HBSE Class 10 Physical Education Question Paper 2025 Answer Key

Haryana Board (HBSE) Class 10 Physical Education Question Paper 2025 with a fully solved answer key. Students can use this HBSE Class 10 Physical Education Solved Paper to match their responses and understand the question pattern. This BSEH Physical Education Answer Key 2025 is based on the latest syllabus and exam format to support accurate preparation and revision for the board exams.

HBSE Class 10 Physical Education Question Paper 2025 Answer Key

SECTION – A (1 Mark)

1. रणजी ट्रॉफी का सम्बन्ध निम्नलिखित में से किस खेल से है?
(A) फुटबॉल
(B) हॉकी
(C) बास्केटबॉल
(D) क्रिकेट
उत्तर – (D) क्रिकेट

2. वायुमंडल में सबसे अधिक विद्यमान गैस कौन-सी है?
(A) ऑक्सीजन
(B) कार्बन डाइऑक्साइड
(C) नाइट्रोजन
(D) आर्गन
उत्तर – (C) नाइट्रोजन (लगभग 78%)

3. चूहों से कौन-सा रोग फैलता है?
(A) चेचक
(B) प्लेग
(C) पेचिश
(D) डिप्थीरिया
उत्तर – (B) प्लेग

4. प्लेटलेट्स का मुख्य कार्य है :
(A) रक्त-दाब बनाए रखना
(B) रक्त को बहने से रोकना
(C) ऑक्सीजन ग्रहण करना
(D) रोग के रोगाणुओं को नष्ट करना
उत्तर – (B) रक्त को बहने से रोकना

5. अर्जुन पुरस्कार के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(A) इस पुरस्कार की शुरुआत 1961 में की गई।
(B) यह उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दिया जाता है।
(C) यह उत्कृष्ट प्रशिक्षकों को दिया जाता है।
(D) इसमें 15 लाख रुपये पुरस्कार राशि दी जाती है।
उत्तर – (C) यह उत्कृष्ट प्रशिक्षकों को दिया जाता है।

6. हमारे राष्ट्रीय चिन्ह में शेरों के अतिरिक्त हैं :
(A) बैल, घोड़ा
(B) बैल, गाय
(C) बैल, चाँद
(D) बैल, जिराफ
उत्तर – (A) बैल, घोड़ा

7. पेरिस ओलम्पिक-2024 में मनु भाकर ने ………….. खेल में दो कांस्य पदक जीते।
उत्तर – शूटिंग (निशानेबाजी)

8. डेकाथलॉन में ………….. इवेंट्स होते हैं।
उत्तर – 10

9. एडीज इजिप्टी नामक मच्छर के काटने से ……………. रोग फैलता है।
उत्तर – डेंगू

10. पानी में घुलनशील विटामिन कौन-कौन-से हैं?
उत्तर – विटामिन B और विटामिन C

11. प्रसिद्ध भारतीय महिला ओलम्पिक खिलाड़ी मणिका बत्रा का सम्बन्ध किस खेल से है?
उत्तर – टेबल टेनिस

12. मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार में विजेता को कितनी राशि दी जाती है?
उत्तर – 25 लाख रुपये

13. अभिकथन (A) : विटामिन ‘सी’ खट्टे रसदार फलों में पाया जाता है।
कारण (R) : विटामिन ‘सी’ की कमी से बेरी-बेरी रोग हो जाता है।
(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(C) अभिकथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(D) अभिकथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर – (C) अभिकथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(क्योंकि बेरी-बेरी रोग विटामिन B1 की कमी से होता है)

14. अभिकथन (A) : वायुमंडल में लगभग 0.03% कार्बन डाइऑक्साइड गैस विद्यमान है।
कारण (R) : कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से वायुमंडल का तापमान बढ़ जाता है, जो ग्लोबल वार्मिंग का एक प्रमुख कारण है।
(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(C) अभिकथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(D) अभिकथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर – (B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।

15. अभिकथन (A) : तपेदिक या क्षय रोग वायु द्वारा फैलने वाला एक संक्रामक रोग है।
कारण (R) : यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक रोगाणु द्वारा फैलता है।
(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(C) अभिकथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(D) अभिकथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।
उत्तर – (A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

SECTION – B (2 Marks)

16. किशोरों के लिए प्रोटीन क्यों आवश्यक है?
उत्तर – किशोरों के लिए प्रोटीन आवश्यक है क्योंकि इस अवस्था में शरीर की तेज़ वृद्धि और विकास होता है। प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों और ऊतकों के निर्माण व मरम्मत में सहायक होता है तथा रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रोटीन के प्रमुख स्रोत दूध, अंडे, दालें, मछली और मांस हैं।

अथवा

ध्वनि प्रदूषण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर – ध्वनि प्रदूषण से तात्पर्य वातावरण में उत्पन्न होने वाली अत्यधिक, अनावश्यक तथा कर्णकटु ध्वनियों से है, जो मानव के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता तथा दैनिक जीवन पर हानिकारक प्रभाव डालती हैं। यह ध्वनि प्रायः वाहनों, लाउडस्पीकरों, मशीनों और औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न होती है।

17. प्रथम एशियाई खेल कहाँ आयोजित किये गए थे? अब तक भारत में कितने एशियाई खेल आयोजित हो चुके हैं?
उत्तर – प्रथम एशियाई खेल 1951 में नई दिल्ली, भारत में आयोजित किए गए थे। अब तक भारत में कुल दो बार एशियाई खेलों का आयोजन हो चुका है (1951 और 1982), दोनों ही बार नई दिल्ली में।

अथवा

दूषित पानी के माध्यम से फैलने वाले किन्हीं दो रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर – हैजा और टाइफाइड

18. भारत की राष्ट्रीय एकता के मार्ग में बाधक किन्हीं दो कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर : सांप्रदायिकता – जब कोई धार्मिक समूह अपने धर्म को देश से ऊपर मानता है और अन्य धर्मों के प्रति असहिष्णु हो जाता है, तो सांप्रदायिकता जन्म लेती है, जिससे राष्ट्रीय एकता प्रभावित होती है।
• जातिवाद – जाति व्यवस्था के आधार पर उत्पन्न भेदभाव राष्ट्रीय एकता के लिए एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि इससे समाज में विभाजन पैदा होता है।

19. मानव शरीर में कितने प्रकार की मांसपेशियाँ पाई जाती हैं? उनके नाम बताइये।
उत्तर – मानव शरीर में तीन प्रकार की मांसपेशियाँ पाई जाती हैं: कंकालीय मांसपेशी (ऐच्छिक), चिकनी मांसपेशी (अनैच्छिक) और हृदय मांसपेशी।

20. नॉक-आउट और लीग टूर्नामेंट प्रणाली के बीच कोई दो अंतर लिखिए।
उत्तर – (i) नॉक-आउट टूर्नामेंट में एक मैच हारते ही टीम प्रतियोगिता से बाहर हो जाती है, जबकि लीग टूर्नामेंट में प्रत्येक टीम को सभी या अधिकांश टीमों के साथ खेलने का अवसर मिलता है।
(ii) नॉक-आउट प्रणाली में मैचों की संख्या कम होती है और समय कम लगता है, जबकि लीग प्रणाली में मैचों की संख्या अधिक होती है और अधिक समय की आवश्यकता होती है।

21. खेलों में भाग लेने से महिलाओं में किन चार गुणों का विकास होता है?
उत्तर – खेलों में भाग लेने से महिलाओं में निम्नलिखित गुणों का विकास होता है :
(i) आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान
(ii) नेतृत्व क्षमता
(iii) अनुशासन एवं टीम भावना
(iv) शारीरिक स्वास्थ्य एवं सहनशक्ति

SECTION – C (3 Marks)

22. वर्तमान समय में वायु प्रदूषण एक प्रमुख समस्या का रूप धारण कर रही है, इसके कारणों का उल्लेख करते हुए नियंत्रण के उपायों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – वर्तमान समय में वायु प्रदूषण एक प्रमुख पर्यावरणीय समस्या बन चुका है। इसके मुख्य कारणों में वाहनों से निकलने वाला धुआँ, औद्योगिक इकाइयों से उत्सर्जित हानिकारक गैसें, ईंधनों का अत्यधिक दहन, पराली जलाना तथा निर्माण कार्यों से उत्पन्न धूल शामिल हैं, जिससे मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
वायु प्रदूषण के नियंत्रण के उपायों में स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधनों का प्रयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, वाहनों का नियमित प्रदूषण परीक्षण, उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का उपयोग, तथा वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना प्रमुख हैं।

अथवा

मानव शरीर में पाई जाने वाली विभिन्न ज्ञानेन्द्रियाँ कौन-कौन-सी हैं? संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर – मानव शरीर में पाँच प्रमुख ज्ञानेन्द्रियाँ पाई जाती हैं, जो हमें बाहरी वातावरण की जानकारी प्रदान करती हैं :
(i) आँख (दृष्टि इन्द्रिय) – वस्तुओं को देखने और रंग-आकार पहचानने का कार्य करती है।
(ii) कान (श्रवण इन्द्रिय) – ध्वनि सुनने तथा शरीर का संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है।
(iii) नाक (घ्राण इन्द्रिय) – गंध पहचानने का कार्य करती है।
(iv) जीभ (स्वाद इन्द्रिय) – विभिन्न स्वादों को पहचानने में सहायक होती है।
(v) त्वचा (स्पर्श इन्द्रिय) – गर्म-ठंडा, दर्द और स्पर्श का अनुभव कराती है।

23. संतोष ट्रॉफी पर एक संक्षिप्त नोट लिखें।
उत्तर – संतोष ट्रॉफी भारत की एक प्रमुख राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता है, जो कूच बिहार के महाराजा संतोष के नाम पर प्रदान की गई थी। इसकी शुरुआत वर्ष 1941 में हुई और इसका आयोजन प्रतिवर्ष अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के अंतर्गत किया जाता है। इसमें भारत के विभिन्न राज्यों तथा रेलवे और सेना जैसी सरकारी संस्थानों की टीमें भाग लेती हैं, और बंगाल ने इसे सर्वाधिक बार जीता है, जबकि पंजाब ने पहली बार 1970 में यह ट्रॉफी जीती।

अथवा

एड्स क्या है? इसके फैलने के माध्यमों का उल्लेख करें।
उत्तर – एड्स (AIDS- Acquired Immune Deficiency Syndrome) एक गंभीर संक्रामक रोग है, जो HIV नामक विषाणु के संक्रमण से होता है। यह रोग धीरे-धीरे मानव शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट कर देता है, जिससे व्यक्ति साधारण संक्रमणों और बीमारियों से भी आसानी से ग्रसित हो जाता है।
• एड्स के फैलने के प्रमुख माध्यम निम्नलिखित हैं :
(i) संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध।
(ii) संक्रमित रक्त या रक्त उत्पादों का प्रयोग।
(iii) संक्रमित सुई, सिरिंज या ब्लेड का साझा उपयोग।
(iv) संक्रमित माँ से शिशु में गर्भावस्था, प्रसव अथवा स्तनपान के दौरान।

24. राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर – राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए :
• राष्ट्रीय ध्वज स्वच्छ और सही अनुपात (3:2) में होना चाहिए। फटा या गंदा ध्वज नहीं फहराना चाहिए। ध्वज फहराते समय केसरिया रंग ऊपर, सफेद बीच में (अशोक चक्र सहित) और हरा नीचे होना चाहिए।
• ध्वज को तेजी से फहराया जाए और धीरे-धीरे सम्मानपूर्वक उतारा जाए। फहराते समय सभी को सावधान मुद्रा में रहना चाहिए तथा राष्ट्रगान/सलामी दी जानी चाहिए।
• ध्वज को भूमि या पानी को स्पर्श नहीं करने देना चाहिए, न ही उसे पोशाक, सजावट या विज्ञापन के रूप में प्रयोग करना चाहिए। ध्वज सामान्यतः सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जाना चाहिए।

25. खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों में किन-किन गुणों का विकास होता है? संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर – खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों में निम्नलिखित प्रमुख गुणों का विकास होता है :
(i) शारीरिक गुण – खेलों से सहनशक्ति, शक्ति, फुर्ती, गति और शरीर के समन्वय में वृद्धि होती है।
(ii) मानसिक गुण – प्रतियोगिताएँ आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, एकाग्रता, धैर्य और तनाव को नियंत्रित करने की शक्ति विकसित करती हैं।
(iii) सामाजिक गुण – खिलाड़ियों में टीम भावना, सहयोग, अनुशासन, संचार कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
(iv) नैतिक एवं चारित्रिक गुण – खेल भावना, ईमानदारी, साहस तथा हार-जीत को समान रूप से स्वीकार करने की प्रवृत्ति विकसित होती है।

26. खेलों में महिलाओं की कम भागीदारी होने के किन्हीं तीन कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – खेलों में महिलाओं की कम भागीदारी के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं :
(i) सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूढ़ियाँ – समाज में यह धारणा प्रचलित है कि खेल लड़कियों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, जिससे उन्हें खेलने के लिए प्रोत्साहन नहीं मिलता।
(ii) पारिवारिक जिम्मेदारियाँ – लड़कियों पर कम उम्र से ही घरेलू कार्यों और पारिवारिक दायित्वों का बोझ डाल दिया जाता है, जिससे खेलों के लिए समय नहीं मिल पाता।
(iii) सुविधाओं और सुरक्षा की कमी – महिलाओं के लिए पर्याप्त खेल मैदान, प्रशिक्षण सुविधाएँ तथा सुरक्षा के अभाव के कारण उनकी खेलों में भागीदारी सीमित रह जाती है।

27. अर्जुन पुरस्कार क्या है? इस पुरस्कार के लिए पात्रता की किन्हीं दो शतों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – अर्जुन पुरस्कार भारत सरकार द्वारा खिलाड़ियों को खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं निरंतर प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय खेल सम्मान है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1961 में हुई थी और यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान माना जाता है। अर्जुन पुरस्कार के अंतर्गत विजेता को अर्जुन की कांस्य प्रतिमा, एक प्रशस्ति पत्र तथा ₹15 लाख की नकद राशि प्रदान की जाती है।
• अर्जुन पुरस्कार के लिए पात्रता की दो शर्तें :
(i) खिलाड़ी ने पिछले चार वर्षों में राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो।
(ii) खिलाड़ी ने खेल के दौरान उत्कृष्ट खेल भावना, अनुशासन और आचरण का पालन किया हो।

SECTION – D (5 Marks)

28. विटामिन क्या हैं? विभिन्न विटामिनों की प्राप्ति के स्रोत व कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – विटामिन ऐसे जैविक यौगिक हैं, जो शरीर के विकास, रखरखाव तथा सही कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक होते हैं। ये सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा तो नहीं देते, लेकिन शरीर की विभिन्न जैव-रासायनिक एवं शारीरिक क्रियाओं के संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं। शरीर अधिकांश विटामिनों का निर्माण स्वयं नहीं कर सकता, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है।
• विटामिनों को सामान्यतः दो वर्गों में बाँटा जाता है ;
(i) वसा में घुलनशील विटामिन – ये विटामिन वसा में घुलते हैं तथा शरीर में यकृत और वसा ऊतकों में संग्रहित हो जाते हैं। इनमें प्रमुख विटामिन A, D, E और K शामिल हैं।
• विटामिन A
स्रोत : गाजर, दूध, मक्खन, हरी पत्तेदार सब्जियाँ
कार्य : आँखों की रोशनी बनाए रखना और त्वचा को स्वस्थ रखना
• विटामिन D
स्रोत : सूर्य का प्रकाश, दूध, अंडा, मछली
कार्य : हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाना, कैल्शियम के अवशोषण में सहायता
• विटामिन E
स्रोत : वनस्पति तेल, मेवे, अंकुरित अनाज
कार्य : त्वचा को स्वस्थ रखना और प्रजनन क्षमता में सहायक
• विटामिन K
स्रोत : हरी पत्तेदार सब्जियाँ, गोभी
कार्य : रक्त का थक्का जमाने में सहायता
(ii) पानी में घुलनशील विटामिन – ये विटामिन पानी में घुलते हैं और शरीर में संग्रहित नहीं होते, इसलिए इन्हें नियमित रूप से आहार में शामिल करना आवश्यक होता है। इनमें विटामिन B समूह और विटामिन C शामिल हैं।
• विटामिन B समूह
स्रोत : साबुत अनाज, दालें, दूध, अंडे
कार्य : ऊर्जा उत्पादन, तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखना
• विटामिन C
स्रोत : नींबू, संतरा, आंवला, टमाटर
कार्य : रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना और घाव भरने में सहायता

अथवा

मानव पाचन तंत्र क्या है? शरीर की पाचन प्रक्रिया में सहायक अंगों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर – मानव पाचन तंत्र अंगों का वह समूह है, जो भोजन को ग्रहण करने, उसे सरल घुलनशील पदार्थों में बदलने, पोषक तत्वों के अवशोषण तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करता है। पाचन तंत्र के माध्यम से भोजन शरीर को ऊर्जा, वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।
मानव पाचन प्रक्रिया में निम्नलिखित मुख्य एवं सहायक अंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं :
(i) मुख – पाचन की प्रक्रिया यहीं से प्रारंभ होती है। दाँत भोजन को चबाते हैं और जीभ उसे निगलने में सहायता करती है। लार ग्रंथियाँ लार स्रावित करती हैं, जिसमें प्टायलिन एंजाइम होता है, जो कार्बोहाइड्रेट का पाचन प्रारंभ करता है।
(ii) ग्रासनली – यह एक पेशीय नली होती है, जो भोजन को मुख से आमाशय तक पहुँचाती है। इसमें पाचन नहीं होता, केवल भोजन का परिवहन होता है।
(iii) आमाशय – आमाशय में भोजन को मथकर गैस्ट्रिक रस के साथ मिलाया जाता है। इसमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और पेप्सिन एंजाइम पाया जाता है, जो प्रोटीन के पाचन में सहायक होता है।
(iv) यकृत – यकृत पित्त रस का निर्माण करता है, जो वसा के पाचन में सहायक होता है। यह शरीर का सबसे बड़ा ग्रंथि अंग है।
(v) अग्न्याशय – यह अग्न्याशयी रस स्रावित करता है, जिसमें एमाइलेज, ट्रिप्सिन और लाइपेज जैसे एंजाइम होते हैं, जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के पाचन में सहायता करते हैं।
(vi) छोटी आँत – यहाँ भोजन का पूर्ण पाचन तथा पोषक तत्वों का अवशोषण होता है। यह पाचन का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
(vii) बड़ी आँत – इसमें जल का अवशोषण होता है और अपचित भोजन मल के रूप में संग्रहित होकर बाहर निकलता है।

29. डेंगू बुखार के फैलने के कारणों, लक्षणों तथा रोकथाम के उपायों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – डेंगू बुखार एक गंभीर संक्रामक वायरल रोग है, जो एडीज इजिप्टी नामक मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर प्रायः दिन के समय (विशेषकर सुबह और शाम) सक्रिय रहता है तथा साफ और रुके हुए पानी में पनपता है। डेंगू को सामान्यतः “ब्रेक-बोन फीवर” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें जोड़ों और हड्डियों में अत्यधिक दर्द होता है।
(ii) डेंगू के फैलने के कारण –
• संक्रमित मादा एडीज मच्छर का काटना ही डेंगू के फैलने का मुख्य कारण है।
• घरों व आसपास साफ पानी का जमा होना जैसे कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर आदि।
• मच्छर द्वारा संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में वायरस का स्थानांतरण।
• स्वच्छता की कमी, जल निकासी की खराब व्यवस्था तथा बरसात के मौसम में पानी का ठहराव।
(ii) डेंगू बुखार के लक्षण –
• अचानक तेज बुखार (कभी-कभी 104°F तक)।
तेज सिरदर्द, आँखों के पीछे दर्द तथा जोड़ों और मांसपेशियों में तीव्र पीड़ा।
• मतली, उल्टी, कमजोरी और भूख न लगना।
• कुछ मामलों में त्वचा पर लाल चकत्ते, प्लेटलेट्स की संख्या में कमी और रक्तस्राव।
(iii) डेंगू से बचाव एवं रोकथाम के उपाय –
• घर व आसपास पानी जमा न होने दें तथा कूलर, टंकियाँ और बर्तनों को ढककर रखें।
• मच्छरदानी, रिपेलेंट क्रीम का उपयोग करें और पूरे बाजू के कपड़े पहनें।
• घर और आसपास नियमित साफ-सफाई रखें तथा गड्ढों को भरें।
• मच्छर नियंत्रण के लिए कीटनाशक छिड़काव करें और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

अथवा

टूर्नामेंट करवाने के लिए कौन-कौन-सी प्रणालियाँ / विधियाँ अपनाई जाती हैं? विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
उत्तर – टूर्नामेंट के आयोजन के लिए विभिन्न प्रणालियाँ अपनाई जाती हैं। इनका चयन टीमों की संख्या, उपलब्ध समय, संसाधनों तथा प्रतियोगिता के स्तर को ध्यान में रखकर किया जाता है।
• प्रमुख टूर्नामेंट प्रणालियाँ निम्नलिखित हैं :
(i) नॉकआउट टूर्नामेंट प्रणाली – इस प्रणाली में एक मैच हारने वाली टीम या खिलाड़ी तुरंत प्रतियोगिता से बाहर हो जाता है और जीतने वाली टीम अगले दौर में प्रवेश करती है। इस प्रणाली में कम समय, कम खर्च और कम मैदानों की आवश्यकता होती है, लेकिन इसमें अच्छी टीमें भी जल्दी बाहर हो सकती हैं तथा सभी प्रतिभागियों को खेलने के समान अवसर नहीं मिलते।
(ii) लीग या राउंड रॉबिन टूर्नामेंट प्रणाली – इस प्रणाली में प्रत्येक टीम अन्य सभी टीमों के साथ मुकाबला करती है और अंक प्रणाली के आधार पर विजेता घोषित किया जाता है। यह प्रणाली सबसे न्यायसंगत मानी जाती है क्योंकि हर टीम को अपनी क्षमता दिखाने का पूरा अवसर मिलता है, हालांकि इसमें अधिक समय और अधिक खर्च की याद रहती है।
(iii) कॉम्बिनेशन टूर्नामेंट प्रणाली – जब टीमों की संख्या अधिक होती है, तब नॉकआउट और लीग प्रणालियों का मिश्रण अपनाया जाता है, जैसे पहले नॉकआउट और बाद में लीग या इसके विपरीत। यह प्रणाली समय की बचत के साथ-साथ श्रेष्ठ टीम के चयन में सहायक होती है।
(iv) चैलेंज टूर्नामेंट प्रणाली – यह प्रणाली प्रायः व्यक्तिगत खेलों में प्रयोग की जाती है, जिसमें खिलाड़ी एक-दूसरे को चुनौती देते हैं। इसमें सीढ़ी (Ladder) और पिरामिड विधि प्रमुख हैं, किंतु इसमें सभी खिलाड़ियों को समान अवसर नहीं मिल पाते।
(v) सीढ़ी प्रणाली – इस प्रणाली में टीमें सीढ़ीनुमा क्रम में रखी जाती हैं। निचली टीम ऊपरी टीम को चुनौती देकर अपनी स्थिति सुधार सकती है। यह प्रणाली क्लब या आंतरिक प्रतियोगिताओं में अधिक प्रचलित है।

30. रक्त परिसंचरण तंत्र क्या है? रक्त परिसंचरण तंत्र के विभिन्न अंगों के नाम और उनके कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – रक्त परिसंचरण तंत्र (Blood Circulatory System) शरीर की वह व्यवस्था है, जिसके द्वारा रक्त पूरे शरीर में निरंतर प्रवाहित होकर ऑक्सीजन, पोषक तत्व, हार्मोन आदि को विभिन्न अंगों तक पहुँचाता है तथा कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता करता है। यह तंत्र शरीर के सभी अंगों को आपस में जोड़कर उन्हें सुचारु रूप से कार्य करने में मदद करता है।
• रक्त परिसंचरण तंत्र के मुख्य अंग एवं उनके कार्य निम्नलिखित हैं :
(i) हृदय (Heart) – हृदय एक मांसल अंग है, जो रक्त को पंप करके पूरे शरीर में भेजता है। यह ऑक्सीजनयुक्त और अशुद्ध रक्त को अलग-अलग दिशाओं में प्रवाहित करता है।
(ii) रक्त (Blood) – रक्त शरीर में ऑक्सीजन, पोषक तत्व और हार्मोन का परिवहन करता है। यह रोगाणुओं से रक्षा, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर ले जाने में सहायक होता है।
(iii) धमनियाँ (Arteries) – धमनियाँ हृदय से ऑक्सीजनयुक्त रक्त को शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचाती हैं। इनकी दीवारें मोटी और लचीली होती हैं।
(iv) शिराएँ (Veins) – शिराएँ शरीर के विभिन्न भागों से अशुद्ध (ऑक्सीजन रहित) रक्त को वापस हृदय तक लाती हैं। इनमें वाल्व पाए जाते हैं, जो रक्त को पीछे बहने से रोकते हैं।
(v) केशिकाएँ (Capillaries) – केशिकाएँ बहुत पतली नलिकाएँ होती हैं, जिनके माध्यम से रक्त और ऊतकों के बीच गैसों तथा पोषक तत्वों का आदान-प्रदान होता है।

अथवा

संतुलित आहार किसे कहते हैं ? संतुलित आहार के आवश्यक घटकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर – संतुलित आहार वह आहार है जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व (जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, पानीऔर फाइबर) उचित मात्रा में होते हैं। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, विकास और मरम्मत में सहायता करता है, और रोगों से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। संतुलित आहार लेने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों बेहतर रहते हैं और शरीर सक्रिय और तंदुरुस्त रहता है।
• संतुलित भोजन के आवश्यक घटक :
(i) कार्बोहाइड्रेट – यह शरीर का मुख्य ऊर्जा स्रोत है। इससे मांसपेशियों और मस्तिष्क को सक्रिय रहने की शक्ति मिलती है। पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट से शरीर थकता नहीं है और दैनिक कार्य आसानी से किए जा सकते हैं। प्रमुख स्रोत: चावल, गेहूं, रोटी, आलू।
(ii) प्रोटीन – प्रोटीन शरीर के ऊतक निर्माण, वृद्धि और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत में सहायक है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर रोगों से बचाव करता है। प्रमुख स्रोत: दाल, अंडा, दूध, मांस, पनीर।
(iii) वसा – वसा ऊर्जा का भंडार है और शरीर के अंगों को सुरक्षा प्रदान करती है। यह शरीर में आवश्यक विटामिन के अवशोषण में मदद करती है और तापमान बनाए रखने में सहायक होती है। प्रमुख स्रोत: घी, तेल, मक्खन, मेवे।
(iv) विटामिन और खनिज – ये शरीर के सभी कार्यों को सुचारु रूप से चलाने, हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य बनाए रखने, रक्त निर्माण और प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। प्रमुख स्रोत: हरी सब्जियाँ, फल, दूध, अंडा।
(v) पानी – पानी शरीर में पोषक तत्वों के परिवहन, अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह हर कोशिका और अंग के लिए आवश्यक है।
(vi) फाइबर – फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है, कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है और भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है। प्रमुख स्रोत: फल, सब्जियाँ, दलहन।