच सकती हैं। रेलवे परिवहन इस प्रकार की त्वरित सेवाओं के लिए उपयुक्त नहीं है।
(vi) उपयुक्तता – सड़क परिवहन सामान्य यातायात, छोटी दूरी और ग्रामीण संपर्क के लिए अधिक लाभप्रद है, जबकि रेलवे परिवहन भारी, लंबी दूरी और बल्क माल के लिए अधिक उपयुक्त होता है।
SECTION – F (5 Marks)
40. (A) दिए गए विश्व के रेखा मानचित्र पर एशिया में इंग्लैण्ड के कोई दो उपनिवेश दर्शाएँ। (भारत और श्रीलंका)
(B) दिए गए भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित बाँध दर्शाएँ :
(i) सरदार सरोवर बाँध (नर्मदा नदी, गुजरात)
(ii) हीराकुंड बाँध (महानदी, ओडिशा)
(iii) टिहरी बाँध (भागीरथी नदी, उत्तराखंड)
उत्तर –
