HBSE Class 10 Social Science Pre-Board Sample Paper 2026 Answer Key
SECTION – A (1 Mark)
1. ‘कामागाटा मारु’ क्या था?
(A) एक समुद्री जहाज
(B) एक पनडुब्बी
(C) एक हवाई जहाज
(D) एक ट्रेन
उत्तर – (A) एक समुद्री जहाज
2. बाल गंगाधर तिलक द्वारा संपादित ‘केसरी’ नामक समाचार पत्र किस भाषा में प्रकाशित हुआ था?
(A) उर्दू
(B) हिंदी
(C) अंग्रेजी
(D) मराठी
उत्तर – (D) मराठी
3. गायत्री महामंत्र किस वेद से सम्बन्धित है?
(A) ऋग्वेद
(B) सामवेद
(C) अथर्ववेद
(D) यजुर्वेद
उत्तर – (A) ऋग्वेद
4. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में हिन्दू जनसंख्या कितनी है?
(A) 85.3%
(B) 79.8%
(C) 65.4%
(D) 70.5%
उत्तर – (B) 79.8%
5. निम्नलिखित में से कौन-सा औपचारिक स्रोत नहीं है?
(A) सहकारी समितियां
(B) बैंक
(C) साहूकार
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर – (C) साहूकार
6. सरकार द्वारा प्रतिबन्ध या रुकावट को दूर करने की प्रक्रिया को किस नाम से जाना जाता है?
(A) वैश्वीकरण
(B) निजीकरण
(C) उदारीकरण
(D) निष्पक्ष व्यापार
उत्तर – (C) उदारीकरण
7. गुजरात में भूमि विनाश का मुख्य कारण क्या है?
(A) खनन
(B) अति पशुचारण
(C) वनों की कटाई
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर – (D) उपरोक्त सभी
8. कौन-सा उद्योग कच्चे माल के रूप में चूना पत्थर का उपयोग करता है?
(A) उर्वरक उद्योग
(B) सीमेंट उद्योग
(C) कपड़ा उद्योग
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर – (B) सीमेंट उद्योग
9. निम्नलिखित में से किसे ‘गोल्डन फाइबर’ कहा जाता है?
(A) जूट
(B) रेशम
(C) कपास
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर – (A) जूट
10. बेल्जियम की जनसंख्या का कितना प्रतिशत वालोनिया क्षेत्र में रहता है?
(A) 50%
(B) 59%
(C) 49%
(D) 40%
उत्तर – (D) 40%
11. निम्नलिखित में से कौन-सा संघ सूची का विषय नहीं है?
(A) संचार
(B) पुलिस
(C) रक्षा
(D) मुद्रा
उत्तर – (B) पुलिस
12. ‘वास्तविक विकेंद्रीकरण’ की दिशा में एक बड़ा कदम कब उठाया गया?
(A) 1991
(B) 1992
(C) 1993
(D) 1994
उत्तर – (B) 1992
13. भारतीय समाज की संरचना किस प्रकार की है?
उत्तर – बहुलतावादी (विविधतापूर्ण)
14. श्रीलंका की जनसंख्या में किस सामाजिक समूह की हिस्सेदारी सबसे अधिक है?
उत्तर – सिंहली
15. ‘सेवाएं’ किस क्षेत्र की गतिविधियां है?
उत्तर – तृतीयक क्षेत्र
16. अंग्रेजों ने भारत में …………. ई. में पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली लागु की।
उत्तर – 1835 ई.
17. भारतीय जनता पार्टी का गठन …………. में हुआ।
उत्तर – 1980 में
18. 2017 में मानव विकास सूचकांक में भारत का रैंक/स्थान ………….. था।
उत्तर – 130वां
19. अभिकथन (A) : उन्नीसवीं सदी में साम्राज्यवाद के विस्तार के लिए अनुकूल परिस्थितियों मौजूद थीं।
कारण (R) : बड़े पैमाने पर उत्पादन में वृद्धि हुई, कच्चे माल की कमी थी और माल बेचने के लिए नए बाजारों की आवश्यकता थी
(A) A और R दोनों सत्य हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
(B) A सत्य है लेकिन R असत्य है।
(C) A असत्य है लेकिन R सत्य है।
(D) A और R दोनों असत्य हैं।
उत्तर – (A) A और R दोनों सत्य हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
20. अभिकथन (A) : उपनिवेशीकरण के इतिहास से पता चलता है कि उपनिवेशों में समृद्ध संसाधन विदेशी आक्रमणकारियों के लिए मुख्य आकर्षण थे।
कारण (R) : किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए संसाधनों की उपलब्धता एक आवश्यक शर्त है।
(A) A और R दोनों सत्य हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
(B) A सत्य है लेकिन R असत्य है।
(C) A असत्य है लेकिन R सत्य है।
(D) A और R दोनों असत्य हैं।
उत्तर – (A) A और R दोनों सत्य हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
SECTION – B (2 Marks)
21. सरस्वती सिन्धु सभ्यता के दो व्यापारिक केन्द्रों के नाम बताइये।
उत्तर – लोथल और मोहनजोदड़ो
22. रोम को ‘सात पहाड़ियों का शहर’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर – क्योंकि यह शहर ऐतिहासिक रूप से सात पहाड़ियों पर बसा हुआ है।
23. खरीफ़ मौसम की चार फ़सलों के नाम बताइये।
उत्तर – धान, मक्का, कपास और बाजरा
24. मैंगनीज के दो उपयोग बताइये।
उत्तर – इस्पात निर्माण और रासायनिक उद्योग में
25. सतत विकास या धारणीय विकास से क्या अभिप्राय है?
उत्तर – सतत विकास से अभिप्राय ऐसे विकास से है जिसमें वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति इस प्रकार की जाए कि भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
26. प्रछन्न बेरोजगारी क्या है ?
उत्तर – जब किसी कार्य में आवश्यकता से अधिक लोग लगे हों, लेकिन कुछ लोगों को हटाने पर भी उत्पादन पर कोई प्रभाव न पड़े, तो उसे प्रछन्न बेरोजगारी कहते हैं।
27. एकात्मक सरकार क्या होती है?
उत्तर – जिस शासन व्यवस्था में सभी शक्तियाँ केंद्र सरकार के पास होती हैं और राज्यों को सीमित अधिकार दिए जाते हैं, उसे एकात्मक सरकार कहते हैं।
28. नारीवादी आन्दोलन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर – नारीवादी आन्दोलन वह आन्दोलन है जो महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार, सम्मान और अवसर दिलाने के लिए चलाया जाता है।
SECTION – C (3 Marks : CASE STUDY)
29. नीचे दिए गए अंश को पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दें :
वैदिक दर्शन में मनुष्य के जीवन को आध्यात्मिक व बुटिक दृष्टि से उन्नत करने के लिए चार पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) की व्यवस्था का उल्लेख है। इन पुरुषार्थों में धर्म मुख्य है। किसी वस्तु के स्वाभाविक गुणों को उसका धर्म कहते हैं जैसे अग्नि का धर्म गर्मी व तेज है। विद्यार्थी का धर्म पढ़ना और अध्यापक का धर्म पढ़ाना, राजा का धर्म प्रजा पालन व रक्षा करना तथा सूर्य का धर्म प्रकाश करना है। इसी प्रकार मानव का स्वाभाविक धर्म मानवता है। अतः धर्म का अर्थ “कर्तव्यबोध”। मनुष्य का नैतिक कर्तव्य ही उसका धर्म है।
प्रश्न :
(i) वैदिक दर्शन में …………. पुरुषार्थों का उल्लेख है।
उत्तर – चार
(ii) विद्यार्थी का धर्म क्या है?
उत्तर – पढ़ना
(iii) धर्म का अर्थ क्या है?
उत्तर – धर्म का अर्थ कर्तव्यबोध अथवा मनुष्य का नैतिक कर्तव्य है।
30. श्यामल का कहना है कि उन्हें अपनी 1.5 एकड़ जमीन की जुताई के लिए हर मौसम में पैसे उधार लेने पड़ते हैं। कुछ साल पहले तक वह गांव से कर्ज लिया करते थे जिस पर साहूकार को 5% मासिक ब्याज (60% वार्षिक) देना पड़ता था। पिछले कुछ वर्षों से श्यामल गाँव के एक कृषि व्यवसायी से 3% मासिक ब्याज की दर पर ऋण ले रहा है। जुताई के मौसम की शुरुआत में, व्यवसायी कृषि संबंधी ज़रूरतें प्रदान करता है। व्यापारी ऋण पर ब्याज के अलावा किसानों से यह वादा भी लेता है कि वह अपनी फसल भी उसे बेचेगा। इससे कारोबारी को भरोसा रहता है कि उसका कर्ज समय पर चुका दिया जाएगा। फसल की कीमतें कटाई के समय तय होती हैं; इसलिए वह भारी मुनाफा कमाता है। किसानों से कम कीमत पर फसल खरीदना और फिर कीमत बढ़ने पर उसे बेचना। उस समय फसल खरीदने से व्यापारी को लाभ मिलता है। वह सस्ते में फसल खरीदता है और बाद में कीमत बढ़ने पर बेच देता है।
प्रश्न :
(i) उपरोक्त पैराग्राफ में, श्यामल को किस स्रोत से ऋण मिलता है?
उत्तर – गाँव के कृषि व्यवसायी (अनौपचारिक स्रोत) से
(ii) ऋण के अनौपचारिक स्रोत का कौन-सा नकारात्मक पक्ष दिखाया गया है?
उत्तर – अनौपचारिक स्रोतों में उच्च ब्याज दर ली जाती है और किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर किया जाता है।
(iii) ऋण के औपचारिक स्रोतों में क्या शामिल हैं?
उत्तर – ऋण के औपचारिक स्रोतों में बैंक, सहकारी समितियाँ और सरकारी संस्थाएँ शामिल हैं।
31. आज विश्व के सौ से अधिक देश किसी न किसी प्रकार की लोकतांत्रिक राजनीति का दावा करते हैं और उसका अभ्यास करते हैं। उनके पास औपचारिक संविधान हैं, वे चुनाव कराते हैं, उनके पास पार्टियाँ हैं और वे नागरिकों के अधिकारों की गारंटी देते हैं। हालाँकि ये विशेषताएँ उनमें से अधिकांश के लिए सामान्य हैं। ये लोकतंत्र अपनी सामाजिक स्थितियों, अपनी आर्थिक उपलब्धियों और अपनी संस्कृतियों के संदर्भ में एक-दूसरे से बहुत भिन्न हैं।
प्रश्न :
(i) भारत में किस प्रकार की सरकार विद्यमान है?
उत्तर – लोकतांत्रिक सरकार
(ii) पैराग्राफ में उल्लिखित लोकतंत्र की दो विशेषताएँ लिखिए?
उत्तर – नियमित चुनाव और नागरिकों के अधिकारों की गारंटी।
(iii) विभिन्न देशों के लोकतंत्र एक-दूसरे से किस आधार पर भिन्न हैं?
उत्तर – विभिन्न देशों के लोकतंत्र सामाजिक परिस्थितियों, आर्थिक उपलब्धियों और संस्कृति के आधार पर एक-दूसरे से भिन्न हैं।
32. भारत एक उष्णकटिबंधीय देश है। इसमें सौर ऊर्जा के दोहन की अपार संभावनाएं हैं। फोटोवोल्टिक तकनीक सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में परिवर्तित करती है। सौर ऊर्जा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। भारत के विभिन्न हिस्सों में कुछ बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं जो ग्रामीण परिवारों की जलाऊ लकड़ी और गोबर के उपलों पर निर्भरता को कम कर देंगे।
प्रश्न :
(i) सौर ऊर्जा एक …………… ऊर्जा का स्रोत है।
उत्तर – नवीकरणीय
(ii) कौन-सी तकनीक सूर्य के प्रकाश को बिजली में परिवर्तित करती है?
उत्तर – फोटोवोल्टिक तकनीक
(iii) क्या सौर ऊर्जा प्रदूषण का कारण बनती है?
उत्तर – नहीं, सौर ऊर्जा प्रदूषण का कारण नहीं बनती।
SECTION – D (4 Marks)
33. साम्राज्यवाद को परिभाषित कीजिये। साम्राज्यवाद के नकारात्मक प्रभाव लिखिए।
उत्तर – साम्राज्यवाद वह नीति या व्यवस्था है जिसके अंतर्गत कोई शक्तिशाली राष्ट्र कमजोर देशों या क्षेत्रों पर राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य नियंत्रण स्थापित करता है तथा उनके संसाधनों का अपने लाभ के लिए उपयोग करता है। साम्राज्यवाद के नकारात्मक प्रभावों में उपनिवेशों का आर्थिक शोषण प्रमुख है, जिससे स्थानीय जनता गरीब होती गई। स्थानीय कुटीर एवं स्वदेशी उद्योग नष्ट हो गए। प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ और उपनिवेशों की राजनीतिक स्वतंत्रता समाप्त हो गई। इसके साथ-साथ उनकी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक ढाँचे को भी गंभीर क्षति पहुँची।
34. राजनैतिक दलों के कोई तीन कार्य लिखिए।
उत्तर – राजनैतिक दलों के कार्य :
(i) राजनैतिक दल चुनावों में भाग लेते हैं और अपने उम्मीदवार खड़े करते हैं।
(ii) वे नीतियाँ, कार्यक्रम और चुनावी घोषणापत्र तैयार करते हैं।
(iii) सरकार बनने पर राजनैतिक दल शासन चलाने और निर्णय लेने का कार्य करते हैं।
(iv) विपक्ष में रहकर वे सरकार की आलोचना करते हैं और उस पर नियंत्रण रखते हैं, जिससे लोकतंत्र मजबूत होता है।
35. अधिकांश कपास मिलें गुजरात और महाराष्ट्र में केंद्रीकृत क्यों हैं?
उत्तर – गुजरात और महाराष्ट्र में कपास मिलों के केंद्रीकरण का मुख्य कारण यहाँ कपास का प्रचुर उत्पादन है, जिससे कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इन राज्यों की गरम और आर्द्र जलवायु कपास उद्योग के लिए अनुकूल है। इसके अतिरिक्त यहाँ परिवहन के अच्छे साधन, बंदरगाहों की निकटता, सस्ते और कुशल श्रम की उपलब्धता तथा बड़े उपभोक्ता बाजारों की उपस्थिति कपास मिलों के विकास में सहायक रही है। इसके साथ ही, इन क्षेत्रों में पूँजी निवेश और औद्योगिक परंपरा पहले से विकसित थी तथा विद्युत और जल की पर्याप्त आपूर्ति भी मिलों के केंद्रीकरण का एक महत्वपूर्ण कारण रही है।
36. वैश्वीकरण के सकारात्मक प्रभाव लिखिए।
उत्तर – वैश्वीकरण से विश्व के विभिन्न देशों के बीच व्यापार और निवेश में वृद्धि हुई है। उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाले और विविध प्रकार के उत्पाद सुलभ हुए हैं। इससे नई तकनीक, पूँजी और ज्ञान का आदान-प्रदान संभव हुआ है। इसके अलावा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आगमन से रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं तथा देशों की आर्थिक विकास की गति में तेजी आई है। वैश्वीकरण के कारण उत्पादन लागत में कमी आई है और कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिससे उपभोक्ताओं को कम कीमत पर बेहतर वस्तुएँ मिलती हैं। साथ ही, इससे अंतरराष्ट्रीय संपर्क और सहयोग को बढ़ावा मिला है।
SECTION – E (5 Marks)
37. सरस्वती सिन्धु सभ्यता के पतन के कारणों के बारे में विस्तार से लिखें।
उत्तर – सरस्वती-सिंधु सभ्यता के पतन के निम्नलिखित कारण थे :
(i) प्रशासनिक शिथिलता – सभ्यता के अंतिम चरण में शासन व्यवस्था कमजोर हो गई। नगर नियोजन, सफ़ाई व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण में गिरावट आने लगी, जिसके कारण बड़े नगरों का महत्व कम होता गया और बस्तियों का आकार सीमित हो गया।
(ii) बाढ़ – मोहनजोदड़ो, चौन्हाड़ो तथा लोथल की खुदाइयों से बार-बार आने वाली बाढ़ के प्रमाण मिले हैं। इन बाढ़ों ने नगरों, कृषि भूमि और जनजीवन को भारी नुकसान पहुँचाया, जिससे लोग इन क्षेत्रों को छोड़ने लगे।
(iii) जलवायु परिवर्तन – जलवायु में परिवर्तन के कारण वर्षा की मात्रा कम हो गई और नदियों के मार्ग बदल गए। इससे कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ और खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया, जो सभ्यता के पतन का एक प्रमुख कारण बना।
(iv) महामारी – मोहनजोदड़ो से प्राप्त 42 मानव कंकालों के अध्ययन से पता चलता है कि उनमें से अधिकांश की मृत्यु मलेरिया जैसी महामारियों के कारण हुई थी। इससे जनसंख्या में कमी आई और सामाजिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
(v) विदेश व्यापार में बाधाएँ – इस सभ्यता का विदेशों से व्यापार धीरे-धीरे कम होने लगा। व्यापार में गिरावट के कारण आर्थिक स्थिति कमजोर हुई, जिससे नगरों का विकास रुक गया और सभ्यता पतन की ओर बढ़ने लगी।
38. भारत में लौह-अयस्क के वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर – लौह अयस्क एक सार्वभौमिक उपयोग की धातु है। यह आधुनिक सभ्यता की रीढ़ है। यह हमारे बुनियादी उद्योग की नींव है और इसका उपयोग पूरी दुनिया में किया जाता है। किसी देश के लोगों के जीवन स्तर का अंदाजा लोहे की खपत से लगाया जाता है। लोहे को लौह अयस्क के रूप में खदानों से निकाला जाता है। विभिन्न प्रकार के लौह अयस्क में शुद्ध लोहे का प्रतिशत अलग-अलग होता है।
लौह अयस्क की निम्नलिखित चार किस्में आम तौर पर पहचानी जाती हैं :
(i) मैग्नेटाइट – यह लौह अयस्क की सबसे अच्छी गुणवत्ता है और इसमें 72 प्रतिशत शुद्ध लोहा होता है। इसमें चुंबकीय गुण होता है और इसलिए इसे मैग्नेटाइट कहा जाता है। यह आंध्र प्रदेश, झारखंड, गोवा, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में पाया जाता है।
(ii) हेमेटाइड – यह लाल,कत्थ, रंग का होता हैं। इसमें 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत शुद्ध लोहा होता है और यह आंध्र प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान में पाया जाता है।
(iii) लिमोनाइट – इसमें 40 से 60 प्रतिशत तक शुद्ध लोहा होता है। इसका रंग पीला या हल्का भूरा होता है।
(iv) साइडेराइट – इसमें बहुत सी अशुद्धियाँ होती हैं और इसमें सिर्फ़ 48 प्रतिशत शुद्ध लोहा होता है। हालाँकि, चूने की मौजूदगी के कारण यह अपने आप फ़्लक्स हो जाता है।
39. उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 (COPRA) में दिए गए उपभोक्ता अधिकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 वस्तुओं या सेवाओं में कमियों और दोषों के विरुद्ध उपभोक्ताओं के हितों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने का प्रयास करता है। यह अनुचित या प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथाओं के विरुद्ध उपभोक्ता के अधिकारों को सुरक्षित करने का भी प्रयास करता है।
उपभोक्ता के अधिकार :
(i) सुरक्षा का अधिकार – खरीदने से पहले उपभोक्ता सामान की गुणवत्ता और गारंटी पर जोर दे सकता है। उन्हें आदर्श रूप से आईएसआई या एगमार्क जैसे प्रमाणित उत्पाद खरीदना चाहिए।
(ii) चुनने का अधिकार – उपभोक्ता को विभिन्न प्रकार की वस्तुओं में से और प्रतिस्पर्धी मूल्य में चुनने का अधिकार होना चाहिए।
(iii) सूचित किए जाने का अधिकार – खरीदारों को उत्पाद के सभी आवश्यक विवरणों के बारे में सूचित किया जाना चाहिए, उन्हें कार्यवार बनाना चाहिए, और खरीदारी के निर्णय को बदलना चाहिए।
(iv) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार – उपभोक्ता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और शोषण से बचना चाहिए। अज्ञानता उन्हें अधिक महंगी पड़ सकती है।
(v) सुने जाने का अधिकार – इसका मतलब है कि उपभोक्ता को उचित मंच पर अपनी शिकायत व्यक्त करने के लिए उचित ध्यान मिलेगा।
(vi) मुआवजा मांगने का अधिकार – यह परिभाषित करता है कि उपभोक्ता के पास अनुचित और अमानवीय प्रथाओं या उपभोक्ता के शोषण के खिलाफ निवारण का अधिकार है।
SECTION – F (5 Marks : MAP)
40. (A) दिए गए विश्व के रेखा मानचित्र पर एशिया में इंग्लैण्ड के कोई दो उपनिवेश दर्शाएँ। (भारत और श्रीलंका)
(B) दिए गए भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित बाँध दर्शाएँ :
(i) सरदार सरोवर बाँध (नर्मदा नदी, गुजरात)
(ii) हीराकुंड बाँध (महानदी, ओडिशा)
(iii) टिहरी बाँध (भागीरथी नदी, उत्तराखंड)
उत्तर –
